गांधी-शास्त्री जयंती: रांची में राज्यपाल गंगवार और CM हेमंत सोरेन ने बापू वाटिका में दी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची में 2 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर राजकीय स्तर पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका पहुँचकर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
बापू वाटिका में श्रद्धांजलि समारोह
रक्षा राज्यमंत्री एवं रांची के सांसद संजय सेठ और राज्यसभा सांसद महुआ माजी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा आम नागरिकों ने बापू वाटिका पहुँचकर महात्मा गांधी को नमन किया। यह आयोजन झारखंड में गांधी जयंती की राजकीय परंपरा के अनुरूप आयोजित हुआ।
राज्यपाल गंगवार का संबोधन
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने लोक भवन में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण किया। उन्होंने कहा कि सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर महात्मा गांधी ने मानवता को नई दिशा दी, और उनके विचार आज भी सत्यनिष्ठा, शांति, सद्भाव और समाज सेवा की प्रेरणा देते हैं।
शास्त्री जी को श्रद्धांजलि देते हुए राज्यपाल गंगवार ने कहा कि सादगी, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा से परिपूर्ण उनका जीवन देशसेवा की प्रेरणादायी मिसाल है। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का 'जय जवान, जय किसान' का संदेश देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विचार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महात्मा गांधी को नमन करते हुए कहा कि बापू ने सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए देश को स्वतंत्रता का मार्ग दिखाया और दुनिया को मानवता, शांति तथा सह-अस्तित्व का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब समाज में विभाजन की कोशिशें दिखाई देती हैं, तब गांधी के सत्य, अहिंसा, निर्भीकता, सद्भाव और सर्वजन हित का संदेश और अधिक प्रासंगिक हो जाता है।
सोरेन ने कहा कि गांधी ऐसे देश का सपना देखते थे जहाँ अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचे, गरीब और वंचित को सम्मान मिले, गाँव सशक्त हों और प्रकृति के साथ संतुलन बना रहे। भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा, 'शास्त्री जी का सरल जीवन, दृढ़ नेतृत्व, ईमानदारी और देश के प्रति समर्पण सदैव हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। जय जवान, जय किसान — उनका यह आह्वान सदैव लोगों को प्रेरित करता रहेगा।'
आम जनता की भागीदारी
गौरतलब है कि गांधी जयंती और शास्त्री जयंती दोनों प्रतिवर्ष 2 अक्टूबर को एक साथ मनाई जाती हैं। इस वर्ष झारखंड में राजकीय कार्यक्रमों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में बापू वाटिका पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। यह समारोह राष्ट्रीय एकता और गांधीवादी मूल्यों की पुनः स्मृति का अवसर बना।
आने वाले दिनों में राज्य भर में गांधी जयंती से जुड़े स्वच्छता अभियान और अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने की संभावना है।