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क्या रुक्मिणी वसंत ने 'कांतारा चैप्टर 1' में अपने रोल के लिए बॉडी लैंग्वेज पर काम किया?

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क्या रुक्मिणी वसंत ने 'कांतारा चैप्टर 1' में अपने रोल के लिए बॉडी लैंग्वेज पर काम किया?

सारांश

अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत ने 'कांतारा चैप्टर 1' में अपने किरदार 'राजकुमारी कंकावती' के लिए कई प्रकार की तैयारियों की। घुड़सवारी, तलवारबाजी और पारंपरिक नृत्य जैसी कला में दक्षता हासिल करना उनके लिए एक अद्वितीय अनुभव रहा। जानें कैसे उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण भूमिका को निभाने के लिए खुद को तैयार किया।

मुख्य बातें

रुक्मिणी वसंत की मेहनत ने उन्हें एक सफल किरदार निभाने में मदद की।
बॉडी लैंग्वेज का महत्व समझा।
घुड़सवारी और तलवारबाजी जैसी कला सीखी।
पारंपरिक नृत्य की ट्रेनिंग भी आवश्यक थी।
किरदार को समझने के लिए वर्कशॉप का महत्व।

मुंबई, 3 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेत्री रुक्मिणी वसंत इन दिनों फिल्म 'कांतारा चैप्टर 1' में अपनी भूमिका 'राजकुमारी कंकावती' को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए बताया कि इस प्रकार का ऐतिहासिक और विशिष्ट रोल निभाना उनके लिए एक नया और चुनौतीपूर्ण अनुभव था।

रुक्मिणी ने साझा किया कि इस भूमिका के लिए उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की कड़ी तैयारियों से गुजरना पड़ा।

राष्ट्र प्रेस को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "किसी भी किरदार को सही तरीके से निभाने के लिए बॉडी लैंग्वेज सबसे महत्वपूर्ण होती है। चाहे आप आज के दौर की कॉलेज स्टूडेंट हों या फिर चौथी सदी की राजकुमारी, शरीर का हाव-भाव किरदार की पहचान बनाने में सहायक होता है। इस भूमिका के लिए मैंने शूटिंग शुरू करने से पहले चार से पांच दिन तक वर्कशॉप में हिस्सा लिया, जिसमें फिल्म के लेखक भी शामिल रहे। इस वर्कशॉप में मैंने राजकुमारी के स्वभाव, उसकी चाल-ढाल और लोगों को देखने के तरीके को समझा और अपने किरदार को सही रूप में पर्दे पर प्रस्तुत किया।"

उन्होंने बताया कि शारीरिक तैयारी के साथ-साथ, उन्होंने घुड़सवारी की ट्रेनिंग भी ली।

रुक्मिणी ने कहा, "घोड़े की सवारी करना मेरे लिए एक मजेदार और अनोखा अनुभव था। इसके साथ ही मैंने तलवारबाजी भी सीखी। इसकी ट्रेनिंग ने मुझे एक्टिव और मजबूत बॉडी लैंग्वेज अपनाने में मदद की, जो मेरे किरदार योद्धा राजकुमारी के लिए जरूरी था।"

राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हर सीन और स्क्रिप्ट की लाइनों को महसूस करना बहुत जरूरी होता है ताकि किरदार की परिस्थितियों को दर्शकों तक सही तरीके से पहुंचाया जा सके। इसके अलावा, इस भूमिका में पारंपरिक नृत्य की भी भूमिका थी, जिसे उन्होंने बड़ी मेहनत से सीखा।

उन्होंने कहा कि घुड़सवारी, तलवारबाजी, पारंपरिक नृत्य और बॉडी लैंग्वेज ऐसी चीजें हैं जिनका एक अभिनेता हमेशा इंतजार करता है। ये सब उनकी कला को और निखारने में मदद करते हैं।

रुक्मिणी ने इस अवसर के लिए खुद को बहुत खुशकिस्मत और आभारी महसूस किया।

बता दें कि 'कांतारा चैप्टर 1' 2 अक्टूबर को रिलीज हुई थी। यह फिल्म 2022 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कांतारा' का प्रीक्वल है। इस फिल्म के निर्देशक ऋषभ शेट्टी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दर्शकों के लिए भी एक नई दुनिया का अनुभव कराती हैं।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रुक्मिणी वसंत ने अपने किरदार के लिए कौन सी तैयारियाँ की?
रुक्मिणी ने अपने किरदार के लिए शारीरिक और मानसिक तैयारी की, जिसमें घुड़सवारी, तलवारबाजी और पारंपरिक नृत्य सीखना शामिल था।
'कांतारा चैप्टर 1' कब रिलीज हुई?
'कांतारा चैप्टर 1' 2 अक्टूबर को रिलीज हुई।
इस फिल्म के निर्देशक कौन हैं?
इस फिल्म के निर्देशक ऋषभ शेट्टी हैं।
रुक्मिणी ने अपनी भूमिका के लिए कितने दिन वर्कशॉप में हिस्सा लिया?
रुक्मिणी ने चार से पांच दिन तक वर्कशॉप में हिस्सा लिया।
रुक्मिणी वसंत ने किस किरदार को निभाया?
रुक्मिणी ने 'राजकुमारी कंकावती' का किरदार निभाया।
राष्ट्र प्रेस
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