सिंटा विवाद: कुनिका सदानंद बोलीं — पूनम ढिल्लो का स्वभाव है दूसरों पर हावी होना
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में 28 अगस्त को सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने खुलकर अपनी बात रखी। सिंटा की सदस्या के रूप में उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन के भीतर चल रहे टकराव में अहंकार को किनारे रखकर सेवा पर ध्यान देना ज़रूरी है।
सिंटा में क्या चल रहा है
कुनिका ने कहा, 'बहुत दुखद बात है — सिंटा में जो हो रहा है, उसे देखकर लगता है कि हम मुद्दे से भटककर आपसी मनमुटाव और अहंकार में उलझ गए हैं। सिंटा की स्थापना कलाकारों की भलाई के लिए हुई थी, इसलिए उसी पर ध्यान केंद्रित होना चाहिए। जब आप सेवा में उतरते हैं, तो अहंकार को साइड में रखकर काम किया जाता है।'
पूनम ढिल्लो पर क्या कहा
सिंटा के अन्य सदस्यों द्वारा पूनम ढिल्लो और पद्मिनी पर लगाए गए आरोपों पर कुनिका ने कहा, 'मैं पूनम ढिल्लो को व्यक्तिगत रूप से काफी सालों से जानती हूं। उनके अंदर दूसरों पर हावी होने का स्वभाव है। इस तरह का व्यवहार नेतृत्व में कभी-कभी काम आता है, लेकिन यह तभी चलता है जब आप पूरी टीम को साथ लेकर चल सकें। एक अकेला व्यक्ति कुछ भी अकेले नहीं कर सकता।'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पद्मिनी से उनकी व्यक्तिगत परिचय उतनी गहरी नहीं है, इसलिए उनके बारे में वे कोई राय देने की स्थिति में नहीं हैं।
एजीएम से दूरी का खुलासा
कुनिका ने बताया कि वे पिछले दो एजीएम में शामिल नहीं हुईं। उन्होंने कहा, 'जब पूनम जी इलेक्ट होकर आई थीं, तो वे लोगों से बहुत बुरी तरह बात कर रही थीं। मैंने सोचा कि अपने दिन के चार घंटे बर्बाद करने का क्या फायदा, जब सुनने वाला कोई हो ही नहीं। इसके बाद से मैंने जाना बंद कर दिया।'
सिंटा चुनाव पर रुख
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंटा के आगामी चुनावों का भी ज़िक्र हुआ। इस पर कुनिका ने कहा, 'कोई भी आए, मेरा रुख स्पष्ट रहेगा — सही को सही और गलत को गलत ही कहूंगी।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब सिंटा के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान चरम पर है और संगठन की साख दांव पर लगी है।