26 अक्टूबर 2026
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गिरनार लिली परिक्रमा 2026: जूनागढ़ कलेक्टर ने किया मार्ग निरीक्षण, 5-7 लाख श्रद्धालुओं की तैयारी

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गिरनार लिली परिक्रमा 2026: जूनागढ़ कलेक्टर ने किया मार्ग निरीक्षण, 5-7 लाख श्रद्धालुओं की तैयारी

सारांश

पिछले साल बारिश के कारण रद्द हुई गिरनार लिली परिक्रमा इस वर्ष पूरी तैयारी के साथ लौट रही है। जूनागढ़ कलेक्टर ने 35 किमी मार्ग का निरीक्षण किया, पिछले साल के श्रद्धालुओं को विशेष आमंत्रण और 5-7 लाख तीर्थयात्रियों के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी है।

मुख्य बातें

जूनागढ़ जिला कलेक्टर योगेश चौधरी ने 26 अक्टूबर 2026 को गिरनार लिली परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण किया।
परिक्रमा कार्तिक महीने में देवउठनी एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा तक पाँच दिन चलेगी; मार्ग 35 किलोमीटर लंबा है।
प्रतिवर्ष 5 से 7 लाख श्रद्धालु परिक्रमा में भाग लेते हैं।
पिछले साल अत्यधिक वर्षा के कारण परिक्रमा नहीं हो सकी थी; उन श्रद्धालुओं को इस बार विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
मार्ग पर वन विभाग, पुलिस, डॉक्टर, एंबुलेंस, चेकपॉइंट, प्रकाश व्यवस्था और खान-पान स्टॉल सुनिश्चित किए जाएंगे।

गुजरात के जूनागढ़ जिले में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक गिरनार लिली परिक्रमा के लिए प्रशासनिक तैयारियाँ पूरी गति पकड़ चुकी हैं। जिला कलेक्टर योगेश चौधरी ने 26 अक्टूबर 2026 को 35 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को श्रद्धालुओं तथा वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। इस वर्ष परिक्रमा में 5 से 7 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

परिक्रमा का महत्त्व और स्वरूप

गिरनार लिली परिक्रमा प्रतिवर्ष कार्तिक महीने में देवउठनी एकादशी से आरंभ होकर कार्तिक पूर्णिमा तक लगभग पाँच दिनों तक चलती है। यह यात्रा गिरनार वन क्षेत्र और अभयारण्य के भीतर से गुज़रती है, जो इसे धार्मिक दृष्टि से विशिष्ट बनाती है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष अत्यधिक वर्षा के कारण यह परिक्रमा आयोजित नहीं हो सकी थी, जिससे लाखों श्रद्धालुओं की आस्था अधूरी रह गई थी।

पिछले साल के श्रद्धालुओं को विशेष आमंत्रण

कलेक्टर योगेश चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि जिन श्रद्धालुओं की परिक्रमा पिछले साल पूरी नहीं हो पाई थी, उन सभी को इस वर्ष प्रशासन की ओर से विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। यह कदम उन लाखों आस्थावान लोगों की भावना को सम्मान देने की प्रशासनिक पहल है।

सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था

पूरे 35 किलोमीटर के मार्ग पर वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें तैनात रहेंगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्थान-स्थान पर डॉक्टर नियुक्त किए जाएंगे, चेकपॉइंट स्थापित होंगे तथा एंबुलेंस सेवा सुलभ रहेगी। रात्रि परिक्रमा के लिए मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था और पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त पार्किंग, स्वच्छता और कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा खान-पान के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।

वन क्षेत्र में सतर्कता की अपील

कलेक्टर ने श्रद्धालुओं से स्पष्ट अपील की कि वे निर्धारित मुख्य मार्ग पर ही रहें और जंगल के अंदरूनी हिस्सों में प्रवेश न करें, क्योंकि यह क्षेत्र वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत आता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यप्राणियों के संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है।

प्रशासन की अपील

कलेक्टर योगेश चौधरी ने सभी श्रद्धालुओं से प्रशासन को सहयोग देने की अपील करते हुए कहा कि इससे पाँच दिवसीय परिक्रमा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सकेगी। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, बल्कि गुजरात की सांस्कृतिक पहचान का भी अभिन्न हिस्सा है। अगले कुछ दिनों में अंतिम तैयारियाँ पूरी कर ली जाएंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा वन्यजीव संरक्षण और तीर्थयात्री प्रबंधन के बीच संतुलन की होगी — खासकर तब, जब यह क्षेत्र एक सक्रिय अभयारण्य है। 5-7 लाख लोगों की आवाजाही के बीच 'मुख्य मार्ग पर रहें' की अपील तभी कारगर होगी जब जमीन पर पर्याप्त निगरानी हो, न कि केवल प्रेस ब्रीफिंग में।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरनार लिली परिक्रमा 2026 कब होगी?
गिरनार लिली परिक्रमा 2026 कार्तिक महीने में देवउठनी एकादशी से शुरू होकर कार्तिक पूर्णिमा तक लगभग पाँच दिन चलेगी। यह परिक्रमा गुजरात के जूनागढ़ जिले में गिरनार वन क्षेत्र के 35 किलोमीटर लंबे मार्ग पर आयोजित होती है।
गिरनार परिक्रमा में कितने श्रद्धालु भाग लेते हैं?
जिला कलेक्टर योगेश चौधरी के अनुसार, गिरनार लिली परिक्रमा में हर साल लगभग 5 से 7 लाख श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं। इस वर्ष पिछले साल की परिक्रमा रद्द होने के कारण भागीदारी और अधिक रहने की संभावना है।
पिछले साल गिरनार परिक्रमा क्यों नहीं हुई थी?
पिछले साल अत्यधिक वर्षा के कारण गिरनार लिली परिक्रमा का आयोजन नहीं हो सका था। जो श्रद्धालु उस वर्ष परिक्रमा पूरी नहीं कर पाए, उन्हें इस बार जूनागढ़ प्रशासन की ओर से विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।
गिरनार परिक्रमा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के क्या इंतज़ाम हैं?
पूरे 35 किलोमीटर के मार्ग पर वन विभाग और पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर, चेकपॉइंट और एंबुलेंस की सुविधा होगी; साथ ही रात में प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और सामाजिक संस्थाओं के खान-पान स्टॉल भी उपलब्ध रहेंगे।
गिरनार परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं से क्या सावधानियाँ बरतने को कहा गया है?
जिला कलेक्टर ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मुख्य परिक्रमा मार्ग पर ही रहें और जंगल के अंदरूनी हिस्सों में प्रवेश न करें, क्योंकि यह क्षेत्र वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत आता है। प्रशासन का सहयोग करने की भी अपील की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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