गांधी जयंती 2026: खड़गे, रेवंत रेड्डी, सुक्खू और शिवकुमार ने बापू को अर्पित की श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक्स पर पोस्ट के ज़रिए बापू के सत्य, अहिंसा और सद्भाव के सिद्धांतों को आज के समय में प्रासंगिक बताया। यह दिन अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
खड़गे का संदेश: सत्याग्रह ही सच्ची श्रद्धांजलि
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर गांधीजी का प्रसिद्ध उद्धरण साझा किया — 'पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर आप पर हंसेंगे, फिर वो आप से लड़ेंगे और तब आप जीत जायेंगे।' उन्होंने लिखा कि गांधी ने न केवल भारत के स्वतंत्रता संग्राम को दिशा दी, बल्कि पूरी दुनिया को मानवता, करुणा और शांति का मार्ग दिखाया। खड़गे ने कहा कि जब गांधी के विचारों और मूल्यों के सामने नई चुनौतियाँ खड़ी हैं, तब सत्य, अहिंसा, सद्भाव और न्याय के सिद्धांतों पर अडिग रहना ही बापू को सच्ची श्रद्धांजलि है।
सुक्खू: संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक्स पर लिखा कि बापू को स्मरण करना सत्य, अहिंसा और मानवीय गरिमा के उन मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर है जिनकी आज सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने जोड़ा कि बढ़ती कटुता और असहिष्णुता के बीच गांधी का संदेश देश ही नहीं, दुनिया को संवाद, सह-अस्तित्व और संवेदनशीलता का मार्ग दिखाता है। सुक्खू ने सभी प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।
रेवंत रेड्डी: आजादी के सूत्रधार को नमन
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने एक्स पर अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि सत्य ही जिनका मार्ग था और अहिंसा ही जिनका शस्त्र था, ऐसे महात्मा की प्रेरणा सदैव अनुकरणीय है। उन्होंने गांधी को देश को आज़ादी दिलाने वाले महापुरुष के रूप में याद किया।
शिवकुमार: सशक्त और एकजुट समाज का संकल्प
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक्स पर लिखा कि महात्मा गांधी की सत्य और अहिंसा में आस्था ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को सबसे बड़ी नैतिक शक्ति प्रदान की। उन्होंने कहा कि बापू का सादा जीवन और शांति, समानता व भाईचारे का शाश्वत संदेश आज भी मार्गदर्शन करता है। शिवकुमार ने नागरिकों से आह्वान किया कि गांधी के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाकर और अधिक सशक्त, एकजुट व संवेदनशील समाज के निर्माण की प्रतिबद्धता दोहराएं।
गौरतलब: आज का दिन और इसका वैश्विक महत्व
गौरतलब है कि 2 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त है, जो गांधी की जयंती पर मनाया जाता है। यह वह दिन है जब विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता एकजुट होकर बापू के विचारों की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हैं। इस वर्ष कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सामूहिक रूप से सत्य और अहिंसा के संदेश को केंद्र में रखा, जिसे आलोचक मौजूदा राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में भी एक सांकेतिक कदम मानते हैं।