इबोला प्रकोप के बीच भारत ने लॉन्च किया 'एयर सुविधा 2.0', अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अनिवार्य हेल्थ डिक्लेरेशन
सारांश
मुख्य बातें
नागर विमानन मंत्रालय ने 25 जून 2026 को दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) के सहयोग से 'एयर सुविधा 2.0' पोर्टल लॉन्च किया — एक पूर्णतः कॉन्टैक्टलेस यात्री स्वास्थ्य स्व-घोषणा प्रणाली, जो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को और सुदृढ़ करने के लिए तैयार की गई है। यह कदम विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में इबोला/बुंडिबुग्यो वायरस बीमारी के प्रकोप को 17 मई को अंतरराष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (PHEIC) घोषित किए जाने के बाद उठाया गया है।
क्या है 'एयर सुविधा 2.0'
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) के सहयोग से विकसित यह पोर्टल भारत आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक अनिवार्य ऑनलाइन हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म (SDF) भरना अनिवार्य बनाता है। यह प्रक्रिया इमिग्रेशन क्लियरेंस से पहले पूरी करनी होगी।
यात्रियों को इस फॉर्म में पिछले 21 दिनों की यात्रा का विवरण, किसी संक्रमित व्यक्ति या क्षेत्र से संभावित संपर्क की जानकारी, तथा यदि कोई लक्षण हों तो उनका उल्लेख करना होगा। अधिकारियों के अनुसार, यह फॉर्म भारत पहुँचने से 24 घंटे पहले तक भरा जा सकता है, और वेब चेक-इन के दौरान इसे भरने की सलाह दी गई है।
इबोला प्रकोप की पृष्ठभूमि
अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा प्रकोप की पुष्टि बुंडिबुग्यो वायरस डिजीज (BVD) के रूप में हुई है, जो इबोला वायरस परिवार का ही एक प्रकार है। WHO की घोषणा अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (IHR) 2005 के तहत की गई थी। WHO के ताज़ा आकलन के अनुसार, DRC और युगांडा से सटे देश, जैसे दक्षिण सूडान, भी संक्रमण फैलने के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में हैं।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियाँ सीमा-पार संक्रमण नियंत्रण के लिए डिजिटल निगरानी प्रणालियों को प्राथमिकता दे रही हैं — और भारत का यह कदम उसी दिशा में एक व्यावहारिक प्रयास माना जा रहा है।
रियल-टाइम डेटा साझाकरण की व्यवस्था
अधिकारियों के अनुसार, 'एयर सुविधा 2.0' प्रणाली यात्रियों की जानकारी को रियल-टाइम में कई एजेंसियों के साथ साझा करेगी — जिनमें एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (IDSP) और राज्य निगरानी अधिकारी शामिल हैं। यह एकीकृत डेटा-शेयरिंग व्यवस्था उन यात्रियों की त्वरित पहचान करने में सहायक होगी जो संक्रमण के जोखिम में हो सकते हैं, और ज़रूरत पड़ने पर समय रहते निगरानी, रेफरल तथा अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय किए जा सकेंगे।
यात्रियों के लिए प्रक्रिया
फॉर्म भरने के बाद यात्रियों को केवल डाउनलोड किया हुआ स्व-घोषणा फॉर्म अंतरराष्ट्रीय यात्रा स्वास्थ्य डेस्क या इमिग्रेशन काउंटर पर दिखाना होगा। पूरी प्रक्रिया कॉन्टैक्टलेस होने से एयरपोर्ट पर कागजी फॉर्म भरने की आवश्यकता समाप्त होगी और आगमन प्रक्रिया में होने वाली देरी भी कम होगी।
अधिकारियों ने कहा, 'सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म सही और समय पर भरें।' आने वाले हफ्तों में यह प्रणाली अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर भी लागू किए जाने की उम्मीद है।