एयर सुविधा 2.0 के नाम पर फर्जी वेबसाइटें सक्रिय, नागर विमानन मंत्रालय ने यात्रियों को किया सतर्क
सारांश
मुख्य बातें
नागर विमानन मंत्रालय ने 25 जुलाई 2026 को यात्रियों को आगाह किया कि एयर सुविधा 2.0 के नाम पर कई फर्जी वेबसाइटें और पोर्टल सक्रिय हैं, जो खुद को आधिकारिक बताकर यात्रियों को भुगतान गेटवे पर भेज रही हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि एयर सुविधा 2.0 की सभी सेवाएँ पूरी तरह निशुल्क हैं और इसका एकमात्र आधिकारिक पोर्टल airsuvidha.civilaviation.gov.in है।
मंत्रालय की चेतावनी का सार
मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "यात्रियों को सूचित किया जाता है कि एयर सुविधा 2.0 की सेवाएं पूरी तरह निशुल्क हैं और सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म जमा करने के लिए किसी भी प्रकार का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है।" मंत्रालय ने यात्रियों से अनुरोध किया कि वे किसी भी वेबसाइट पर व्यक्तिगत या यात्रा संबंधी जानकारी देने से पहले यूआरएल की सावधानीपूर्वक जाँच करें।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि यात्री केवल सरकार की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी अनधिकृत वेबसाइट पर भुगतान करने से बिल्कुल बचें।
एयर सुविधा 2.0 क्या है और इसे क्यों लाया गया
पिछले महीने नागर विमानन मंत्रालय ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के सहयोग से एयर सुविधा 2.0 लॉन्च किया था। यह पूरी तरह कॉन्टैक्टलेस पैसेंजर हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन पोर्टल है।
यह प्लेटफॉर्म विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा 17 मई को कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और युगांडा में फैले इबोला/बुंडीबुग्यो वायरस रोग के प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (PHEIC) घोषित किए जाने के बाद शुरू किया गया। इसका मकसद भारत के अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदुओं पर सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को मजबूत करना है।
डेटा साझाकरण और निगरानी व्यवस्था
अधिकारियों के अनुसार, नए सिस्टम के ज़रिए यात्रियों का डेटा एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) और स्टेट सर्विलांस ऑफिसर्स सहित कई एजेंसियों के साथ रियल-टाइम में साझा किया जा सकता है।
इस एकीकृत व्यवस्था से संक्रमण-जोखिम वाले यात्रियों की तेज़ी से पहचान, जाँच, निगरानी और ज़रूरी सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय संभव हो सकेंगे। मंत्रालय ने कहा कि पूरी प्रक्रिया कॉन्टैक्टलेस है — भारत पहुँचने पर यात्रियों को कोई भी फिजिकल डिक्लेरेशन फॉर्म भरने की ज़रूरत नहीं होगी।
यात्री क्या सावधानियाँ बरतें
मंत्रालय ने स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। यात्री केवल airsuvidha.civilaviation.gov.in पर ही सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरें। किसी भी वेबसाइट पर यूआरएल की जाँच करें और यदि वह आधिकारिक पोर्टल से अलग हो तो तुरंत बाहर निकलें। एयर सुविधा 2.0 के नाम पर माँगे गए किसी भी भुगतान को धोखाधड़ी समझें और संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब इबोला प्रकोप की पृष्ठभूमि में अंतरराष्ट्रीय यात्रा निगरानी पर सरकार की पकड़ कड़ी हो रही है और साइबर अपराधी इस स्वास्थ्य-आपात परिदृश्य का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।