कर्नाटक सूखा राहत: BJP नेता आर. अशोक का आरोप — कांग्रेस सरकार ने एक रुपया भी जारी नहीं किया
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधानसभा में नेता विपक्ष और वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता आर. अशोक ने मंगलवार, 18 अगस्त को राज्य की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मध्य और उत्तरी कर्नाटक में गंभीर सूखे जैसे हालात बनने के बावजूद राज्य सरकार ने अब तक राहत के लिए एक रुपया भी जारी नहीं किया है। अशोक के अनुसार, कम वर्षा के कारण किसान और मवेशी दोनों संकट में हैं।
मुख्य आरोप: राहत राशि शून्य, घोषणा भी नहीं
पत्रकारों से बात करते हुए अशोक ने कहा, 'सूखे की वजह से किसान परेशान हैं और मवेशी भी मुश्किल में हैं। मध्य और उत्तरी कर्नाटक में कम बारिश हुई है, जिससे सूखे जैसे हालात बन गए हैं। लेकिन राज्य सरकार ने अब तक एक रुपया भी जारी नहीं किया है।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब कोई वित्तीय सहायता दी ही नहीं गई, तो उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर के प्रस्तावित बयान का क्या औचित्य है।
सरकार की जवाबदेही पर BJP का रुख
अशोक ने बताया कि BJP ने जनता दल (सेक्युलर) के साथ इस मुद्दे पर विचार-विमर्श किया है और इसे समन्वय समिति में भी उठाया है। उन्होंने माँग की कि विधानसभा के मौजूदा सत्र में सूखे की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हो। साथ ही, सरकार से तत्काल राहत राशि जारी करने और मवेशियों की सुरक्षा के लिए पशु आश्रय स्थल खोलने की अपील की गई। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने स्वयं राज्य के विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और एक रिपोर्ट तैयार कर सौंपी है।
कावेरी विवाद और किसानों की दोहरी मार
अशोक ने कावेरी जल विवाद का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार कर्नाटक का पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रख पाई है, जिससे कावेरी बेसिन के किसानों को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पहले से ही कम वर्षा के कारण कृषि संकट गहरा है।
मंत्री नागेंद्र को हटाने की माँग और KPSC भ्रष्टाचार के आरोप
नेता विपक्ष ने कैबिनेट से मंत्री बी. नागेंद्र को हटाने की माँग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि डेवलपमेंट कॉरपोरेशन में ₹187 करोड़ की कथित अनियमितता के आरोपों के बावजूद नागेंद्र को दोबारा मंत्री बनाया गया, जो अस्वीकार्य है। अशोक ने चेतावनी दी कि जब तक नागेंद्र को कैबिनेट से नहीं हटाया जाता, BJP का विरोध जारी रहेगा।
इसके अलावा, उन्होंने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में पेपर लीक और रिश्वतखोरी के आरोप भी लगाए। उनके अनुसार, रिश्वतखोरी से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई हैं और ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी तथा पुलिस विभाग में भी भ्रष्टाचार के मामले उजागर हुए हैं। उन्होंने KPSC मामले की CBI जाँच की माँग की और कहा कि गड़बड़ियाँ सामने आने के बाद ही SIT का गठन किया गया।
गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से ही कई मोर्चों पर विपक्ष के निशाने पर है। सूखा राहत, कावेरी विवाद और भ्रष्टाचार के आरोपों को मिलाकर BJP ने एक व्यापक राजनीतिक आक्रमण की रणनीति अपनाई है, जिसकी गूँज विधानसभा सत्र में सुनाई देने की संभावना है।