कांगो में इबोला: बुनिया हवाई अड्डे पर सभी यात्री उड़ानें निलंबित, 82 पुष्ट मामले और 7 मौतें
सारांश
मुख्य बातें
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो (DRC) की सरकार ने पूर्वोत्तर इतुरी प्रांत की राजधानी बुनिया से आने-जाने वाली सभी यात्री उड़ानों पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। परिवहन मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय बुनिया क्षेत्र में तेज़ी से फैल रहे इबोला प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। 15 मई 2026 को इतुरी में आधिकारिक रूप से इबोला प्रकोप घोषित किया गया था।
उड़ान निलंबन का दायरा
सरकारी बयान के अनुसार, अगले आदेश तक बुनिया हवाई अड्डे पर कोई भी विमान न तो उतर सकेगा और न ही वहाँ से उड़ान भर सकेगा। इस प्रतिबंध में वाणिज्यिक, निजी और विशेष उड़ानें — तीनों श्रेणियाँ शामिल हैं। हालाँकि, मानवीय सहायता, चिकित्सा और आपातकालीन उड़ानों को सशर्त छूट दी जा सकती है, जिसके लिए विमानन और स्वास्थ्य अधिकारियों की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
प्रकोप की वर्तमान स्थिति
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने शुक्रवार को कहा कि DRC की स्थिति 'बहुत चिंताजनक' है। उनके अनुसार अब तक 82 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 7 लोगों की मौत हो चुकी है। घेब्रेयसस ने यह भी चेतावनी दी कि वास्तविक आँकड़े इससे कहीं अधिक हो सकते हैं — लगभग 750 संदिग्ध मामले और 177 संदिग्ध मौतें दर्ज की गई हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि क्षेत्र में हिंसा और असुरक्षा के कारण राहत एवं नियंत्रण कार्यों में गंभीर बाधाएँ आ रही हैं।
पड़ोसी देशों तक फैलाव
यह प्रकोप अब इतुरी तक सीमित नहीं रहा। बीमारी पड़ोसी प्रांतों नॉर्थ किवु और साउथ किवु तक फैल चुकी है। युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि वहाँ 3 नए इबोला मामले सामने आए हैं, जिससे पुष्ट मामलों की कुल संख्या 5 हो गई है। युगांडा की सीमा इतुरी प्रांत से लगती है, जो इस फैलाव को और अधिक चिंताजनक बनाता है।
बुंडिबुग्यो स्ट्रेन: वैक्सीन की कमी सबसे बड़ी चुनौती
यह प्रकोप इबोला के दुर्लभ 'बुंडिबुग्यो स्ट्रेन' से जुड़ा है, जो पहली बार 2007 में युगांडा में पहचाना गया था। यह उस 'जायर स्ट्रेन' से भिन्न है जो कांगो में पहले के बड़े प्रकोपों के लिए ज़िम्मेदार रहा है। गौरतलब है कि इस स्ट्रेन के लिए अभी तक कोई मंजूर वैक्सीन या विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है। WHO के अनुसार, संभावित वैक्सीन की उपलब्धता में अभी कई महीने लग सकते हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
WHO की वायरल रक्तस्रावी बुखार की तकनीकी अधिकारी अनाइस लेगैंड ने बुधवार को कहा कि भले ही संभावित वैक्सीन ट्रायल की तैयारी चल रही है, फिलहाल सर्वोच्च प्राथमिकता सुरक्षित उपचार केंद्रों की स्थापना, मरीजों के त्वरित स्थानांतरण की व्यवस्था और हर संदिग्ध मामले की शीघ्र पहचान एवं उपचार है। यह ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में सशस्त्र संघर्ष पहले से ही स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित कर रहा है। आने वाले हफ्तों में जाँच और परीक्षण की गति पर ही इस प्रकोप के नियंत्रण की संभावना निर्भर करेगी।