26 अक्टूबर 2026
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कर्नाटक: BJP नेता आर. अशोक का आरोप — कांग्रेस सरकार ने एक महीने में भी ₹2,500 सूखा राहत नहीं दी

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कर्नाटक: BJP नेता आर. अशोक का आरोप — कांग्रेस सरकार ने एक महीने में भी ₹2,500 सूखा राहत नहीं दी

सारांश

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार पर दोहरा वार किया — न सूखा राहत की ₹2,500 राशि जारी की, न फसल बीमा प्रीमियम चुकाया। विशेष सत्र की घोषणा एक महीने बाद भी कागज़ पर है, और खुद सरकार के भीतर से असंतोष की आवाज़ें उठ रही हैं।

मुख्य बातें

अशोक ने 26 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर किसान-विरोधी होने का आरोप लगाया।
विधानसभा के विशेष सत्र के एक महीने बाद भी किसानों को ₹2,500 प्रति एकड़ की इनपुट सब्सिडी (सूखा राहत) जारी नहीं की गई।
सरकार पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का राज्य प्रीमियम हिस्सा न चुकाने का भी आरोप, जिससे किसान बीमा मुआवजे से वंचित हैं।
अशोक ने दावा किया कि डॉ.
परमेश्वर ने कथित तौर पर वित्त विभाग की देरी पर असंतोष जताया है।
BJP ने माँग की — तत्काल राहत राशि जारी हो और बीमा प्रीमियम बकाया चुकाया जाए, अन्यथा किसानों का गुस्सा राजनीतिक रूप से भारी पड़ेगा।

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को राज्य की कांग्रेस सरकार पर किसान-विरोधी होने का तीखा आरोप लगाया। उनका कहना है कि विधानसभा के विशेष सत्र को एक महीना बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार किसानों को प्रति एकड़ ₹2,500 की 'इनपुट सब्सिडी' (सूखा राहत राशि) उनके बैंक खातों में हस्तांतरित करने में विफल रही है।

मुख्य आरोप क्या हैं

अशोक ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने विशेष सत्र के दौरान बड़ी राहत की घोषणा की, लेकिन वह वादा किसानों तक नहीं पहुँचाया। उन्होंने ₹2,500 की राशि को पहले से सूखे की मार झेल रहे किसान समुदाय का 'अपमान' बताया।

अशोक ने यह भी दावा किया कि स्वयं राज्य सरकार के वरिष्ठ नेता डॉ. जी. परमेश्वर ने कथित तौर पर फंड जारी होने में देरी को लेकर वित्त विभाग के कामकाज पर असंतोष जताया है। उन्होंने सवाल किया, 'क्या ऐसी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार है, जो लोकतंत्र के मंदिर में 224 चुने हुए प्रतिनिधियों के सामने की गई घोषणा के अनुसार पैसे भी जारी नहीं कर सकती?'

फसल बीमा योजना पर दोहरा आरोप

अशोक ने कांग्रेस सरकार पर किसानों को दो मोर्चों पर विफल करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, सरकार ने न केवल सूखा राहत राशि जारी नहीं की, बल्कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राज्य सरकार का प्रीमियम हिस्सा भी नहीं चुकाया। इस कारण किसान बीमा मुआवजे से वंचित हो रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, 'एक तरफ, वे किसानों से किए गए मामूली राहत के वादे को भी पूरा न करके उन्हें गुमराह कर रहे हैं। दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राज्य सरकार का प्रीमियम हिस्सा न जमा करके किसानों को धोखा दे रहे हैं, जिससे उन्हें बीमा मुआवजा नहीं मिल पा रहा है।'

सरकार के भीतर असंतोष का हवाला

अशोक ने तर्क दिया कि जब सरकार के अपने उपमुख्यमंत्री और मंत्री ही उसके कामकाज से असंतुष्ट बताए जा रहे हों, तो आम जनता उस सरकार पर कैसे भरोसा करे। उन्होंने कहा, 'बड़ी-बड़ी घोषणाएँ करना और उनका श्रेय लेना, लेकिन जब लागू करने की बारी आए तो यह कह देना कि सरकारी खजाना खाली है — क्या यही आपकी तथाकथित किसान-हितैषी सरकार का मतलब है?'

