26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

श्वेता तिवारी का तीखा सवाल: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब के शिक्षा मंत्री कब देंगे इस्तीफा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
श्वेता तिवारी का तीखा सवाल: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब के शिक्षा मंत्री कब देंगे इस्तीफा?

सारांश

नीट-यूजी पेपर लीक के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने CJP से तीखा सवाल पूछा — पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा देंगे? जंतर-मंतर आंदोलन और सोनम वांगचुक की 21 दिन की भूख हड़ताल के बाद यह बहस अब राज्य स्तर की जवाबदेही तक पहुँच गई है।

मुख्य बातें

अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने 25 जुलाई को इंस्टाग्राम पर CJP संस्थापक अभिजीत दिपके से पूछा कि पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा देंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन के दबाव में 25 जुलाई को इस्तीफा दिया।
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद देशभर में आक्रोश फैला और विरोध तेज हो गए।
सोनम वांगचुक ने 21 दिन की भूख हड़ताल की; 18 जुलाई को उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल भर्ती कराया गया।
विरोध प्रदर्शन दिल्ली से मेट्रो शहरों और फिर छोटे कस्बों तक फैले।

अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने 25 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके से सीधा सवाल पूछा — अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है, तो पंजाब के शिक्षा मंत्री कब पद छोड़ेंगे? नीट-यूजी पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशव्यापी छात्र आंदोलन के बीच यह सवाल चर्चा का केंद्र बन गया है।

श्वेता तिवारी ने क्या कहा

तिवारी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया जिसमें अभिजीत दिपके यह कहते नज़र आ रहे हैं कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब कैबिनेट में किसी भी ऐसे मंत्री का इस्तीफा माँगा जा सकता है जो अपेक्षित काम नहीं कर रहा। इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए अभिनेत्री ने लिखा, 'अब, पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा दे रहे हैं? और आप लोग वहाँ कब विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, कॉकरोच जनता पार्टी?'

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: पृष्ठभूमि

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक चले बड़े छात्र विरोध-प्रदर्शनों के बाद शनिवार, 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। छात्र मुख्य रूप से नीट-यूजी पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर उनका इस्तीफा माँग रहे थे।

यह इस्तीफा 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई के बाद आया, जिसने पूरे देश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी। इसके बाद बड़ी संख्या में नागरिक छात्रों के समर्थन में जंतर-मंतर पर उमड़ पड़े।

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और पुलिस कार्रवाई

आंदोलन उस समय और तीव्र हो गया जब 18 जुलाई की सुबह दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर के विरोध स्थल से जबरदस्ती हटा दिया। वांगचुक 21 दिनों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पूरी कर चुके थे और कथित परीक्षा गड़बड़ियों को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, उनकी बिगड़ती सेहत, चिकित्सकीय सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वांगचुक ने गुरुवार की देर रात अपना अनशन तोड़ दिया था।

आंदोलन का विस्तार

विरोध प्रदर्शन दिल्ली से शुरू होकर पहले मेट्रो शहरों और फिर छोटे कस्बों तक फैल गए। गौरतलब है कि यह आंदोलन केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहा — देशभर में छात्रों और नागरिकों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की माँग को लेकर सड़कों पर उतरे।

आगे क्या

श्वेता तिवारी के सवाल ने राजनीतिक जवाबदेही की बहस को एक नया आयाम दिया है। यह देखना अहम होगा कि क्या विपक्षी दल और नागरिक समाज राज्य स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर इसी तरह की जवाबदेही की माँग करते हैं। CJP और अन्य संगठनों की आगामी प्रतिक्रिया इस बहस की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े विरोधाभास को उजागर करता है — जो दल केंद्र में जवाबदेही की माँग करते हैं, वे अपने शासित राज्यों में उसी कसौटी पर खरे उतरने से क्यों बचते हैं? नीट-यूजी विवाद केवल केंद्र की विफलता नहीं है; राज्य स्तर पर भी परीक्षा प्रशासन और शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि यह आंदोलन अब दलीय सीमाओं को तोड़ चुका है — और इसीलिए एक अभिनेत्री का इंस्टाग्राम पोस्ट भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन जाता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्वेता तिवारी ने CJP से क्या सवाल पूछा?
अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके से पूछा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा देंगे और CJP वहाँ विरोध-प्रदर्शन कब करेगी।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों दिया?
नीट-यूजी पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों को लेकर जंतर-मंतर पर कई दिनों तक चले छात्र आंदोलन के दबाव में 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल किस मुद्दे पर थी?
सोनम वांगचुक प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर 21 दिनों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल भर्ती कराया और उन्होंने गुरुवार की देर रात अनशन तोड़ा।
जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई कब हुई और इसका क्या असर पड़ा?
20 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया। इसके बाद विरोध प्रदर्शन दिल्ली से मेट्रो शहरों और छोटे कस्बों तक फैल गए।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) क्या है?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक संगठन है जिसके संस्थापक अभिजीत दिपके हैं। इस संगठन ने नीट-यूजी विवाद के संदर्भ में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग को लेकर सक्रिय भूमिका निभाई थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 10 घंटे पहले
    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी बहस तेज, देवोलीना भट्टाचार्जी ने पंजाब-केरल-कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों से माँगा इस्तीफा
  2. कल
  3. 2 दिन पहले
  4. 3 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले