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अभिजीत दीपके की भारत वापसी: NEET पेपरलीक पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगेंगे, 6 जून को जंतर मंतर पर प्रदर्शन

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अभिजीत दीपके की भारत वापसी: NEET पेपरलीक पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगेंगे, 6 जून को जंतर मंतर पर प्रदर्शन

सारांश

अमेरिका में रह रहे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक्स पर वीडियो जारी कर भारत वापसी की घोषणा की। NEET पेपरलीक से प्रभावित 1 करोड़ से अधिक छात्रों की पीड़ा का हवाला देते हुए वह 6 जून को दिल्ली के जंतर मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग लेकर उतरेंगे।

मुख्य बातें

अभिजीत दीपके अमेरिका से 6 जून 2026 को नई दिल्ली लौट रहे हैं।
वापसी का मकसद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगना है।
NEET के 22 लाख , CBSE के 17 लाख , CUET के 16 लाख और SSC GD के 14 लाख — कुल 1 करोड़+ छात्र प्रभावित बताए गए।
8 लाख छात्रों ने याचिका पर हस्ताक्षर किए; लखनऊ, महाराष्ट्र, दिल्ली में पहले से विरोध प्रदर्शन जारी।
दीपके ने गिरफ्तारी की आशंका को खारिज करते हुए संवैधानिक अधिकार का हवाला दिया।

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके अमेरिका से भारत लौट रहे हैं। 1 जून 2026 को जारी एक वीडियो में उन्होंने घोषणा की कि वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगने के लिए स्वदेश वापस आ रहे हैं। 6 जून को वह नई दिल्ली के जंतर मंतर पर होने वाले शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे।

मुख्य घोषणा

अभिजीत दीपके का यह वीडियो एक्स (X) पर 'Cockroach Is Back' नामक अकाउंट से साझा किया गया। वीडियो में उन्होंने कहा, 'मैंने भारत वापसी का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगने के लिए मैं अपने देश, अपने घर वापस आ रहा हूँ।' उन्होंने NEET पेपरलीक को इस कदम की मुख्य वजह बताया।

छात्रों की पीड़ा का हवाला

दीपके ने कहा कि पेपरलीक के कारण NEET के 22 लाख छात्र, CBSE के 17 लाख, CUET के 16 लाख और SSC GD के 14 लाख — यानी कुल 1 करोड़ से अधिक छात्रों की मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने NEET से जुड़ी आत्महत्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इतनी बड़ी चूक के बाद शिक्षा मंत्री का पद पर बने रहना उत्तरदायित्व की अवधारणा को ही खत्म करता है।

जन समर्थन का दावा

दीपके के अनुसार, उनकी माँग को 8 लाख छात्रों ने याचिका पर हस्ताक्षर कर समर्थन दिया है और करोड़ों लोगों ने सोशल मीडिया पर इसे आगे बढ़ाया है। लखनऊ, महाराष्ट्र और दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं।

6 जून की योजना

दीपके ने समर्थकों से आग्रह किया कि वे उन्हें 6 जून की सुबह एयरपोर्ट पर मिलें। इसके बाद सभी मिलकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएँगे और जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति माँगेंगे। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है।

गिरफ्तारी के डर पर बेबाक जवाब

दीपके ने स्वीकार किया कि उनके परिवार और मित्रों को आशंका है कि उन्हें एयरपोर्ट से ही गिरफ्तार किया जा सकता है। इस पर उन्होंने कहा, 'हम कब तक डरकर जिएंगे यार। ये देश किसी पार्टी का थोड़ी ना है। ये देश तो हम सबका है।' उन्होंने स्वयं को महात्मा गांधी, डॉ. बी. आर. अंबेडकर, भगत सिंह और जवाहरलाल नेहरू का प्रशंसक बताया और कहा कि उनका सबसे अधिक भरोसा भारत के संविधान पर है। यह देखना बाकी है कि सरकार इस प्रदर्शन को किस नजरिए से देखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक गंभीर सवाल खड़ा करती है। दीपके की गिरफ्तारी की आशंका और उनका 'हम कब तक डरकर जिएंगे' वाला बयान इस आंदोलन को व्यक्तिगत साहस का रूपक बनाता है — लेकिन असली परीक्षा 6 जून को होगी, जब यह देखना होगा कि सड़क पर कितने छात्र उतरते हैं और सरकार किस तरह प्रतिक्रिया देती है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिजीत दीपके कौन हैं और वे भारत क्यों लौट रहे हैं?
अभिजीत दीपके कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक हैं जो अमेरिका में थे। वह NEET पेपरलीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगने के लिए 6 जून 2026 को भारत लौट रहे हैं।
6 जून को जंतर मंतर पर क्या होगा?
6 जून को अभिजीत दीपके दिल्ली पहुँचने के बाद समर्थकों के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएँगे और जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति माँगेंगे। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग करना है।
NEET पेपरलीक से कितने छात्र प्रभावित हुए हैं?
दीपके के अनुसार NEET के 22 लाख, CBSE के 17 लाख, CUET के 16 लाख और SSC GD के 14 लाख — कुल मिलाकर 1 करोड़ से अधिक छात्रों की मेहनत और भविष्य इस पेपरलीक विवाद से प्रभावित हुआ है।
क्या अभिजीत दीपके को गिरफ्तारी का डर है?
दीपके ने स्वयं कहा कि उनके परिवार और दोस्तों को आशंका है कि उन्हें एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार किया जा सकता है। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि वे संविधान पर भरोसा करते हैं और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का अधिकार उनके पास है।
कॉकरोच जनता पार्टी की माँग को कितना जन समर्थन मिला है?
दीपके के दावे के अनुसार 8 लाख छात्रों ने उनकी माँग का समर्थन करते हुए याचिका पर हस्ताक्षर किए हैं। लखनऊ, महाराष्ट्र और दिल्ली सहित देश के कई हिस्सों में पहले से ही इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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