इबोला खतरे के बीच थाईलैंड ने हवाई अड्डों पर सख्त की स्क्रीनिंग, WHO ने घोषित किया अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल
सारांश
मुख्य बातें
थाईलैंड के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएएटी) ने 21 मई को घोषणा की कि देश की संपूर्ण विमानन प्रणाली में इबोला वायरस रोग की निगरानी और रोकथाम के उपायों को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। यह कदम विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में फैले इबोला प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (PHEIC) घोषित किए जाने के बाद उठाया गया है।
थाईलैंड की तत्काल प्रतिक्रिया
थाईलैंड के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कांगो और युगांडा को इबोला के लिए 'खतरनाक संक्रामक रोग क्षेत्र' घोषित किया। इसके तुरंत बाद नागरिक उड्डयन क्षेत्र में संयुक्त स्क्रीनिंग और आपातकालीन प्रतिक्रिया उपाय लागू किए गए। सीएएटी ने स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतरराष्ट्रीय संक्रामक रोग नियंत्रण एवं क्वारंटीन विभाग, एयरलाइंस और संबंधित एजेंसियों के साथ बैठकें कर पूरे विमानन क्षेत्र में स्वास्थ्य प्रोटोकॉल को एकरूप बनाने का कार्य शुरू किया है।
यात्रियों के लिए नए नियम
अधिकारियों ने नागरिकों से कांगो, युगांडा और आसपास के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की है। जिन यात्रियों के लिए इन क्षेत्रों की यात्रा अनिवार्य है, उन्हें थाई हेल्थ पास प्रणाली में पंजीकरण कराना होगा। विदेशी यात्रियों को संपर्क ट्रेसिंग और रोग निगरानी के उद्देश्य से थाईलैंड डिजिटल अराइवल कार्ड सही तरीके से भरना अनिवार्य किया गया है।
एयरलाइंस को निर्देश
संक्रमित क्षेत्रों से जुड़े मार्गों पर उड़ान संचालित करने वाली एयरलाइंस को तीन प्रमुख जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं — यात्रियों को स्वास्थ्य नियमों की जानकारी देना, प्रस्थान स्थल पर स्क्रीनिंग करना और यात्रियों की सीटिंग व यात्रा संबंधी जानकारी रोग नियंत्रण अधिकारियों के साथ साझा करना। क्वारंटीन विभाग ने थाईलैंड पहुँचने के बाद या उड़ान के दौरान संदिग्ध मामलों से निपटने के लिए अभ्यास भी किया है, जिसमें एयरलाइंस, हवाई अड्डों, स्वास्थ्य एजेंसियों और अन्य संस्थाओं के बीच समन्वय प्रक्रिया तय की गई है।
WHO का ऐतिहासिक फैसला
WHO के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घ्रेब्रेयसस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि WHO की आपातकालीन समिति ने मंगलवार को बैठक कर उनके इस आकलन से सहमति जताई कि कांगो और युगांडा में इबोला की स्थिति PHEIC के स्तर की है, हालाँकि इसे महामारी आपातकाल (Pandemic Emergency) नहीं माना गया। उल्लेखनीय है कि टेड्रोस ने रविवार को ही दोनों देशों में इबोला प्रकोप को PHEIC घोषित कर दिया था — और यह पहली बार था जब WHO प्रमुख ने आपातकालीन समिति की बैठक बुलाए बिना इस तरह का निर्णय लिया।
आगे की स्थिति
यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्वास्थ्य तंत्र कोविड-19 के बाद से सीमा पार संक्रमण के प्रति अधिक सतर्क है। थाईलैंड का यह कदम दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य देशों के लिए भी एक संकेत हो सकता है कि वे अपने-अपने हवाई अड्डों पर निगरानी तंत्र को मजबूत करें। विशेषज्ञों के अनुसार, PHEIC की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संसाधन और तकनीकी सहायता जुटाना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है।