सानवी तलवार बोलीं — 'लोग क्या सोचते हैं, अब परवाह नहीं; सच के लिए आवाज़ उठाना ज़रूरी'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री सानवी तलवार इन दिनों अपनी आगामी हॉरर थ्रिलर फिल्म 'खामोश आहटें' को लेकर चर्चा में हैं। 27 जुलाई को मुंबई में हुई एक बातचीत में उन्होंने खुलकर बताया कि वे पहले की तुलना में आज अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखने में कहीं अधिक सहज महसूस करती हैं — और यह बदलाव उनके निजी अनुभवों की कोख से जन्मा है।
करियर का वह मुश्किल दौर
सानवी तलवार ने बताया कि एक समय उनके करियर में एक निजी विवाद के चलते वे सुर्खियों में आ गई थीं। उन्होंने कथित तौर पर एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि 2015 में टीवी शो 'ये कहां आ गए हम' की शूटिंग के दौरान अभिनेता करण कुंद्रा ने एक दृश्य के फिल्मांकन से पहले ही उन्हें जबरन किस किया था। सानवी के अनुसार, उन्होंने इसके विरोध में करण को थप्पड़ मारा, जिसके बाद करण ने कथित तौर पर उन्हें जोरदार थप्पड़ मारा और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
इस घटना का खुलासा करने में वर्षों की देरी पर लोगों ने सवाल उठाए। इसी संदर्भ में सानवी ने कहा, 'मैंने अपने जीवन के अनुभवों से सीखा है कि जब आपको सही समय लगे, तभी अपनी राय रखनी चाहिए। पहले मैं सिर्फ सीमित लोगों से बातें किया करती थी, लेकिन अब समझ आता है कि जब कोई बात एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचती है, तो उसका मतलब बदल जाता है।'
अनुषा दांडेकर की भूमिका
सानवी ने बताया कि उनकी बात किसी माध्यम से अनुषा दांडेकर — जो करण कुंद्रा की पूर्व प्रेमिका रही हैं — तक पहुँची थी। उन्होंने कहा, 'जब वह सेट पर आईं, तो उनकी मौजूदगी ने मुझे काफी सुकून और सहयोग महसूस करवाया था।' यह उल्लेख इस बात का संकेत है कि उस कठिन समय में महिला एकजुटता ने उन्हें भावनात्मक बल दिया।
ट्रोलिंग पर दो-टूक जवाब
सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोल किए जाने के बावजूद सानवी अपनी बात पर अडिग हैं। उन्होंने कहा, 'मैं आज भी इससे डील कर रही हूं। लोग मुझे ट्रोल करते हैं क्योंकि मैं सच बोल रही हूं, लेकिन इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मुझे पता है कि मैं क्यों बोल रही हूं और मैं आज भी अपनी बात पर कायम हूं।' यह बयान उस व्यापक बहस को भी छूता है, जहाँ सार्वजनिक जीवन में महिलाएँ अपनी आवाज़ उठाने पर ऑनलाइन हिंसा का सामना करती हैं।
हर महिला के लिए संदेश
उन महिलाओं के लिए जो अपनी बात कहने से झिझकती हैं, सानवी ने कहा, 'अगर आपके साथ कुछ गलत हुआ है और आप उस समय अपनी बात नहीं कह पाईं, तो भी कभी देर नहीं होती। जब आपको सही लगे और आप तैयार महसूस करें, तब अपनी बात सामने रखें। अगर आप अपने अनुभवों के बारे में कभी नहीं बोलेंगी, तो लोग सच्चाई जान नहीं पाएंगे।'
यह ऐसे समय में आया है जब मनोरंजन उद्योग में कार्यस्थल व्यवहार और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ हो रही है। 'खामोश आहटें' की रिलीज़ के साथ सानवी का यह साहसी रुख उनकी सार्वजनिक छवि को एक नई परत देता है।