27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कांगो में इबोला के 550 मामले, 101 मौतें; बुंडिबुग्यो स्ट्रेन का प्रकोप हर हफ्ते बढ़ रहा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कांगो में इबोला के 550 मामले, 101 मौतें; बुंडिबुग्यो स्ट्रेन का प्रकोप हर हफ्ते बढ़ रहा

सारांश

कांगो में इबोला के 550 मामले और 101 मौतें — और यह संख्या हर हफ्ते बढ़ रही है। बुंडिबुग्यो स्ट्रेन, लैब में रिएजेंट की कमी और 64% की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग दर मिलकर एक खतरनाक तस्वीर बना रहे हैं। 1.5 करोड़ की आबादी वाले पूर्वी प्रांतों से पलायन ने सीमा पार फैलाव का जोखिम भी बढ़ा दिया है।

मुख्य बातें

DRC में इबोला के कुल मामले बढ़कर 550 हुए, अब तक 101 मौतें दर्ज।
रविवार को अकेले 35 नए मामले और 10 मौतें ; ठीक होने वालों की संख्या मात्र 19 ।
कॉन्टैक्ट फॉलो-अप दर 64.4% — 95% के लक्ष्य से बहुत पीछे।
नॉर्थ किवु में रिएजेंट की कमी से 183 टेस्ट के नतीजे लंबित।
प्रभावित प्रांतों इतुरी, नॉर्थ किवु, साउथ किवु की आबादी लगभग 1.5 करोड़ ; बड़े पैमाने पर पलायन जारी।
प्रकोप की आधिकारिक घोषणा 15 मई को हुई थी; बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से फैला यह संक्रमण घातक हो सकता है।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला के कुल मामले बढ़कर 550 हो गए हैं, जिनमें अब तक 101 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह प्रकोप अभी भी नियंत्रण में नहीं आया है और साप्ताहिक आधार पर मामले बढ़ते जा रहे हैं। 9 जून को जारी ताज़ा अपडेट के अनुसार, यह संकट पूर्वी प्रांतों में गहराता जा रहा है।

ताज़ा आंकड़े और मौजूदा स्थिति

सोमवार को जारी आधिकारिक अपडेट के अनुसार, रविवार को अकेले पूर्वी प्रांतों इतुरी और नॉर्थ किवु में 35 नए मामले सामने आए, जिनमें 10 मौतें शामिल हैं। इस दौरान 7 मरीज़ स्वस्थ हुए, जिससे अब तक ठीक होने वालों की कुल संख्या 19 हो गई है। रविवार तक 309 लोग आइसोलेशन में या अस्पताल में भर्ती थे — इनमें 116 पुष्ट और 193 संदिग्ध मामले शामिल हैं।

कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में गंभीर खामियाँ

प्रभावित तीनों प्रांतों में कॉन्टैक्ट फॉलो-अप दर बढ़कर 64.4% हो गई है — 5,418 संपर्कों की पहचान की गई, जिनमें से 3,489 की जाँच हुई। हालाँकि यह आँकड़ा 95% के निर्धारित लक्ष्य से काफी नीचे है, जो महामारी नियंत्रण की दृष्टि से चिंताजनक है। गौरतलब है कि नॉर्थ किवु में रिएजेंट की कमी के कारण 183 टेस्ट के नतीजे अभी भी लंबित हैं, जिससे लैब की क्षमता पर भारी दबाव बना हुआ है।

आंकड़ों में गिरावट भ्रामक हो सकती है

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हाल के दिनों में मामलों में दिखी मामूली गिरावट वास्तविक नहीं हो सकती। उनके अनुसार, यह गिरावट प्रयोगशाला से अपडेट मिलने में देरी की वजह से हो सकती है, न कि संक्रमण की रफ्तार धीमी होने के कारण। बीमारी का प्रकोप अभी भी हर हफ्ते बढ़ रहा है।

प्रभावित क्षेत्र और जनसंख्या पर असर

प्रभावित तीन प्रांतों — इतुरी, नॉर्थ किवु और साउथ किवु — की संयुक्त आबादी लगभग 1.5 करोड़ है। इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर आंतरिक विस्थापन हो रहा है और लोग पड़ोसी देशों की ओर पलायन कर रहे हैं, जिससे संक्रमण के अन्य देशों तक फैलने का खतरा बढ़ गया है। इस प्रकोप की आधिकारिक घोषणा DRC के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 15 मई को की थी।

बुंडिबुग्यो स्ट्रेन क्या है

मौजूदा प्रकोप इबोला वायरस के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से फैला है। यह स्ट्रेन अधिक सामान्य जैरे स्ट्रेन की तुलना में कम आम है, लेकिन इससे गंभीर बीमारी और मृत्यु हो सकती है। इबोला की पहचान सबसे पहले 1976 में तत्कालीन जैरे (अब DRC) और सूडान (अब दक्षिण सूडान) में एक साथ फैले संक्रमण के दौरान हुई थी। यह वायरस फिलोविरिडे परिवार से संबंधित है और मनुष्यों के साथ-साथ अन्य प्राइमेट्स को भी प्रभावित करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग दर लक्ष्य के करीब नहीं पहुँचती और लैब क्षमता नहीं बढ़ती, तब तक इस प्रकोप पर काबू पाना कठिन बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि संसाधन की — और यह वही पुरानी कमज़ोरी है जो DRC के पिछले इबोला प्रकोपों में भी देखी गई। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य समुदाय को इस बार सीमा पार पलायन के जोखिम को गंभीरता से लेना होगा।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांगो में इबोला के कितने मामले हैं और कितनी मौतें हुई हैं?
9 जून 2026 तक DRC में इबोला के कुल 550 मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें 101 मौतें शामिल हैं। केवल 19 मरीज़ अब तक पूरी तरह ठीक हुए हैं।
कांगो में इबोला का यह प्रकोप कब शुरू हुआ?
DRC के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस प्रकोप की आधिकारिक घोषणा 15 मई 2026 को की थी। यह बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से फैला है, जो इबोला का एक कम सामान्य लेकिन घातक प्रकार है।
इबोला का बुंडिबुग्यो स्ट्रेन क्या है और यह कितना खतरनाक है?
बुंडिबुग्यो स्ट्रेन इबोला वायरस का एक प्रकार है जो अधिक सामान्य जैरे स्ट्रेन की तुलना में कम आम है, लेकिन इससे गंभीर बीमारी और मृत्यु हो सकती है। इबोला फिलोविरिडे परिवार का वायरस है जो मनुष्यों और अन्य प्राइमेट्स को प्रभावित करता है।
कांगो के कौन से प्रांत इबोला से सबसे अधिक प्रभावित हैं?
इतुरी, नॉर्थ किवु और साउथ किवु — ये तीनों पूर्वी प्रांत सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन तीनों की संयुक्त आबादी लगभग 1.5 करोड़ है और यहाँ से बड़े पैमाने पर पलायन हो रहा है।
इबोला प्रकोप को नियंत्रित करने में क्या बाधाएँ हैं?
कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग दर 64.4% पर है, जबकि लक्ष्य 95% का है। नॉर्थ किवु में रिएजेंट की कमी से 183 टेस्ट के नतीजे लंबित हैं। इसके अलावा, सशस्त्र संघर्ष और बड़े पैमाने पर विस्थापन भी प्रकोप नियंत्रण को कठिन बना रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले