दिल्ली हवाई अड्डे का इबोला अलर्ट: DRC, युगांडा से आने वाले यात्रियों के लिए स्वास्थ्य परामर्श जारी

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दिल्ली हवाई अड्डे का इबोला अलर्ट: DRC, युगांडा से आने वाले यात्रियों के लिए स्वास्थ्य परामर्श जारी

सारांश

दिल्ली हवाई अड्डे ने DRC, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों के लिए इबोला स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है। DRC में 513 संदिग्ध मामले और 131 संदिग्ध मौतों के बीच जॉर्डन ने भी इन देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाया है — वैश्विक सतर्कता बढ़ रही है।

मुख्य बातें

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने 21 मई 2026 को DGHS का इबोला स्वास्थ्य परामर्श जारी किया।
परामर्श DRC, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों पर लागू; तीनों देश WHO द्वारा उच्च जोखिम चिन्हित।
बुखार, रक्तस्राव, उल्टी सहित 8 लक्षणों पर आव्रजन से पहले स्वास्थ्य डेस्क को सूचित करना अनिवार्य।
आगमन के 21 दिनों के भीतर लक्षण उभरने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क और यात्रा इतिहास साझा करने का निर्देश।
DRC में 513 संदिग्ध इबोला मामले और 131 संदिग्ध मौतें दर्ज — स्वास्थ्य मंत्री रोजर काम्बा के अनुसार।
जॉर्डन ने DRC और युगांडा से आने वाले यात्रियों पर अस्थायी प्रवेश प्रतिबंध लगाया।

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने 21 मई 2026 को इबोला प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों के लिए एक सार्वजनिक स्वास्थ्य परामर्श जारी किया, जिसमें लक्षण दिखने पर तुरंत हवाई अड्डे के स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करने की अपील की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) द्वारा जारी यह परामर्श अफ्रीका के कुछ हिस्सों में इबोला के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए वैश्विक सतर्कता के बीच आया है।

किन देशों के यात्रियों पर लागू है यह परामर्श

यह स्वास्थ्य सलाह डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC), युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले या इन देशों से होकर गुजरने वाले यात्रियों पर लागू होती है। इन तीनों देशों को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के ताज़ा अपडेट के आधार पर उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है।

दिल्ली हवाई अड्डे ने यह परामर्श अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर साझा किया, जिससे इसकी व्यापक पहुँच सुनिश्चित हो सके।

किन लक्षणों पर तुरंत सूचना देना ज़रूरी

परामर्श के अनुसार, यदि किसी यात्री में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें — बुखार, उल्टी, कमज़ोरी या थकान, दस्त, सिरदर्द, बिना कारण रक्तस्राव, मांसपेशियों में दर्द या गले में खराश — तो उन्हें आव्रजन मंजूरी से पहले हवाई अड्डे पर स्थित स्वास्थ्य अधिकारी या स्वास्थ्य डेस्क को तत्काल सूचित करना होगा।

इसके अलावा, जिन यात्रियों का किसी संदिग्ध या पुष्टि किए गए इबोला मरीज के रक्त या शारीरिक तरल पदार्थों से सीधा संपर्क हुआ हो, उन्हें भी बिना देर किए स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।

परामर्श में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यात्री के भारत आगमन के 21 दिनों के भीतर यदि कोई भी लक्षण उभरे, तो उन्हें तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए और अपनी हालिया यात्रा की जानकारी स्वास्थ्य अधिकारियों को देनी चाहिए।

DRC में इबोला का मौजूदा प्रकोप

यह परामर्श ऐसे समय में आया है जब डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला की स्थिति गंभीर बनी हुई है। DRC के स्वास्थ्य मंत्री रोजर काम्बा ने मंगलवार को बताया कि हालिया प्रकोप में 513 संदिग्ध इबोला मामले और 131 संदिग्ध मौतें दर्ज की गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सभी मौतें ज़रूरी नहीं कि इबोला से ही जुड़ी हों, क्योंकि अभी जाँच जारी है।

गौरतलब है कि जॉर्डन ने बुधवार को DRC और युगांडा से आने वाले यात्रियों के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की — यह संकेत है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस प्रकोप को गंभीरता से ले रहा है।

यात्रियों से सहयोग की अपील

दिल्ली हवाई अड्डे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे स्वास्थ्य जाँच और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों में पूर्ण सहयोग करें — न केवल अपनी सुरक्षा के लिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों के अनुपालन और साथी यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी। यह कदम भारत की उस व्यापक तैयारी का हिस्सा है जिसके तहत संक्रामक रोगों को देश में प्रवेश से रोकने के लिए प्रमुख हवाई अड्डों पर निगरानी बढ़ाई जाती है। आने वाले दिनों में WHO के आकलन के आधार पर इस परामर्श को और अद्यतन किया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की है — क्या हवाई अड्डे पर पर्याप्त प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और आइसोलेशन सुविधाएँ मौजूद हैं? 2014-16 के पश्चिम अफ्रीकी इबोला संकट में भी भारत ने ऐसे ही परामर्श जारी किए थे, लेकिन स्क्रीनिंग की व्यावहारिक सीमाएँ उजागर हुई थीं। DRC में 513 संदिग्ध मामलों में से सभी की अभी पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए घबराहट नहीं बल्कि सुव्यवस्थित निगरानी की ज़रूरत है। जॉर्डन जैसे देशों द्वारा यात्रा प्रतिबंध लगाने की तुलना में भारत का परामर्श-आधारित दृष्टिकोण संतुलित है, बशर्ते ज़मीनी तैयारी उतनी ही मज़बूत हो।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली हवाई अड्डे का इबोला स्वास्थ्य परामर्श किन यात्रियों पर लागू होता है?
यह परामर्श डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान से आने वाले या इन देशों से होकर गुजरने वाले यात्रियों पर लागू होता है। WHO ने इन तीनों देशों को इबोला के उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया है।
इबोला के कौन-से लक्षण दिखने पर हवाई अड्डे पर सूचित करना ज़रूरी है?
बुखार, उल्टी, कमज़ोरी या थकान, दस्त, सिरदर्द, बिना कारण रक्तस्राव, मांसपेशियों में दर्द या गले में खराश — इनमें से कोई भी लक्षण होने पर आव्रजन मंजूरी से पहले हवाई अड्डे के स्वास्थ्य अधिकारी या स्वास्थ्य डेस्क को तुरंत सूचित करना अनिवार्य है।
भारत आने के बाद कितने दिनों तक इबोला के लक्षणों पर नज़र रखनी चाहिए?
परामर्श के अनुसार, आगमन के 21 दिनों के भीतर यदि कोई भी लक्षण उभरे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी हालिया यात्रा की जानकारी स्वास्थ्य अधिकारियों को दें। यह 21 दिन की अवधि इबोला की अधिकतम ऊष्मायन अवधि के अनुरूप है।
DRC में इबोला की मौजूदा स्थिति कितनी गंभीर है?
DRC के स्वास्थ्य मंत्री रोजर काम्बा के अनुसार हालिया प्रकोप में 513 संदिग्ध इबोला मामले और 131 संदिग्ध मौतें दर्ज की गई हैं। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी मौतें ज़रूरी नहीं कि इबोला से ही जुड़ी हों, क्योंकि जाँच अभी जारी है।
क्या अन्य देशों ने भी इबोला को लेकर यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं?
हाँ, जॉर्डन ने बुधवार को DRC और युगांडा से आने वाले यात्रियों के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। भारत ने अभी तक प्रतिबंध की बजाय स्वास्थ्य परामर्श और स्क्रीनिंग का रास्ता अपनाया है।
राष्ट्र प्रेस
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