25 जुलाई 2026
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मजीठिया बोले — 'युवाओं की ऐतिहासिक जीत', AAP पर भी साधा निशाना

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मजीठिया बोले — 'युवाओं की ऐतिहासिक जीत', AAP पर भी साधा निशाना

सारांश

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अकाली दल नेता मजीठिया ने इसे युवाओं की जीत बताया और AAP पर पंजाब में पेपर लीक को लेकर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका सवाल है — जवाबदेही क्या सिर्फ केंद्र के लिए है?

मुख्य बातें

बिक्रम सिंह मजीठिया ने 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को 'देश के युवाओं की बड़ी जीत' करार दिया।
मजीठिया ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और आंदोलन में शामिल युवाओं व शिक्षकों को बधाई दी।
उन्होंने AAP पर आरोप लगाया कि पंजाब में सत्ता में आने के बाद से हर साल पेपर लीक हुए, फिर भी कोई जवाबदेही नहीं।
विवादित परीक्षाओं में नायब तहसीलदार , जूनियर इंजीनियर और बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की फार्मेसी ऑफिसर भर्ती शामिल हैं।
मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और संबंधित मंत्रियों से सीधी जवाबदेही की माँग की।

शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने शनिवार, 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देशभर के युवाओं की 'बड़ी जीत' करार दिया। चंडीगढ़ से जारी अपने बयान में मजीठिया ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरुद्ध युवाओं का लंबा संघर्ष आखिरकार रंग लाया है और नैतिक जवाबदेही तय हुई है।

मजीठिया ने किसे दी बधाई

अकाली दल नेता ने इस आंदोलन से जुड़े हर युवा, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जब नागरिक एकजुट होकर जवाबदेही की माँग करते हैं, तो सत्ता को झुकना पड़ता है — और प्रधान का इस्तीफा इसी का प्रमाण है।

मजीठिया ने पंजाब के युवाओं को भी विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि अब राज्य सरकार को उसके 'दोहरे रवैये' के लिए जवाबदेह ठहराने का समय आ गया है।

AAP सरकार पर गंभीर आरोप

मजीठिया ने आरोप लगाया कि जब से आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब में सत्ता में आई है, तब से हर साल पेपर लीक की घटनाएँ सामने आई हैं और राज्य के युवाओं के साथ बार-बार धोखा हुआ है। उन्होंने कहा कि AAP नेता अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया — जो दिल्ली में पेपर लीक मामलों पर नैतिक जवाबदेही और इस्तीफे की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शनों में भाग लेते थे — अब पंजाब में बार-बार हो रहे भर्ती घोटालों और परीक्षा विवादों पर पूरी तरह चुप हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जवाबदेही का मानक केवल केंद्र सरकार पर लागू होता है, जबकि पंजाब में AAP सरकार किसी भी नैतिक मानक से मुक्त है?

पंजाब में परीक्षा विवादों की सूची

मजीठिया ने दावा किया कि पंजाब में AAP सरकार के कार्यकाल में कई परीक्षाएँ विवादों में रही हैं। इनमें नायब तहसीलदार और जूनियर इंजीनियर भर्ती के साथ-साथ हाल ही में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी में फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसों के लेन-देन, संगठित नकल और पेपर लीक नेटवर्क के मामले सामने आए हैं, जो एक सुनियोजित 'लीक माफिया' के अस्तित्व की ओर इशारा करते हैं।

मजीठिया के अनुसार, इन तमाम आरोपों के बावजूद पंजाब में किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति ने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की और न ही इस्तीफा दिया।

युवाओं से आह्वान

अकाली दल नेता ने कहा कि देशभर के युवाओं की तरह पंजाब के युवा भी अब जाग चुके हैं और वे हर लीक हुई परीक्षा को लेकर संबंधित मंत्रियों और मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधे जवाब माँगेंगे। उन्होंने कहा कि जवाबदेही का यह सिलसिला केंद्र तक सीमित नहीं रहना चाहिए — राज्यों में भी यही मानक लागू होना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उनका सवाल — कि क्या जवाबदेही का मानक केवल केंद्र सरकार पर लागू होता है — वैध है। पंजाब में परीक्षा अनियमितताओं के आरोप सार्वजनिक रिकॉर्ड में हैं, और AAP की राज्य में चुप्पी उसी दोहरेपन को उजागर करती है जिसकी वह केंद्र में आलोचना करती रही है। असली परीक्षण यह है कि क्या विपक्ष इस मुद्दे को ठोस माँगों में बदल पाता है — या यह केवल एक प्रेस बयान बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा क्यों दिया?
देशभर में पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया। अकाली दल नेता मजीठिया ने इसे नैतिक जवाबदेही की स्वीकृति बताया।
मजीठिया ने AAP पर क्या आरोप लगाए?
मजीठिया ने आरोप लगाया कि पंजाब में AAP सरकार के कार्यकाल में हर साल पेपर लीक हुए, लेकिन न तो कोई मंत्री इस्तीफा दिया और न ही जवाबदेही तय की गई। उन्होंने केजरीवाल और सिसोदिया पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया।
पंजाब में किन परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं?
मजीठिया के अनुसार पंजाब में नायब तहसीलदार, जूनियर इंजीनियर और बाबा फरीद यूनिवर्सिटी में फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षाएँ विवादों में रही हैं। पैसों के लेन-देन और संगठित नकल के आरोप भी सामने आए हैं।
सोनम वांगचुक को बधाई क्यों दी गई?
मजीठिया ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पेपर लीक विरोधी आंदोलन में उनके योगदान के लिए बधाई दी। वांगचुक ने युवाओं के इस संघर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर आवाज़ देने में भूमिका निभाई।
मजीठिया ने भगवंत मान से क्या माँग की?
मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और संबंधित मंत्रियों से हर लीक हुई परीक्षा पर सीधा जवाब माँगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवा अब चुप नहीं रहेंगे और जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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