29 जुलाई 2026
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पंजाब पेपर लीक: शिवसेना के संजय निरुपम की माँग — AAP सरकार शिक्षा मंत्री से तुरंत इस्तीफा ले

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पंजाब पेपर लीक: शिवसेना के संजय निरुपम की माँग — AAP सरकार शिक्षा मंत्री से तुरंत इस्तीफा ले

सारांश

शिवसेना के संजय निरुपम ने केजरीवाल को उनकी ही माँग पर घेरा — अगर नीट में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा जरूरी था, तो पंजाब पेपर लीक में भी वही नैतिकता लागू होनी चाहिए। साथ ही फेसबुक से PM मोदी का वीडियो हटाए जाने को लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताते हुए निष्पक्ष जाँच की माँग उठाई।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 29 जुलाई को पंजाब पेपर लीक पर AAP सरकार से शिक्षा मंत्री का इस्तीफा माँगा।
निरुपम ने तर्क दिया कि अरविंद केजरीवाल पहले ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग का समर्थन कर चुके हैं, इसलिए पंजाब में यही मानदंड लागू होना चाहिए।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक के बाद अपने पद से इस्तीफा दिया था।
फेसबुक द्वारा PM मोदी का वीडियो हटाए जाने को निरुपम ने लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया और निष्पक्ष जाँच की माँग की।
आईटी मंत्रालय ने मेटा के अधिकारियों को नोटिस भेजकर जवाब माँगा है; निरुपम ने इसे उचित कदम बताया।

शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने 29 जुलाई को मुंबई में पंजाब पेपर लीक विवाद और फेसबुक से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो हटाए जाने के मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। निरुपम ने स्पष्ट कहा कि जिस नैतिक जिम्मेदारी का हवाला देकर केंद्र में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लिया गया, वही मानदंड पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए।

पंजाब पेपर लीक और नैतिक जवाबदेही

निरुपम ने याद दिलाया कि नीट परीक्षा में पेपर लीक के बाद देशभर के छात्रों ने व्यापक आंदोलन किया था। उस जनदबाव के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया, जिसकी सराहना हुई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारों को जनभावनाओं और नैतिक जिम्मेदारी के अनुरूप निर्णय लेने चाहिए।

निरुपम के अनुसार, पंजाब में भी पेपर लीक और कथित नकल के मामले सामने आए हैं। ऐसे में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल — जो पहले शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग का समर्थन कर चुके हैं — को अब पंजाब में अपनी ही पार्टी की सरकार के शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो भविष्य में इस तरह की माँग करना केवल राजनीतिक दिखावा माना जाएगा।

फेसबुक से PM मोदी का वीडियो हटाए जाने पर सवाल

दूसरे मुद्दे पर निरुपम ने कहा कि मेटा और फेसबुक द्वारा प्रधानमंत्री का वीडियो हटाया जाना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किन ताकतों के दबाव में आकर यह कदम उठाया गया। उनके अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के माध्यम हैं और किसी भी व्यक्ति — विशेषकर एक देश के प्रधानमंत्री — का वीडियो बिना स्पष्ट कारण हटाना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

IT मंत्रालय की कार्रवाई और मेटा का जवाब

निरुपम ने भारत सरकार के आईटी मंत्रालय द्वारा मेटा के अधिकारियों को नोटिस भेजकर जवाब माँगे जाने को उचित कदम बताया। उन्होंने मेटा के 'टेक्निकल ग्लिच' वाले शुरुआती स्पष्टीकरण को अपर्याप्त करार देते हुए कहा कि केवल तकनीकी खराबी का हवाला देकर इतने गंभीर मामले को बंद नहीं किया जा सकता।

बाहरी दबाव की जाँच और कड़े कदम की माँग

निरुपम ने माँग की कि यदि किसी विदेशी दबाव या बाहरी प्रभाव में आकर फेसबुक ने यह निर्णय लिया है, तो इसकी पूरी और निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के पास ऐसे प्लेटफॉर्म के खिलाफ कड़े कदम उठाने के कानूनी विकल्प मौजूद हैं। सोशल मीडिया कंपनियों को भारत के कानूनों और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करना होगा और किसी भी बाहरी दबाव में आकर पक्षपातपूर्ण निर्णय नहीं लेने चाहिए। यह मामला आने वाले दिनों में संसदीय और न्यायिक दोनों स्तरों पर गूँज सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वही अब सत्ता में होने पर उसी कसौटी से बचते नजर आ रहे हैं। फेसबुक-मोदी वीडियो विवाद पर निरुपम की प्रतिक्रिया सत्तारूढ़ गठबंधन की स्वाभाविक रक्षात्मक स्थिति है, लेकिन मेटा को जवाबदेह ठहराने की माँग में व्यापक लोकतांत्रिक सवाल भी शामिल हैं जिन्हें सिर्फ दलीय नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। 'टेक्निकल ग्लिच' की आड़ में इतने संवेदनशील मामले को बंद करना किसी भी सरकार के लिए राजनीतिक जोखिम है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निरुपम ने पंजाब पेपर लीक पर क्या माँग की है?
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने माँग की है कि पंजाब की AAP सरकार अपने शिक्षा मंत्री से इस्तीफा ले। उनका तर्क है कि अरविंद केजरीवाल पहले ही नीट मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग का समर्थन कर चुके हैं, इसलिए यही नैतिक मानदंड उनकी अपनी सरकार पर भी लागू होना चाहिए।
नीट पेपर लीक और पंजाब पेपर लीक में क्या समानता बताई जा रही है?
निरुपम के अनुसार, दोनों मामलों में परीक्षा की पवित्रता से समझौता हुआ और छात्रों का भविष्य दाँव पर लगा। केंद्र में नीट लीक के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया; निरुपम का कहना है कि पंजाब में भी वही जवाबदेही लागू होनी चाहिए।
फेसबुक से PM मोदी का वीडियो क्यों हटाया गया?
मेटा ने शुरुआत में इसे 'टेक्निकल ग्लिच' बताया, लेकिन संजय निरुपम समेत कई नेताओं ने इस स्पष्टीकरण को अपर्याप्त करार दिया है। आईटी मंत्रालय ने मेटा को नोटिस भेजकर विस्तृत जवाब माँगा है।
भारत सरकार ने मेटा के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?
आईटी मंत्रालय ने मेटा के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। निरुपम ने यह कदम उचित बताते हुए कहा कि यदि बाहरी दबाव साबित होता है, तो भारत के पास ऐसे प्लेटफॉर्म के खिलाफ कड़े कानूनी विकल्प मौजूद हैं।
क्या AAP सरकार ने पंजाब पेपर लीक पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
स्रोत में पंजाब की AAP सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है। निरुपम के बयान के जवाब में पार्टी का रुख अभी सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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