गुजरात में नर्मदा परिक्रमा की भव्य तैयारी, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तृत प्रबंध
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात में नर्मदा परिक्रमा का आयोजन 19 मार्च से 17 अप्रैल तक होगा।
- राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए कई सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं।
- सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
- परिक्रमा क्षेत्र की सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
- आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
गांधीनगर, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय संस्कृति में साधु-संतों और श्रद्धालुओं के लिए नर्मदा परिक्रमा केवल एक यात्रा नहीं है, बल्कि यह आस्था, साधना और आध्यात्मिक शक्ति का एक अद्वितीय अनुभव है। गुजरात में आयोजित होने वाली उत्तर वाहिनी पंचकोशी नर्मदा परिक्रमा इसी प्राचीन परंपरा का जीवंत उदाहरण है, जहाँ भक्त नर्मदा माता की पूजा करते हुए आध्यात्मिक साहस के माध्यम से शांति का अनुभव करते हैं।
गुजरात सरकार हर वर्ष आयोजित होने वाली उत्तर वाहिनी पंचकोशी नर्मदा परिक्रमा को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएँ करती है। इस वर्ष (गुजराती विक्रम संवत के अनुसार) आगामी फाल्गुन वद अमावस्या 19 मार्च से लेकर चैत्र वद अमावस्या 17 अप्रैल तक चलने वाली इस 30 दिवसीय नर्मदा परिक्रमा के लिए राज्य सरकार ने तैयारियों में तेजी लाने का निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘विकास भी, विरासत भी’ के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के साथ आधुनिक सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नर्मदा परिक्रमा के लिए ऐसी व्यवस्थाएँ कर रही है, जिनमें श्रद्धा, सुरक्षा और सुविधा तीनों का समावेश होगा।
नर्मदा परिक्रमार्थियों की दुर्गम यात्रा को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात पवित्र यात्राधाम विकास बोर्ड (जीपीवाईवीबी) द्वारा परिक्रमा के दौरान आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को आरामदायक सुविधाएँ प्रदान करने के लिए लगभग 10 करोड़ रुपए की लागत से स्थायी और अस्थायी ढांचागत सुविधाएँ स्थापित की जा रही हैं। बढ़ती संख्या के मद्देनजर इस वर्ष परिक्रमा के लिए 5.41 करोड़ रुपए की लागत से अस्थायी सुविधाएँ भी सुदृढ़ की जा रही हैं।
इन सुविधाओं में अतिरिक्त डोम शेल्टर, मोबाइल टॉयलेट, वॉटर स्टेशन, मेडिकल यूनिट, 24X7 एम्बुलेंस, लाइटिंग और इमरजेंसी हेल्प पॉइंट शामिल होंगे। इसके साथ स्नानगृह, चेंजिंग रूम और क्लॉक रूम की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। परिक्रमा मार्ग पर सेवा केन्द्रों और दुकानों की भी व्यवस्था की जा रही है।
यात्राधाम बोर्ड द्वारा परिक्रमा क्षेत्र को स्वच्छ और स्वास्थ्यप्रद बनाए रखने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। महिला-पुरुष के लिए अलग अस्थायी शौचालय, मोबाइल टॉयलेट वैन और स्नान सुविधाएँ उपलब्ध रहेंगी। जलापूर्ति, ड्रेनेज और कूड़ा निकासी की योजनाबद्ध व्यवस्थाएँ की गई हैं। एक महीने की परिक्रमा के दौरान हाउसकीपिंग टीमें विभिन्न शिफ्टों में काम करती रहेंगी।
लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को भी मज़बूत किया गया है। पुलिस बूथ, सुरक्षा केबिन और वॉच टावर खड़े किए जा रहे हैं। प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मी विभिन्न शिफ्टों में तैनात रहेंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग व्यवस्था और आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से श्रद्धालुओं के आवागमन पर नजर रखी जाएगी।
परिक्रमा मार्ग और सभी घाटों को रोशनी देने के लिए व्यापक लाइटिंग व्यवस्था की जा रही है। समग्र परिक्रमा मार्ग पर एलईडी और फ्लड लाइट लगाई जाएँगी, जिससे रात के समय यात्रियों को सुरक्षित और स्पष्ट मार्ग प्राप्त हो। सार्वजनिक उद्घोषणाओं के लिए साउंड सिस्टम, वायरलेस कम्युनिकेशन और सीसीटीवी सर्विलांस की व्यवस्था भी रहेगी।
राज्य सरकार के सहयोग से यात्राधाम बोर्ड अब नर्मदा परिक्रमार्थियों के लिए धीरे-धीरे स्थायी सुविधाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है। अब तक 5.07 करोड़ रुपए की लागत से स्थायी सुविधाओं का विकास कार्य पूरा किया गया है, जो परिक्रमार्थियों के लिए स्थायी राहत का आधार बनेगा। इसमें श्री मढी देवस्थान में 99.68 लाख रुपए की लागत से पेवर ब्लॉक पाथवे, पेयजल की बड़ी टंकी, शौचालय और सोलर लाइट शामिल हैं।