नेपाल बाढ़ के बाद मंत्री दिलीप घोष की चेतावनी: 'जुलाई-अगस्त में पहाड़ी यात्रा से बचें'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने 27 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ त्रासदी पर प्रतिक्रिया देते हुए पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को जुलाई और अगस्त के महीनों में पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से बचने की सख्त सलाह दी। उन्होंने इस हादसे को एक प्राकृतिक आपदा बताया और कहा कि इसके लिए किसी एक को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
मानसून में पहाड़ी यात्रा पर चेतावनी
मंत्री दिलीप घोष ने मानसरोवर यात्रा और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को आगाह करते हुए कहा, 'प्राकृतिक घटनाएं किसी के नियंत्रण में नहीं होतीं, फिर भी हम बार-बार देखते हैं कि लोग जोखिमों को पूरी तरह समझे बिना पहाड़ों पर चले जाते हैं।' उन्होंने ऐसे पुराने मामलों का उल्लेख किया जहाँ फँसे हुए यात्रियों को बचाने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात करने पड़े और कुछ लोग लापता भी हो गए। घोष ने कहा कि अतीत की ऐसी घटनाएं 'भयावह' रही हैं और उनमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
सरकार की बचाव प्रतिबद्धता
घोष ने स्पष्ट किया कि चूँकि ऐसी आपदाओं का सटीक स्वरूप अप्रत्याशित होता है, इसलिए सरकार वहाँ फँसे लोगों को बचाने की 'हरसंभव कोशिश' कर रही है — 'चाहे वे जीवित मिलें या मृत।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि दुनिया में कहीं भी आपदा आने पर भारत सबसे पहले सहायता पहुँचाने वाले देशों में शामिल रहा है। उनके अनुसार भारत ने आपदाग्रस्त देशों में डॉक्टर, दवाएं, एनडीआरएफ की टीमें और खोज-बचाव कार्य में सहायक कुत्ते भी भेजे हैं — चाहे ग्रीस में भूकंप हो, पाकिस्तान में बाढ़, या अफ्रीका और अमेरिका में कोई अन्य संकट।
घुसपैठ पर अमित शाह के बयान का समर्थन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 'भारत कोई धर्मशाला नहीं है' वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री घोष ने उनका पूरा समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश में कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करने वालों के खिलाफ 'सख्त कार्रवाई' होनी चाहिए। घोष ने कथित तौर पर कहा कि करोड़ों विदेशी नागरिक अवैध रूप से देश में घुसे हैं और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC), उत्तर प्रदेश में पूर्ववर्ती सपा सरकार और दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार पर ऐसे घुसपैठियों को आश्रय देने का आरोप लगाया — हालाँकि ये आरोप उनकी अपनी राय हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राहुल गांधी के मनुस्मृति बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर मंत्री घोष ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि गांधी 'जिस तरीके से बार-बार सनातन धर्म के खिलाफ बयान देते हैं,' उन्हें यह समझना चाहिए कि 'हिंदू धर्म का अपमान करके यहाँ कोई राज नहीं कर सकता।' घोष ने व्यंग्यात्मक लहजे में यह भी कहा कि गांधी ने 'सुपारी ली है कि कांग्रेस को खत्म करके ही जाएंगे।'
आगे की स्थिति
नेपाल बाढ़ त्रासदी के मद्देनजर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा को लेकर सुरक्षा जागरूकता का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है। विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी मानसून के दौरान उच्च-जोखिम वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह देते रहे हैं। मंत्री घोष की यह चेतावनी उसी दिशा में एक राजनीतिक आवाज़ के रूप में सामने आई है।