अमरनाथ यात्रा: पहलगाम मार्ग बारिश से क्षतिग्रस्त, बालटाल रूट से जारी रहेगी यात्रा
सारांश
मुख्य बातें
श्री अमरनाथ यात्रा 25 जुलाई 2026 से अस्थायी रूप से केवल बालटाल मार्ग से संचालित की जा रही है, क्योंकि लगातार भारी बारिश के कारण पहलगाम मार्ग के कई हिस्सों को नुकसान पहुँचा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने मरम्मत पूरी होने तक पहलगाम रूट बंद रखने का निर्णय लिया है।
मार्ग बंद होने का कारण
कश्मीर के संभागीय आयुक्त अंशुल गर्ग ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि भारी वर्षा के चलते पहलगाम मार्ग के अनेक स्थानों पर क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि प्रभावित हिस्सों पर तत्काल मरम्मत और बहाली का कार्य शुरू कर दिया गया है। जब तक मार्ग पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक यात्रा केवल बालटाल रूट से चलती रहेगी।
बालटाल मार्ग पर व्यवस्थाएँ
गर्ग ने बताया कि बालटाल मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सभी ज़रूरी इंतज़ाम किए गए हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक सुविधाओं को और मज़बूत किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पहलगाम मार्ग की मरम्मत
संभागीय आयुक्त ने स्पष्ट किया कि पहलगाम मार्ग पर बहाली का काम युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है और जैसे ही मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होगा, उसे पुनः खोलने का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से बचें।
यात्रा की स्थिति और श्रद्धालुओं की संख्या
इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा में अभूतपूर्व श्रद्धालु उमड़े हैं। अब तक 3 लाख 95 हजार से अधिक तीर्थयात्री पवित्र अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन के अनुसार यात्रा अब तक शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संचालित हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की सक्रियता के कारण जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में मौसम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
आगे क्या होगा
सभी संबंधित विभाग मिलकर यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने में लगे हैं। मौसम की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है और ज़रूरत पड़ने पर समय-समय पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पहलगाम मार्ग के शीघ्र बहाल होने की उम्मीद के साथ प्रशासन यात्रियों को सुरक्षित दर्शन कराने के प्रति प्रतिबद्ध है।