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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी बहस तेज, देवोलीना भट्टाचार्जी ने पंजाब-केरल-कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों से माँगा इस्तीफा

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी बहस तेज, देवोलीना भट्टाचार्जी ने पंजाब-केरल-कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों से माँगा इस्तीफा

सारांश

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है — अब सवाल यह है कि क्या यही जवाबदेही का पैमाना विपक्ष-शासित राज्यों पर भी लागू होगा? देवोलीना भट्टाचार्जी और श्वेता तिवारी जैसी हस्तियों के सोशल मीडिया पर उतरने से यह बहस मनोरंजन जगत तक फैल गई है।

मुख्य बातें

धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया, नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बाद हफ्तों के छात्र आंदोलन के बीच।
टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने एक्स पर पंजाब, केरल और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की माँग का समर्थन किया।
एक्स यूज़र की पोस्ट में राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को टैग कर जवाबदेही की माँग की गई।
अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर सीजेपी नेता अभिजीत दिपके का वीडियो शेयर कर पंजाब के शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की माँग की।
पंजाब में AAP, केरल में LDF और कर्नाटक में कांग्रेस की सरकारें हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 25 जुलाई को पद से इस्तीफा देने के बाद राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। टीवी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब, केरल और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की माँग का खुलकर समर्थन किया है। यह विवाद नीट-यूजी पेपर लीक मामले और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर हफ्तों से चल रहे छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि में उठा है।

सोशल मीडिया पर क्या हुआ

एक्स पर एक यूज़र ने पोस्ट करते हुए लिखा कि प्रधान के इस्तीफे ने एक नई मिसाल कायम की है और अब पंजाब, केरल व कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों को भी पद छोड़ना चाहिए। उस पोस्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल को टैग करते हुए लिखा गया, 'अब जब धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है, तो उन्होंने एक मिसाल पेश कर दी है। इससे पंजाब, केरल और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे का रास्ता साफ हो गया है। राहुल गांधी और केजरीवाल आइए, अपने ही शब्दों का सम्मान कीजिए।'

इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए देवोलीना भट्टाचार्जी ने लिखा, 'काउंटडाउन शुरू। शुभ काम में अब और देर नहीं होनी चाहिए। जिम्मेदारी लीजिए और इस्तीफा दीजिए।'

श्वेता तिवारी की प्रतिक्रिया

इससे पहले टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने भी प्रधान के इस्तीफे पर अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के ज़रिए प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने सीजेपी के नेता अभिजीत दिपके का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें दिपके कह रहे थे कि प्रधान के इस्तीफे के बाद अब किसी भी ऐसे कैबिनेट मंत्री का इस्तीफा माँगा जा सकता है जिसने अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया। वीडियो शेयर करते हुए तिवारी ने लिखा, 'अब पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा देंगे?'

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पृष्ठभूमि

धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। इससे पहले नई दिल्ली में छात्रों के नेतृत्व में कई सप्ताह तक व्यापक विरोध प्रदर्शन और जन आंदोलन चला। प्रदर्शनकारी नीट-यूजी पेपर लीक विवाद सहित परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर जवाबदेही और इस्तीफे की माँग कर रहे थे। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

राजनीतिक संदर्भ और आगे का रुख

गौरतलब है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है, जबकि केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) और कर्नाटक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) सत्ता में है। विपक्षी दलों द्वारा शासित इन राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को निशाना बनाकर उठाई गई यह माँग राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा जवाबदेही की बहस को नया आयाम दे रही है। आलोचकों का कहना है कि यह माँग राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से प्रेरित है, जबकि समर्थकों का तर्क है कि जवाबदेही का सिद्धांत सभी दलों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह तय होना अभी बाकी है। विपक्षी दलों ने प्रधान के इस्तीफे की माँग करते हुए जो नैतिक आधार खड़ा किया था, वही अब उन पर उलटा पड़ रहा है — पंजाब, केरल और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों पर भी वही पैमाना लागू करने की माँग उठ रही है। मनोरंजन जगत की हस्तियों का इस बहस में उतरना दिखाता है कि नीट-यूजी विवाद ने राजनीतिक सीमाएँ पार कर एक व्यापक जन-भावना को छुआ है — लेकिन सवाल यह भी है कि क्या यह जवाबदेही की वास्तविक माँग है या केवल राजनीतिक स्कोरिंग।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों दिया?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को नीट-यूजी पेपर लीक विवाद और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर हफ्तों से जारी छात्र आंदोलन के बीच पद से इस्तीफा दिया। नई दिल्ली में छात्रों ने उनकी जवाबदेही तय करने और इस्तीफे की माँग को लेकर व्यापक प्रदर्शन किए थे।
देवोलीना भट्टाचार्जी ने किन शिक्षा मंत्रियों से इस्तीफा माँगा?
देवोलीना भट्टाचार्जी ने एक्स पर एक पोस्ट के जवाब में पंजाब, केरल और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों के इस्तीफे की माँग का समर्थन किया। उन्होंने लिखा, 'काउंटडाउन शुरू। जिम्मेदारी लीजिए और इस्तीफा दीजिए।'
पंजाब, केरल और कर्नाटक के शिक्षा मंत्रियों से इस्तीफे की माँग क्यों उठ रही है?
इन तीनों राज्यों में क्रमशः आम आदमी पार्टी, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा और कांग्रेस की सरकारें हैं। सोशल मीडिया पर तर्क दिया जा रहा है कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने जवाबदेही स्वीकार करते हुए इस्तीफा दिया, तो विपक्ष-शासित राज्यों के शिक्षा मंत्रियों पर भी वही मानदंड लागू होना चाहिए।
श्वेता तिवारी ने इस मामले पर क्या कहा?
श्वेता तिवारी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर सीजेपी नेता अभिजीत दिपके का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें कहा गया कि प्रधान के इस्तीफे के बाद अन्य अंडरपरफॉर्मिंग मंत्रियों के इस्तीफे की माँग का रास्ता खुल गया है। तिवारी ने पूछा, 'अब पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा देंगे?'
नीट-यूजी पेपर लीक विवाद क्या है?
नीट-यूजी पेपर लीक विवाद भारत की राष्ट्रीय मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसने देशभर में छात्रों को सड़कों पर उतार दिया। इस विवाद ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए, जो अंततः धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का कारण बना।
राष्ट्र प्रेस
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