युगांडा में इबोला के पाँच पुष्ट मामले: ड्राइवर, स्वास्थ्यकर्मी और DRC महिला संक्रमित
सारांश
मुख्य बातें
युगांडा में इबोला वायरस के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं — 23 मई 2026 को तीन नए पुष्ट मामले सामने आने के बाद देश में कुल संक्रमितों की संख्या पाँच हो गई है। युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की कि सभी मरीज़ों का उपचार जारी है और संपर्क में आए लोगों की पहचान कर ली गई है।
नए मामलों का विवरण
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, तीन नए पुष्ट मामलों में पहला वह ड्राइवर है, जिसने पहले पुष्ट मरीज़ को परिवहन किया था। दूसरा मामला एक स्वास्थ्यकर्मी का है, जो पहले कन्फर्म मरीज़ की देखभाल के दौरान वायरस के संपर्क में आया। तीसरा मामला लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो (DRC) की एक महिला का है, जो लक्षणों के साथ युगांडा पहुँची थी।
WHO की प्रतिक्रिया और जोखिम आकलन
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने शनिवार को युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय की संपर्क-अनुरेखण, निगरानी और देखभाल प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा, 'इस मुश्किल समय में यह बहुत ज़रूरी है कि अधिकारी वायरस को फैलने से रोकने के लिए पूरी सावधानी बरतें। WHO, अफ्रीका CDC और DRC व युगांडा में साझेदारों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि इस बीमारी को रोका जा सके, प्रभावित लोगों की मदद की जा सके और मिलकर काम करने को बढ़ावा दिया जा सके।'
WHO ने शुक्रवार को अपना जोखिम आकलन अपडेट करते हुए कहा कि कांगो में इबोला फैलने से स्वास्थ्य खतरा राष्ट्रीय स्तर पर 'बहुत अधिक', क्षेत्रीय स्तर पर 'अधिक' और वैश्विक स्तर पर 'कम' है।
अंतरराष्ट्रीय सहायता और फंडिंग
संयुक्त राष्ट्र के आपातकालीन राहत समन्वयक टॉम फ्लेचर ने शुक्रवार को घोषणा की कि वे कांगो और आसपास के क्षेत्र में इबोला प्रतिक्रिया को तेज़ करने के लिए केंद्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया कोष (CERF) से 6 करोड़ डॉलर तक की राशि जारी करेंगे।
अफ्रीका रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (अफ्रीका CDC) ने DRC और युगांडा में इस नए आउटब्रेक को काबू में करने के लिए वैश्विक एकजुटता की अपील की है।
निगरानी और नियंत्रण उपाय
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पुष्ट मामलों के संपर्क में आए सभी लोगों की पहचान कर ली गई है। रिस्पॉन्स टीमें उन पर करीब से नज़र रख रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब DRC में इबोला का प्रकोप पहले से जारी है और सीमा पार संक्रमण की आशंका लगातार बनी हुई है।
आगे क्या
गौरतलब है कि इबोला वायरस संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से फैलता है, इसलिए स्वास्थ्यकर्मियों और परिवहन में शामिल लोगों का संक्रमित होना एक गंभीर चेतावनी है। विशेषज्ञों के अनुसार, संपर्क-अनुरेखण की गति और सटीकता ही इस आउटब्रेक को सीमित रखने की कुंजी होगी।