गांधी जयंती 2026: तेलंगाना के राज्यपाल व CM रेवंत रेड्डी ने बापू घाट पर दी श्रद्धांजलि, डिजिटल म्यूजियम का उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर हैदराबाद के बापू घाट पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। लंगर हौज स्थित इस ऐतिहासिक घाट पर फूल चढ़ाकर उन्होंने बापू को नमन किया, जहाँ मूसी और एसी नदियों के संगम पर महात्मा गांधी की अस्थियाँ विसर्जित की गई थीं।
मुख्य घटनाक्रम
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद एक डिजिटल म्यूजियम का उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क, तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, मंत्री पोन्नम प्रभाकर, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, मोहम्मद अजहरुद्दीन, राज्यपाल के सलाहकार वी. हनुमंथ राव सहित अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
सर्वधर्म प्रार्थना सभा और विशेष प्रदर्शनी
नेताओं ने प्रार्थना हॉल में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में भी भाग लिया। हॉल में 76 फीट लंबी कोलाज दीवार स्थापित की गई है, जिस पर महात्मा गांधी की 400 से अधिक तस्वीरें लगाई गई हैं। यह प्रदर्शनी बापू के जीवन और संघर्ष को दृश्य रूप में प्रस्तुत करती है।
राज्यपाल का संदेश
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने अपने संदेश में कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और करुणा के आदर्श आज भी मानवता को प्रेरित करते हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी और कहा कि शास्त्री जी का जीवन सादगी, ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है। राज्यपाल ने नागरिकों से शांति, एकता और राष्ट्र सेवा के आदर्शों को बनाए रखते हुए एक विकसित और करुणामय भारत के निर्माण की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री का संकल्प
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने महात्मा गांधी को सत्य, शांति और करुणा के मूल्यों के प्रतीक के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने अहिंसा को हथियार बनाकर भारत के स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व किया और आत्मनिर्भरता, ग्राम स्वराज तथा सामाजिक समानता की मजबूत नींव रखी। रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना सरकार गांधी के सिद्धांतों पर चलते हुए राज्य को शांति, सामाजिक न्याय, समानता और विकास की ओर ले जाना चाहती है। उनके अनुसार, गांधी जी के आदर्शों पर आचरण ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।
ऐतिहासिक महत्व
गौरतलब है कि बापू घाट का विशेष ऐतिहासिक महत्व है — यह वही स्थान है जहाँ मूसी और एसी नदियों के संगम पर महात्मा गांधी की अस्थियाँ विसर्जित की गई थीं। प्रत्येक वर्ष गांधी जयंती पर यह स्थल राज्य नेतृत्व के श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का केंद्र बनता है। इस वर्ष डिजिटल म्यूजियम और विशाल कोलाज दीवार के उद्घाटन से इस आयोजन को एक स्थायी स्मारकीय स्वरूप मिला है।