2 अक्टूबर 2026
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पीएम मोदी ने वीडियोकॉल पर सराहा पायलट स्मित मच्छार को, बोले — '174 जानें बचाना वीर पुरुष का काम'

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पीएम मोदी ने वीडियोकॉल पर सराहा पायलट स्मित मच्छार को, बोले — '174 जानें बचाना वीर पुरुष का काम'

सारांश

174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से पीएम मोदी ने वीडियोकॉल पर बात की। स्मित ने बताया — संकट में हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे और 11 साल के अनुभव के बल पर दरवाजा खोलकर सबकी जान बचाई। मोदी ने उन्हें 'वीर पुरुष' कहा।

मुख्य बातें

पीएम मोदी ने 2 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियोकॉल पर बातचीत की।
स्मित ने फ्लाईदुबई के विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बचाई थी।
स्मित ने बताया कि वे उस संकट में हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे और उनका विश्वास है कि ईश्वर ने उनकी रक्षा की।
11 साल के विमानन अनुभव के बल पर, घायल और गिरी हुई अवस्था में भी उन्होंने केबिन का दरवाजा खोलकर सभी को बचाया।
पीएम मोदी ने स्मित को 'वीर पुरुष' कहा और उनके माता-पिता भूपेंद्रभाई व गीताबेन को संस्कार देने के लिए प्रणाम किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई के विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियोकॉल पर बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने स्मित के साहस, धैर्य और परिस्थितियों को संभालने की सूझबूझ की खुले दिल से प्रशंसा की। भावुक हुए स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि उस कठिन घड़ी में उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और उनका विश्वास है कि ईश्वर ने ही उनकी रक्षा की।

आपबीती: 'मार खा रहा था, फिर भी दरवाजा खोल दिया'

पीएम मोदी के सामने अपनी आपबीती साझा करते हुए कैप्टन स्मित मच्छार ने कहा, 'मैं अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहा था। मैं गिर चुका था। मेरे इतने घाव लग चुके थे कि मैं गिर गया था।' उन्होंने बताया कि उसी पल उन्हें महसूस हुआ कि यदि अब कुछ न किया तो परिणाम भयावह होगा।

स्मित ने कहा, 'मैं पिछले 11 साल से जहाज उड़ा रहा हूं। मुझे आंख बंद करके भी पता चल जाता है कि विमान में क्या हो रहा है। जब मैं नीचे गिरा हुआ था, तब भी मुझे एहसास हो रहा था कि जहाज नीचे जा रहा है।' उन्होंने कहा कि इसी क्षण उन्होंने ताकत जुटाई और केबिन का दरवाजा खोल दिया, क्योंकि वे जानते थे कि 'मैं इन सभी को नहीं मरने दे सकता।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि उस पूरी घटना में अन्य लोगों की भूमिका भी उतनी ही अहम रही।

हनुमान चालीसा और आस्था की ताकत

कैप्टन स्मित ने बताया कि वे मुश्किल वक्त में हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और उस संकट की घड़ी में भी उन्होंने यही किया। उनके शब्दों में — 'उस समय मैं हनुमान चालीसा बोल रहा था और मुझे पता है कि मुझे भगवान ने ही बचाया है।'

स्मित ने यह भी बताया कि वे रोज सुबह पूजा करते हैं और अपने दो साल के बेटे को गोद में लेकर हनुमान चालीसा सुनाते हैं। उन्होंने कहा, 'आज हम लोग देश से दूर हैं, लेकिन हमारी संस्कृति से दूर नहीं होना चाहिए।'

पीएम मोदी की भावभीनी प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्मित के हनुमान चालीसा वाले प्रसंग पर कहा कि इसके लिए वे स्मित के पिता भूपेंद्रभाई और माता गीताबेन को प्रणाम करते हैं, 'कि आपने ऐसे संस्कार दिए।' मोदी ने स्मित को 'वीर पुरुष' की संज्ञा देते हुए कहा कि हर देशवासी और दुनिया के लोग उनसे मिलने के लिए आतुर हैं और पूरा भारत उनके स्वागत के लिए तैयार है।

भावुक हुए कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री से कहा, 'आप मेरे सबसे बड़े आइडल हैं। आज आप जिस तरह से हौसला-अफजाई कर रहे हैं, मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है।'

घटना का व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब विमानन सुरक्षा और पायलटों के मानसिक साहस को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज है। गौरतलब है कि एक विमान में 174 यात्रियों की जीवन-रक्षा के लिए त्वरित निर्णय लेना असाधारण प्रशिक्षण और मानसिक दृढ़ता दोनों की माँग करता है। कैप्टन स्मित मच्छार का यह साहसिक कार्य अब भारतीय जनमानस में एक प्रेरणा-स्रोत के रूप में उभर रहा है।

पीएम मोदी ने बातचीत के अंत में कहा कि पूरा देश स्मित के दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता है। यह संवाद जहाँ एक ओर व्यक्तिगत वीरता को राष्ट्रीय पहचान देता है, वहीं आगामी दिनों में स्मित मच्छार के भारत आगमन पर देशव्यापी स्वागत की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी ज़रूरी है कि इस घटना से विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल और पायलटों की कार्यस्थल सुरक्षा पर ठोस नीतिगत विमर्श हो। व्यक्तिगत वीरता का उत्सव मनाते हुए प्रणालीगत सुधार की माँग को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैप्टन स्मित मच्छार ने क्या किया जिसके लिए पीएम मोदी ने उनकी प्रशंसा की?
कैप्टन स्मित मच्छार ने फ्लाईदुबई के एक विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बचाई। घायल और गिरी हुई अवस्था में भी उन्होंने अपनी 11 साल की उड़ान विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए केबिन का दरवाजा खोला और सभी को सुरक्षित किया।
पीएम मोदी और स्मित मच्छार की बातचीत कब हुई?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियोकॉल पर बातचीत की।
स्मित मच्छार ने हनुमान चालीसा के बारे में क्या कहा?
स्मित मच्छार ने बताया कि वे मुश्किल दौर में हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और उस विमान संकट के समय भी वे हनुमान चालीसा बोल रहे थे। उनका विश्वास है कि उस घड़ी में ईश्वर ने ही उनकी और 174 यात्रियों की रक्षा की।
पीएम मोदी ने स्मित मच्छार के परिवार के बारे में क्या कहा?
पीएम मोदी ने स्मित के हनुमान चालीसा पाठ के प्रसंग पर उनके पिता भूपेंद्रभाई और माता गीताबेन को प्रणाम किया, यह कहते हुए कि उन्होंने स्मित को ऐसे संस्कार दिए। मोदी ने पूरे देश की ओर से स्मित के दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना भी व्यक्त की।
स्मित मच्छार के भारत आगमन पर क्या होगा?
पीएम मोदी ने वीडियोकॉल के दौरान कहा कि पूरा भारत कैप्टन स्मित मच्छार का स्वागत करने के लिए उत्सुक है। उनके भारत आगमन पर देशव्यापी स्वागत की उम्मीद जताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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