इबोला प्रकोप: WHO प्रमुख टेड्रोस की देशों से अपील — यात्रा प्रतिबंध और सीमा बंदी तुरंत हटाएं
सारांश
मुख्य बातें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने उन देशों से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है, जिन्होंने कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और युगांडा में फैले इबोला प्रकोप के चलते यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं या अपनी सीमाएं बंद कर दी हैं। 31 मई को इतुरी प्रांत की राजधानी बुनिया में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में टेड्रोस ने चेताया कि ऐसे प्रतिबंध राहत और बचाव कार्यों को और जटिल बना सकते हैं।
WHO प्रमुख की चेतावनी
टेड्रोस ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'मैं उन देशों से अपील करता हूं जिन्होंने यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं या सीमाएं बंद की हैं कि वे अपने फैसले पर फिर से विचार करें। ऐसे कदम बीमारी से लड़ने के प्रयासों को कठिन बना देते हैं और लोगों में पारदर्शिता और भरोसे को कम करते हैं, जबकि यही चीजें लोगों की जान बचाने में मदद करती हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि भले ही अभी इस बीमारी के लिए कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष दवा उपलब्ध नहीं है, समय पर और उचित चिकित्सा सुविधा मिलने पर मरीजों के ठीक होने की संभावना बनी रहती है।
प्रकोप की मौजूदा स्थिति
बुनिया इस समय इबोला प्रकोप का मुख्य केंद्र बना हुआ है और अब तक एक हजार से अधिक संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। टेड्रोस की बुनिया यात्रा का एक उद्देश्य प्रभावित समुदायों से सीधे मिलकर उनकी स्थिति को समझना भी था। यह ऐसे समय में आया है जब प्रकोप इतुरी, नॉर्थ किवु और साउथ किवु — तीन प्रांतों में फैल चुका है।
युगांडा में भी फैलाव
उधर, युगांडा में भी नौ मामलों की पुष्टि हो चुकी है। युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि राजधानी कंपाला में दो नए संक्रमण पाए गए हैं। कंपाला जैसे घनी आबादी वाले शहरी केंद्र में संक्रमण की पुष्टि को स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंताजनक मान रहे हैं, क्योंकि इससे संपर्क-अनुरेखण और अधिक जटिल हो जाता है।
DRC की नियंत्रण रणनीति
DRC के स्वास्थ्य मंत्री रोजर कंबा ने कहा कि देश का लक्ष्य है कि 'सबसे अच्छी स्थिति में' इस प्रकोप को चार से छह महीनों के भीतर नियंत्रित कर समाप्त कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि यह अनुमान देश के पिछले महामारी नियंत्रण अनुभव और इबोला वायरस की प्रकृति के आधार पर लगाया गया है। सबसे बड़ी प्राथमिकता वायरस को तीनों प्रभावित प्रांतों तक सीमित रखना और इसे आगे फैलने से रोकना है।
लैब क्षमता और परीक्षण की स्थिति
कंबा ने यह भी बताया कि देश की प्रयोगशाला जांच क्षमता अब काफी मजबूत हो चुकी है और कोई भी नमूना जांच के लिए लंबित नहीं है। अब तक लगभग 900 नमूनों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से करीब 260 पॉजिटिव पाए गए। उन्होंने आश्वस्त किया कि देश के पास अब इतनी क्षमता है कि वह रोजाना 200 से 300 नमूनों की जांच भी कर सकता है। गौरतलब है कि DRC पहले भी कई इबोला प्रकोपों का सामना कर चुका है, और यह उसका सबसे बड़ा परीक्षण फिर से सामने है।