क्या पुरी रथयात्रा भगदड़ एक त्रासदी है? खड़गे-राहुल गांधी ने जताया दुख

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क्या पुरी रथयात्रा भगदड़ एक त्रासदी है? खड़गे-राहुल गांधी ने जताया दुख

सारांश

पुरी रथ यात्रा के दौरान हुई भगदड़ पर कांग्रेस नेताओं ने दुख जताया। खड़गे ने लापरवाही को अक्षम्य बताया, जबकि राहुल गांधी ने जीवन की रक्षा को सर्वोपरि कहा। ओडिशा सरकार ने कार्रवाई की और मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद का ऐलान किया।

मुख्य बातें

भगदड़ की घटना ओडिशा के पुरी में हुई।
कांग्रेस नेताओं ने लापरवाही को अक्षम्य बताया।
ओडिशा सरकार ने तात्कालिक कार्रवाई की।
मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर ध्यान देने की आवश्यकता।

भुवनेश्वर, 29 जून (राष्ट्र प्रेस)। ओडिशा के पुरी में गुंडिचा मंदिर के पास हुई भगदड़ पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। खड़गे ने इस घटना में लापरवाही को अक्षम्य करार दिया। वहीं राहुल गांधी ने कहा कि जीवन की रक्षा सर्वोपरि है और इस जिम्मेदारी में कोई चूक स्वीकार्य नहीं।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "महाप्रभु जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भगदड़ मचने की घटना से मैं बहुत दुखी हूं, जिसमें तीन लोगों की जान गई और कम से कम 50 लोग घायल हुए। यह घटना शुक्रवार को यात्रा के दौरान 500 श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर आने के बाद हुई। मेरी संवेदनाएं पीड़ितों के परिवारों के साथ हैं। मैं सभी घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।"

उन्होंने आगे लिखा, "जिस लापरवाही और कुप्रबंधन के कारण यह त्रासदी हुई, वह अक्षम्य है। राज्य सरकार और अधिकारियों को इस घटना में हुई गंभीर चूक की पूरी जांच करनी चाहिए। सार्वजनिक सुरक्षा और प्रभावी भीड़ प्रबंधन सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर पूर्व नियोजित उत्सवों के दौरान। इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों को कानून के प्रति जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। इस विषम परिस्थिति में कांग्रेस प्रभावित परिवारों को राहत, चिकित्सा सहायता और अन्य मदद प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।"

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी लिखा, "पुरी में रथ यात्रा के दौरान हुई भगदड़ की घटना अत्यंत दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना और घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं। ओडिशा सरकार से अपील है कि राहत कार्यों में तेजी लाए। यह त्रासदी एक गंभीर चेतावनी है; ऐसे बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों की गंभीरता से समीक्षा होनी चाहिए।"

ओडिशा के पुरी में गुंडिचा मंदिर के पास हुई भगदड़ की घटना पर माझी सरकार ने तात्कालिक एक्शन लिया है। हादसे के कारण ओडिशा सरकार ने डीसीपी बिष्णु पति और कमांडेंट अजय पाढ़ी को ड्यूटी में लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया है, जबकि पुरी के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) का भी तबादला कर दिया गया है। चंचल राणा को नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि पिनाक मिश्रा को नए एसपी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, माझी सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो सार्वजनिक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की खामियों को उजागर करती है। कांग्रेस के नेताओं का यह कहना कि लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, सही है। ऐसी त्रासदियों से बचने के लिए हमें सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुरी रथ यात्रा में भगदड़ क्यों हुई?
भगदड़ की घटना लापरवाही और भीड़ प्रबंधन की कमी के कारण हुई।
इस हादसे में कितने लोग प्रभावित हुए?
इसमें तीन लोगों की जान गई और कम से कम 50 लोग घायल हुए।
ओडिशा सरकार ने क्या कार्रवाई की?
डीसीपी और कमांडेंट को निलंबित किया गया और मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद दी गई।
राष्ट्र प्रेस
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