करण कुंद्रा पर आरोपों को लेकर सान्वी तलवार ने तोड़ी चुप्पी: 'जब खुद तैयार हों, तभी बोलें'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री सान्वी तलवार ने अभिनेता करण कुंद्रा पर लगाए गए अपने कथित आरोपों को लेकर लंबे समय बाद खुलकर बात की है। 26 जुलाई को दिए एक इंटरव्यू में सान्वी ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले पर बोलने के लिए व्यक्ति का मानसिक और भावनात्मक रूप से तैयार होना सबसे पहली शर्त है। उन्होंने उन महिलाओं को भी संदेश दिया जो अपने साथ हुए गलत अनुभव के बारे में बोलने से डरती हैं।
पुराने आरोपों की पृष्ठभूमि
सान्वी तलवार ने टीवी शो 'ये कहां आ गए हम' में करण कुंद्रा के साथ काम किया था। इसी शो के दौरान उन्होंने करण कुंद्रा पर कथित तौर पर गलत व्यवहार के आरोप लगाए थे। सान्वी का कहना था कि काम के दौरान करण कुंद्रा ने कथित तौर पर उनकी सहमति के बिना उन्हें किस किया और थप्पड़ भी मारा। इस विवाद में शो की निर्माता एकता कपूर ने हस्तक्षेप किया था, जिसके बाद शो की निर्देशन टीम में बदलाव किए गए थे।
सान्वी की सोच: सही समय पर उठाएं आवाज़
सान्वी ने कहा, 'पहले मैं अपनी बात सिर्फ उन्हीं लोगों से साझा करती थी, जिनके साथ बात करना मुझे ज़रूरी लगता था। जब कोई निजी बात कई लोगों तक पहुंचती है तो कई बार उसका मतलब बदल जाता है और कहानी अलग रूप ले लेती है। अब मैं अपनी बात खुलकर रखने में सहज महसूस करती हूं, क्योंकि यह मेरा खुद का फैसला है और मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे।'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि कोई बात सही है और उसे सामने रखना ज़रूरी है, तो उसे अपनी आवाज़ उठानी चाहिए। हर किसी का अपनी भावनाओं और अनुभवों को साझा करने का तरीका अलग होता है। किसी पर भी यह दबाव नहीं होना चाहिए कि उसे किसी घटना के तुरंत बाद ही बोलना पड़े। सही समय वही होता है, जब व्यक्ति खुद को मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत महसूस करे।'
महिलाओं को संदेश
जब सान्वी से पूछा गया कि उन महिलाओं के लिए उनका क्या संदेश है जो अपने साथ हुए किसी गलत अनुभव के बारे में बोलने से डरती हैं, तो उन्होंने कहा, 'अगर किसी महिला के साथ कुछ गलत हुआ है और वह उस समय अपनी बात नहीं रख पाई, तो इसका मतलब यह नहीं है कि अब बहुत देर हो चुकी है। जब भी वह खुद को तैयार महसूस करे, उसे आगे आकर अपनी कहानी बतानी चाहिए। अगर लोग अपने अनुभवों के बारे में बात नहीं करेंगे, तो सच्चाई कभी सामने नहीं आ पाएगी।'
आत्मविश्वास और मानसिक तैयारी का महत्व
सान्वी ने महिलाओं को हिम्मत देते हुए कहा, 'अपनी बात रखना बेहद ज़रूरी है, लेकिन इसके लिए सही समय और सही मानसिक स्थिति का होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हर व्यक्ति को अपनी आवाज़ की अहमियत समझनी चाहिए और अपने अनुभवों को दबाकर नहीं रखना चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब मनोरंजन उद्योग में कार्यस्थल व्यवहार को लेकर बहस लगातार जारी है।