नेपाल बाढ़ पर दिलीप घोष: भारत हमेशा आपदा में सबसे पहले मदद करने वाला देश
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 28 अगस्त को कोलकाता के न्यू टाउन इको पार्क में रक्षाबंधन के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेपाल में आई बाढ़ पर भारत की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने इस प्राकृतिक आपदा में भी अपना सहयोग जारी रखा है और राहत कार्य अभी भी चल रहे हैं।
नेपाल बाढ़ पर भारत की प्रतिक्रिया
मंत्री दिलीप घोष ने कहा, 'यह एक प्राकृतिक आपदा है। भारत ने हमेशा मदद के लिए हाथ बढ़ाया है और राहत कार्य चल रहे हैं। प्रभावित लोगों की संख्या और उनके ठिकाने अभी पता नहीं चले हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि हिमालयी क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएँ वर्षों से होती आ रही हैं।
अतिक्रमण और पर्यटन पर चेतावनी
घोष ने आपदा के संभावित कारणों पर भी टिप्पणी की। उनके अनुसार, नदी के किनारे या नदी के भीतर बनाए गए घर, होटल और इमारतें इस तरह की त्रासदियों को और विकराल बना देती हैं। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को विशेष रूप से मानसून के मौसम में सावधानी बरतने की अपील की।
वैश्विक आपदाओं में भारत की भूमिका
मंत्री ने भारत की व्यापक मानवीय सहायता परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया में कहीं भी कोई आपदा आने पर भारत सबसे पहले मदद करने वाले देशों में शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि भारत प्रभावित देशों में डॉक्टर, दवाइयाँ, एनडीआरएफ की टीमें और खोज-बचाव में सहायक प्रशिक्षित दल भेजता है। उन्होंने ग्रीस, पाकिस्तान, अफ्रीका और अमेरिका में आई आपदाओं के दौरान भारत द्वारा दी गई सहायता का उदाहरण दिया।
अभिषेक बनर्जी के कार्यालय की घटना पर प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में हुई घटना पर घोष ने कहा कि पुलिस किसी भी अवैध गतिविधि का विरोध करेगी और सफाई का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा, 'कानून सबके लिए बराबर है और पुलिस कार्रवाई के ज़रिए यह साबित कर देगी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी के प्रभाव या राजनीतिक हैसियत से कानून को नहीं बदला जा सकता।
गौरतलब है कि नेपाल में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और भारत-नेपाल के बीच आपदा प्रबंधन सहयोग का यह सिलसिला आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।