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कई जिले लगातार सूखे की चपेट में हैं और किसान राहत राशि की प्रतीक्षा में हैं।

BJP की माँग और चेतावनी

अशोक ने राज्य सरकार से तत्काल दो माँगें रखीं — पहली, किसानों को सूखा राहत राशि ₹2,500 प्रति एकड़ की दर से तुरंत जारी की जाए; दूसरी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में राज्य का बकाया प्रीमियम हिस्सा चुकाया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि सूखे की मार झेल रहे गरीब किसानों का गुस्सा अंततः कांग्रेस सरकार के लिए राजनीतिक रूप से महँगा साबित होगा। यह कर्नाटक में कांग्रेस और BJP के बीच कृषि नीति को लेकर जारी टकराव की एक और कड़ी है, जो आगामी राजनीतिक घटनाक्रम को प्रभावित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यदि सच है, तो यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि गठबंधन के भीतर दरार का संकेत भी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का प्रीमियम न भरना एक अधिक गंभीर मुद्दा है — यह केंद्रीय योजना का राज्य-स्तरीय अवरोध है, जिसकी कीमत सीधे किसान चुकाते हैं। मुख्यधारा की कवरेज राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रह जाती है, लेकिन असली जवाबदेही यह है कि राज्य सरकार यह स्पष्ट करे कि राशि कब और किन शर्तों पर जारी होगी।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में किसानों को सूखा राहत राशि क्यों नहीं मिली?
BJP नेता आर. अशोक के अनुसार, राज्य की कांग्रेस सरकार विधानसभा के विशेष सत्र के एक महीने बाद भी किसानों के बैंक खातों में ₹2,500 प्रति एकड़ की इनपुट सब्सिडी हस्तांतरित नहीं कर पाई है। सरकार की ओर से अभी तक आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।
कर्नाटक में इनपुट सब्सिडी (सूखा राहत) क्या है?
इनपुट सब्सिडी वह राहत राशि है जो राज्य सरकार सूखाग्रस्त किसानों को उनकी फसल के नुकसान की भरपाई के लिए देती है। कर्नाटक सरकार ने विधानसभा के विशेष सत्र में ₹2,500 प्रति एकड़ की दर से यह राशि देने की घोषणा की थी।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कर्नाटक सरकार पर क्या आरोप है?
अशोक का आरोप है कि कर्नाटक सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राज्य का प्रीमियम हिस्सा नहीं चुकाया, जिसके कारण किसान बीमा मुआवजे से वंचित हो रहे हैं। यह एक केंद्रीय योजना है जिसमें केंद्र और राज्य दोनों प्रीमियम का हिस्सा वहन करते हैं।
डॉ. जी. परमेश्वर का इस विवाद से क्या संबंध है?
BJP नेता आर. अशोक ने दावा किया कि डॉ. जी. परमेश्वर ने कथित तौर पर फंड जारी होने में देरी पर राज्य सरकार के वित्त विभाग के कामकाज पर असंतोष जताया है। यह दावा सरकार के भीतर अंतर्कलह की ओर इशारा करता है, हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
BJP ने कर्नाटक सरकार से क्या माँग की है?
BJP ने राज्य सरकार से दो तत्काल माँगें रखी हैं — पहली, किसानों को ₹2,500 प्रति एकड़ की सूखा राहत राशि तुरंत जारी की जाए; दूसरी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में राज्य का बकाया प्रीमियम हिस्सा चुकाया जाए। अशोक ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो कांग्रेस को किसानों के गुस्से का राजनीतिक खामियाजा भुगतना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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