सिंटा विवाद: उपासना सिंह का आरोप — मंत्रियों संग तस्वीरों में सिर्फ पूनम ढिल्लो-पद्मिनी को दिखाया गया
सारांश
मुख्य बातें
सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (सिंटा) की पूर्व महासचिव उपासना सिंह ने 28 अगस्त को संगठन के मौजूदा नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि पद्मिनी कोल्हापुरे और पूनम ढिल्लो के नेतृत्व में सिंटा के मंच का उपयोग व्यक्तिगत प्रचार के लिए किया जा रहा है, जिसमें सरकारी प्रतिनिधियों के साथ ली गई तस्वीरों को चुनिंदा तरीके से इस्तेमाल करना शामिल है।
तस्वीरें क्रॉप करने का आरोप
उपासना सिंह ने आरोप लगाया कि कई अहम कार्यक्रमों में जब कार्यकारिणी के अन्य सदस्यों के साथ तस्वीरें ली जाती थीं, तो उन्हें क्रॉप कर दिया जाता था। उन्होंने कहा, 'हम सिर्फ मंत्रियों से मिलने जाते थे। अगर आप हमारे फोन देखेंगे, तो मैं आपको मंत्रियों से मुलाकात की कई तस्वीरें दिखा सकती हूं — हम भी जाते थे, लेकिन किसकी तस्वीरें छपती थीं? सिर्फ पूनम और पद्मिनी की ही।'
उन्होंने दिलबाग जी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी तस्वीर को भी क्रॉप किया गया। उपासना के अनुसार, 'अगर किसी और एक्टर की फोटो होती थी, तो उसे क्रॉप कर दिया जाता था। फिर सिंटा का इस्तेमाल सिर्फ उनकी पब्लिसिटी के लिए किया गया।'
सिंटा के फंड से प्रेस कॉन्फ्रेंस पर सवाल
उपासना सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि सिंटा के पैसों का उपयोग ऐसी प्रेस कॉन्फ्रेंसों में किया गया जिनमें केवल पूनम ढिल्लो और पद्मिनी कोल्हापुरे को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा, 'कई प्रेस कॉन्फ्रेंस हुईं, जिनमें सिंटा के पैसों का इस्तेमाल हुआ, और उनमें सिर्फ उन्हें ही ज्यादा महत्व दिया गया।'
राज कपूर नाइट और हेमा मालिनी शो का मामला
राज कपूर नाइट कार्यक्रम से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए उपासना ने दावा किया कि कार्यकारिणी समिति (ईसी) के किसी भी सदस्य को उसमें आमंत्रित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, 'उसमें हमारे किसी भी ईसी मेंबर को नहीं बुलाया गया था — सिर्फ पूनम और पद्मिनी को।' उपासना के अनुसार, उन्हें इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की जानकारी बाद में मीडिया से मिली।
इसी प्रकार, अभिनेत्री हेमा मालिनी के शो से जुड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईसी सदस्यों को दोपहर 3.30 बजे का समय दिया गया, जबकि कार्यक्रम दोपहर 12.30 बजे ही शुरू हो चुका था। उन्होंने बताया कि जब दीपक पाराशर वेन्यू पर पहुंचे, तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन किसी ने खोला तक नहीं।
इस्तीफों से गहराया संकट
उपासना सिंह के ये आरोप सिंटा के अंदर चल रहे उस विवाद की पृष्ठभूमि में आए हैं, जो इस महीने की शुरुआत में कार्यकारिणी समिति के 11 सदस्यों के इस्तीफे के बाद और गहरा गया। इस्तीफा देने वालों में 8 निर्वाचित सदस्य शामिल थे — हेमंत पांडे, मुकेश ऋषि, साहिला चड्ढा, हेतल परमार, पुनीत इस्सर, विंदू दारा सिंह, विकास वर्मा और दीपक पाराशर। इन इस्तीफों के साथ नेतृत्व पर गलत फैसले लेने और पदों के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए गए।
गौरतलब है कि सिंटा फिल्म और टेलीविजन उद्योग के कलाकारों का प्रमुख संगठन है, और इस तरह के आंतरिक विवाद संगठन की साख और सदस्यों के हितों पर सीधा असर डाल सकते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सिंटा का मौजूदा नेतृत्व इन आरोपों का जवाब किस प्रकार देता है।