वाईएस राजशेखर रेड्डी की जयंती पर खड़गे और राहुल गांधी ने एक्स पर दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 8 जुलाई को आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी की जयंती पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों नेताओं ने रेड्डी को एक दूरदर्शी जननेता बताते हुए उनकी किसानों, गरीबों और वंचित वर्गों के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
खड़गे की श्रद्धांजलि
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा, 'उनकी जयंती पर, हम आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी को याद करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।' खड़गे ने आगे कहा कि रेड्डी ने अपना जीवन आंध्र प्रदेश के लोगों की भलाई और तरक्की के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि किसानों, गरीबों और समाज के वंचित वर्गों के प्रति रेड्डी की अटूट प्रतिबद्धता और कांग्रेस पार्टी के प्रति उनका गहरा समर्पण एक ऐसी विरासत है जो हमेशा याद रखी जाएगी।
राहुल गांधी का संदेश
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, 'वरिष्ठ कांग्रेस नेता और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी जी को उनकी जयंती पर याद करते हुए।' राहुल ने कहा कि एक सच्चे राजनेता के तौर पर रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के लोगों के कल्याण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता से अनगिनत लोगों का जीवन बेहतर बनाया। उनके अनुसार, 'लोगों के लिए उनकी सेवा को हमेशा याद किया जाएगा।'
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
झाबुआ से विधायक और कांग्रेस नेता डॉ. विक्रांत भूरिया ने एक्स पर लिखा कि वाईएस राजशेखर रेड्डी एक दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन जनता की सेवा और कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। भूरिया ने कहा कि उनकी निःस्वार्थ सेवा और जनप्रतिबद्धता हमेशा प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी रेड्डी की दूरदर्शी लीडरशिप और आंध्र प्रदेश के विकास में उनके योगदान को नमन किया गया।
वाईएस राजशेखर रेड्डी की विरासत
गौरतलब है कि वाई. एस. राजशेखर रेड्डी आंध्र प्रदेश के उन चुनिंदा मुख्यमंत्रियों में से एक थे जिन्होंने राज्य में किसान कल्याण और ग्रामीण विकास को अपनी नीतियों के केंद्र में रखा। उनके निधन के वर्षों बाद भी उनकी जयंती पर देशभर के कांग्रेस नेताओं द्वारा श्रद्धांजलि देने की परंपरा बनी हुई है, जो उनकी राजनीतिक विरासत की गहराई को दर्शाती है। उनके पुत्र वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी ने बाद में अलग राजनीतिक पथ अपनाया और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की स्थापना की।