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महर्षि वाल्मीकि जयंती 2026: खड़गे, राहुल और प्रियंका ने दीं शुभकामनाएं, बताया समाज का मार्गदर्शक

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महर्षि वाल्मीकि जयंती 2026: खड़गे, राहुल और प्रियंका ने दीं शुभकामनाएं, बताया समाज का मार्गदर्शक

सारांश

महर्षि वाल्मीकि जयंती पर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने एक्स पर संदेश साझा कर आदिकवि को नमन किया। खड़गे ने मानवीय गरिमा और न्याय की बात कही, राहुल गांधी ने समरसता और करुणा को याद किया, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं ने भी वाल्मीकि की शिक्षाओं को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

मुख्य बातें

महर्षि वाल्मीकि जयंती 26 अक्टूबर 2026 को देशभर में मनाई गई।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर पोस्ट कर महर्षि वाल्मीकि को 'मानवता, समानता और न्याय के प्रेरणास्रोत' बताया।
राहुल गांधी ने वाल्मीकि को सत्य, न्याय, करुणा और समरसता के मार्गदर्शक के रूप में याद किया।
प्रियंका गांधी वाड्रा और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने भी शुभकामनाएं दीं।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वाल्मीकि की शिक्षाओं को समाज के लिए अमूल्य बताया।

महाकाव्य रामायण के रचयिता आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती के अवसर पर 26 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं ने महर्षि वाल्मीकि को उनके आदर्शों और योगदान के लिए स्मरण किया।

खड़गे का संदेश: सत्य, प्रेम और मानवीय गरिमा

मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार सुबह एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर उनके श्रीचरणों में कोटि-कोटि नमन। रामायण जैसी अमर रचना से मानवता को सत्य, प्रेम, करुणा और कर्तव्य का मार्ग दिखाने वाले महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन हमें हर पीड़ित के साथ खड़े होने और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने की प्रेरणा देता है। उनके विचारों में मानवता की आत्मा और उनके आदर्शों में समानता, न्याय और मानवीय गरिमा पर आधारित समाज की परिकल्पना बसती है।'

राहुल गांधी का संदेश: सत्य, न्याय और समरसता

राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, 'महाकाव्य रामायण के रचयिता, आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं। महर्षि वाल्मीकि जी ने समाज को सत्य, न्याय, करुणा और समरसता का मार्ग दिखाया। उनका जीवन-दर्शन सदैव हमारे लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।' गौरतलब है कि राहुल गांधी ने महर्षि वाल्मीकि की सामाजिक समरसता और न्याय की विरासत को रेखांकित किया।

प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं की शुभकामनाएं

प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने संदेश में लिखा, 'भगवान वाल्मीकि ने दया, करुणा और सेवा का संदेश देकर मानवता को रास्ता दिखाया। उनके उपदेश सदैव दुनिया को मार्ग दिखाते रहेंगे। जय भगवान वाल्मीकि।' वहीं, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने उन्हें 'भारतीय साहित्य के युगप्रवर्तक और संस्कृत काव्य परंपरा के महान पुरोधा' बताते हुए कहा कि उनकी कालजयी रचना सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा के शाश्वत आदर्शों से मानवता को प्रेरित करती रहेगी।

भूपेश बघेल का योगदान

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी जयंती पर शुभकामनाएं देते हुए कहा, 'महर्षि वाल्मीकि ने अपनी रचनाओं और विचारों से समाज को सत्य, न्याय, समानता और मानवता का संदेश दिया। उनकी अमूल्य शिक्षाएं सदैव समाज का मार्गदर्शन करती रहेंगी।'

महर्षि वाल्मीकि का ऐतिहासिक महत्त्व

महर्षि वाल्मीकि को संस्कृत साहित्य में 'आदिकवि' अर्थात् प्रथम कवि का दर्जा प्राप्त है। उनके द्वारा रचित रामायण न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से, बल्कि सामाजिक, नैतिक और साहित्यिक दृष्टि से भी भारतीय सभ्यता की आधारशिला मानी जाती है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में वाल्मीकि जयंती सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाई जा रही है और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में भी उनकी विरासत को लेकर सामाजिक और सांस्कृतिक चर्चाएं जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न्याय और सामाजिक समरसता जैसे मूल्यों की राजनीतिक पुनरावृत्ति भी है, जो कांग्रेस की वर्तमान विपक्षी रणनीति से मेल खाती है। यह ध्यान देने योग्य है कि वाल्मीकि जयंती विशेष रूप से अनुसूचित जाति समुदायों के लिए गहरी आस्था का पर्व है, और इस अवसर पर शीर्ष नेताओं का एक साथ सोशल मीडिया पर सक्रिय होना चुनावी दृष्टि से भी प्रासंगिक संकेत देता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन संदेशों को केवल सांस्कृतिक सद्भावना के रूप में देखती है, जबकि इनके भीतर सामाजिक न्याय की राजनीतिक भाषा स्पष्ट रूप से बुनी हुई है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महर्षि वाल्मीकि जयंती 2026 कब मनाई गई?
महर्षि वाल्मीकि जयंती 2026 में 26 अक्टूबर को मनाई गई। इस अवसर पर देशभर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए और प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
राहुल गांधी ने वाल्मीकि जयंती पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि महर्षि वाल्मीकि ने समाज को सत्य, न्याय, करुणा और समरसता का मार्ग दिखाया और उनका जीवन-दर्शन सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि को 'आदिकवि' और रामायण के रचयिता के रूप में याद किया।
मल्लिकार्जुन खड़गे का वाल्मीकि जयंती संदेश क्या था?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने महर्षि वाल्मीकि को 'आदिकवि' बताते हुए कहा कि उनका जीवन हर पीड़ित के साथ खड़े होने और अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने वाल्मीकि के आदर्शों में समानता, न्याय और मानवीय गरिमा पर आधारित समाज की परिकल्पना देखी।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने वाल्मीकि जयंती पर क्या संदेश दिया?
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि भगवान वाल्मीकि ने दया, करुणा और सेवा का संदेश देकर मानवता को रास्ता दिखाया और उनके उपदेश सदैव दुनिया को मार्ग दिखाते रहेंगे।
महर्षि वाल्मीकि का भारतीय साहित्य में क्या महत्त्व है?
महर्षि वाल्मीकि को संस्कृत साहित्य के 'आदिकवि' यानी प्रथम कवि का दर्जा प्राप्त है। उनके द्वारा रचित रामायण भारतीय सभ्यता, धर्म और नैतिकता की आधारशिला मानी जाती है, और उनकी शिक्षाएं आज भी सामाजिक न्याय तथा मानवीय गरिमा के प्रतीक के रूप में प्रासंगिक हैं।
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