28 अगस्त 2026
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नेपाल बाढ़ पर दिलीप घोष: भारत हमेशा आपदा में सबसे पहले मदद करने वाला देश

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नेपाल बाढ़ पर दिलीप घोष: भारत हमेशा आपदा में सबसे पहले मदद करने वाला देश

सारांश

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने नेपाल बाढ़ पर कहा — भारत हमेशा आपदा में सबसे पहले खड़ा होता है, राहत कार्य जारी हैं। साथ ही उन्होंने अभिषेक बनर्जी के कार्यालय विवाद पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कानून सबके लिए बराबर है।

मुख्य बातें

मंत्री दिलीप घोष ने 28 अगस्त को कोलकाता में नेपाल बाढ़ पर कहा कि भारत का राहत कार्य जारी है।
प्रभावित लोगों की सटीक संख्या और ठिकाने अभी तक अज्ञात हैं।
घोष ने नदी किनारे अतिक्रमण और पर्वतीय पर्यटन में लापरवाही को आपदा का कारण बताया।
भारत ने ग्रीस, पाकिस्तान, अफ्रीका सहित कई देशों में एनडीआरएफ टीम, डॉक्टर और दवाइयाँ भेजी हैं।
अभिषेक बनर्जी के कार्यालय विवाद पर घोष ने कहा — 'कानून सबके लिए बराबर है।'

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने 28 अगस्त को कोलकाता के न्यू टाउन इको पार्क में रक्षाबंधन के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेपाल में आई बाढ़ पर भारत की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने इस प्राकृतिक आपदा में भी अपना सहयोग जारी रखा है और राहत कार्य अभी भी चल रहे हैं।

नेपाल बाढ़ पर भारत की प्रतिक्रिया

मंत्री दिलीप घोष ने कहा, 'यह एक प्राकृतिक आपदा है। भारत ने हमेशा मदद के लिए हाथ बढ़ाया है और राहत कार्य चल रहे हैं। प्रभावित लोगों की संख्या और उनके ठिकाने अभी पता नहीं चले हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि हिमालयी क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाएँ वर्षों से होती आ रही हैं।

अतिक्रमण और पर्यटन पर चेतावनी

घोष ने आपदा के संभावित कारणों पर भी टिप्पणी की। उनके अनुसार, नदी के किनारे या नदी के भीतर बनाए गए घर, होटल और इमारतें इस तरह की त्रासदियों को और विकराल बना देती हैं। उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले पर्यटकों को विशेष रूप से मानसून के मौसम में सावधानी बरतने की अपील की।

वैश्विक आपदाओं में भारत की भूमिका

मंत्री ने भारत की व्यापक मानवीय सहायता परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया में कहीं भी कोई आपदा आने पर भारत सबसे पहले मदद करने वाले देशों में शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि भारत प्रभावित देशों में डॉक्टर, दवाइयाँ, एनडीआरएफ की टीमें और खोज-बचाव में सहायक प्रशिक्षित दल भेजता है। उन्होंने ग्रीस, पाकिस्तान, अफ्रीका और अमेरिका में आई आपदाओं के दौरान भारत द्वारा दी गई सहायता का उदाहरण दिया।

अभिषेक बनर्जी के कार्यालय की घटना पर प्रतिक्रिया

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में हुई घटना पर घोष ने कहा कि पुलिस किसी भी अवैध गतिविधि का विरोध करेगी और सफाई का काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा, 'कानून सबके लिए बराबर है और पुलिस कार्रवाई के ज़रिए यह साबित कर देगी।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी के प्रभाव या राजनीतिक हैसियत से कानून को नहीं बदला जा सकता।

गौरतलब है कि नेपाल में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और भारत-नेपाल के बीच आपदा प्रबंधन सहयोग का यह सिलसिला आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें ठोस विवरण का अभाव है — न प्रभावित लोगों की संख्या, न राहत की मात्रा। नेपाल-भारत आपदा सहयोग का इतिहास मज़बूत है, पर हिमालयी आपदाओं में अतिक्रमण और अनियंत्रित पर्यटन की समस्या पर राजनीतिक इच्छाशक्ति अब भी कमज़ोर दिखती है। अभिषेक बनर्जी के कार्यालय विवाद पर घोष की टिप्पणी पश्चिम बंगाल की राजनीतिक खींचतान को उजागर करती है, जो राहत के मुद्दे से ध्यान भटकाती है।
RashtraPress
28 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ पर दिलीप घोष ने क्या कहा?
मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है और भारत ने हमेशा ऐसी स्थितियों में मदद का हाथ बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि राहत कार्य जारी हैं, हालाँकि प्रभावित लोगों की सटीक संख्या अभी ज्ञात नहीं है।
नेपाल में बाढ़ आपदा के लिए भारत क्या सहायता भेजता है?
घोष के अनुसार, भारत आपदा-प्रभावित देशों में डॉक्टर, दवाइयाँ, एनडीआरएफ की टीमें और खोज-बचाव में प्रशिक्षित दल भेजता है। यह सहायता केवल नेपाल तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रीस, पाकिस्तान और अफ्रीका तक भी पहुँचाई गई है।
हिमालयी क्षेत्र में बाढ़ और आपदाओं की बड़ी वजह क्या है?
दिलीप घोष ने नदी किनारे और नदी के भीतर बनाई गई इमारतों, होटलों और घरों को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने यह भी कहा कि मानसून के मौसम में पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटकों की लापरवाही भी जोखिम बढ़ाती है।
अभिषेक बनर्जी के कार्यालय की घटना पर दिलीप घोष ने क्या कहा?
घोष ने कहा कि पुलिस किसी भी अवैध गतिविधि का विरोध करेगी और सफाई का काम शुरू हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए बराबर है और किसी के राजनीतिक प्रभाव से इसे नहीं बदला जा सकता।
क्या भारत और नेपाल के बीच आपदा प्रबंधन में सहयोग है?
हाँ, भारत और नेपाल के बीच आपदा प्रबंधन सहयोग का एक लंबा इतिहास है। भारत ने अतीत में नेपाल को भूकंप और बाढ़ जैसी आपदाओं में एनडीआरएफ टीमें, चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री भेजी है।
राष्ट्र प्रेस
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