ट्विशा शर्मा मौत मामला: फरार आरोपी समर्थ सिंह ने MP हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत याचिका दाखिल की
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल में ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी और फरार पति समर्थ सिंह ने 22 मई 2025 को अपने वकील के माध्यम से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में अंतरिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की। 'समर्थ सिंह बनाम मध्य प्रदेश राज्य सरकार' शीर्षक से दर्ज यह मामला हाईकोर्ट की वेबसाइट पर अभी 'लंबित' के रूप में दर्शाया गया है और अब तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
मुख्य घटनाक्रम
12 मई 2025 को पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा भोपाल स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं। एम्स भोपाल में कराई गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मौत आत्महत्या का मामला है — ट्विशा की गर्दन पर मिले निशान बेल्ट से लटकने के निशानों से मेल खाते हैं। ट्विशा के परिवार ने समर्थ सिंह और उनकी माँ पर दहेज प्रताड़ना और क्रूरता का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि इससे पहले भोपाल जिला अदालत की जज पल्लवी द्विवेदी समर्थ की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी हैं। पुलिस ने समर्थ के खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया हुआ है ताकि वह देश न छोड़ सके।
इनाम राशि में बढ़ोतरी, तलाश जारी
भोपाल पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी की सूचना देने वाले को मिलने वाले इनाम को ₹10,000 से बढ़ाकर ₹30,000 कर दिया है। ट्विशा की मौत के बाद से अब तक समर्थ का कोई सुराग नहीं मिला है। यह ऐसे समय में आया है जब पुलिस पर जाँच में तेज़ी लाने का दबाव बढ़ रहा है।
सह-आरोपी माँ को मिली जमानत, परिवार देगा चुनौती
समर्थ की माँ और पूर्व प्रधान जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह — जो इस मामले में सह-आरोपी हैं — को भोपाल जिला न्यायालय ने अंतरिम जमानत दे दी है। गिरिबाला सिंह फरवरी 2023 में भोपाल जिला न्यायालय से प्रधान न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं और वर्तमान में भोपाल-2 जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की अध्यक्ष हैं।
पीड़ित परिवार के वकील अंकुर पांडे ने बताया, 'हम गिरिबाला सिंह को दी गई अंतरिम जमानत के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच में याचिका दायर करेंगे।' परिवार इस जमानत को कानूनी रूप से चुनौती देने की तैयारी में है।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण नियम, 2020 के तहत गिरिबाला सिंह के खिलाफ अलग से जाँच के आदेश दिए हैं। यह कदम उनके वर्तमान पद को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया माना जा रहा है।
आगे क्या होगा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच अब दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करेगी — एक समर्थ सिंह की अंतरिम जमानत के लिए और दूसरी पीड़ित परिवार द्वारा गिरिबाला सिंह की जमानत के विरोध में। मामले की अगली सुनवाई की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। फरार समर्थ सिंह की गिरफ्तारी इस पूरे मामले की केंद्रीय कड़ी बनी हुई है।