कांगो में इबोला संकट गहराया: 101 पुष्ट मामले, 200 से अधिक संदिग्ध मौतें; बुनिया में उड़ानें बंद
सारांश
मुख्य बातें
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला का प्रकोप तेज़ी से फैल रहा है — स्वास्थ्य मंत्री रोजर काम्बा ने 27 मई 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अब तक 101 मामलों में संक्रमण की प्रयोगशाला से पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 1,000 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है। इस प्रकोप से जुड़ी 200 से 220 मौतें संदिग्ध रूप से दर्ज हैं, हालाँकि लैब परीक्षण से केवल 17 मौतों की आधिकारिक पुष्टि हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
यह प्रकोप इबोला के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से हुआ है। काम्बा के अनुसार यह स्ट्रेन जायर स्ट्रेन जितना घातक नहीं है, लेकिन यदि संक्रमण की रफ़्तार नहीं रोकी गई तो यह गंभीर खतरा बन सकता है। उल्लेखनीय है कि इस स्ट्रेन के लिए अभी तक कोई स्वीकृत वैक्सीन या विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है।
वायरस को आधिकारिक रूप से 15 मई 2026 को घोषित किया गया था, लेकिन काम्बा ने संकेत दिया कि इबोला का इनक्यूबेशन पीरियड 21 दिनों तक हो सकता है, इसलिए वायरस उससे पहले ही फैलना शुरू हो गया होगा। अब तक 'पेशेंट जीरो' — यानी सबसे पहला संक्रमित व्यक्ति — की पहचान नहीं हो सकी है।
प्रभावित क्षेत्र और यात्रा प्रतिबंध
इस प्रकोप का केंद्र इटुरी प्रांत की राजधानी बुनिया शहर है। शनिवार को सरकार ने बुनिया से आने-जाने वाली सभी नागरिक यात्री उड़ानों पर रोक लगा दी, जबकि मानवीय सहायता वाली उड़ानों को जारी रखने की अनुमति दी गई है। यह कदम संक्रमण को अन्य क्षेत्रों में फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है।
गौरतलब है कि 26 मई को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पुष्टि की थी कि पूर्वी डीआर कांगो के गोमा शहर में एक पुष्ट इबोला मरीज़ स्थानीय अस्पताल में इलाज करा रहा है और उसकी हालत 'काफी बेहतर' है। WHO की कार्यवाहक प्रतिनिधि एने एंसीया ने गोमा दौरे के दौरान यह जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि गोमा इस समय मार्च 23 मूवमेंट (M23) विद्रोही समूह के नियंत्रण में है, जो राहत और निगरानी कार्यों को और जटिल बनाता है।
नियंत्रण के उपाय
स्वास्थ्य अधिकारी संक्रमण रोकने के लिए कई स्तरों पर काम कर रहे हैं — निगरानी, व्यापक परीक्षण, मरीज़ों को पृथक रखना, संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग, सामुदायिक जागरूकता और सुरक्षित अंतिम संस्कार प्रक्रियाएँ। काम्बा ने बताया कि सरकार का जवाबी अभियान लगभग चार से छह महीने तक चल सकता है।
WHO ने कहा कि गोमा में फोकस स्वास्थ्य निगरानी, मरीज़ों के उपचार, संपर्क ट्रेसिंग और समुदाय की भागीदारी को मज़बूत करने पर है — ताकि बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के इस प्रकोप को समय रहते काबू में लाया जा सके।
आगे की राह
काम्बा ने स्वीकार किया कि महामारी अभी शुरुआती दौर में है और इसका भविष्य पूरी तरह रोकथाम प्रयासों की प्रभावशीलता पर निर्भर करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वी कांगो पहले से ही सशस्त्र संघर्ष और मानवीय संकट से जूझ रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच सीमित है। विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में इबोला नियंत्रण अभियान ऐतिहासिक रूप से अधिक चुनौतीपूर्ण रहे हैं।