सानवी तलवार ने 'खामोश आहटें' के लिए वजन घटाया-बढ़ाया, बोलीं — 'खुद पर बहुत काम करना पड़ा'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री सानवी तलवार ने हॉरर थ्रिलर 'खामोश आहटें' में रिया नाम की एक जटिल किरदार को जीवंत किया है — एक ऐसा रोल जिसके लिए उन्हें शारीरिक और मानसिक, दोनों स्तरों पर खुद को पूरी तरह बदलना पड़ा। मुंबई में हुई एक विशेष बातचीत में अभिनेत्री ने बताया कि इस किरदार की तैयारी में वजन घटाने से लेकर वजन बढ़ाने तक का सफर शामिल था।
किरदार की तैयारी: शरीर और मन दोनों की परीक्षा
सानवी तलवार ने बताया कि रिया का किरदार सिर्फ डायलॉग बोलने तक सीमित नहीं था — इसमें साइकोलॉजिकल, इमोशनल और ड्रामैटिक दृश्यों की एक पूरी परत थी जो बेहद चुनौतीपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि एक सपोर्टिव डायरेक्टर, सिनेमैटोग्राफर और हौसला बढ़ाने वाली टीम की वजह से यह कठिन सफर आसान हो गया।
अभिनेत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, 'एक एक्टर के तौर पर मुझे किरदार के ज़रिए कई अलग-अलग शेड्स एक्सप्लोर करने का मौका मिला। इस प्रोजेक्ट में थ्रिलर, साइकोलॉजिकल ड्रामा, फैमिली इमोशन्स, स्प्लिट पर्सनैलिटी, हॉरर और इंटेंस इमोशनल मोमेंट्स — सब कुछ था। जब एक ही प्रोजेक्ट में इतने सारे लेयर्स परफॉर्म करने को मिलते हैं, तो यह एक मज़ेदार अनुभव बन जाता है।'
नकारात्मक किरदारों का आकर्षण
सानवी ने सकारात्मक और नकारात्मक — दोनों तरह के किरदार निभाए हैं। उनसे जब नकारात्मक भूमिकाओं के आकर्षण के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'नकारात्मक किरदार चैलेंजिंग और मज़ेदार होते हैं। टेलीविजन फैमिली ड्रामा अक्सर इमोशनल सीन के इर्द-गिर्द घूमते हैं, लेकिन नकारात्मक किरदार आपको अलग-अलग इमोशन के साथ एक्सपेरिमेंट करने का मौका देता है — यही बात ऐसे रोल्स को खास बनाती है।'
आइकॉनिक विलेन और बदलता दर्शक वर्ग
भारतीय टेलीविजन के इतिहास में नकारात्मक किरदारों ने हमेशा दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी है। उर्वशी ढोलकिया द्वारा निभाई गई कोमोलिका और सुधा चंद्रन द्वारा अभिनीत रमोला सिकंद इसके सबसे चर्चित उदाहरण हैं।
जब सानवी से पूछा गया कि क्या आज के नकारात्मक किरदार उस स्तर का प्रभाव छोड़ सकते हैं, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, 'समय बदल गया है और दर्शकों की पसंद भी। पहले एंटरटेनमेंट के विकल्प सीमित थे, इसलिए दर्शक टीवी के किरदारों के साथ लंबे समय तक जुड़े रहते थे। आज विकल्पों की भरमार है — इसी कारण लोग एक किरदार को उतना लंबा समय नहीं दे सकते, चाहे परफॉर्मेंस कितनी भी दमदार क्यों न हो।'
आगे क्या
'खामोश आहटें' में सानवी तलवार की यह भूमिका उनके करियर में एक नया अध्याय जोड़ती है। स्प्लिट पर्सनैलिटी और हॉरर के संयोजन वाले इस किरदार से दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी रहती है, यह देखना दिलचस्प होगा।