जय राम ठाकुर ने शिमला रिज पर गांधी और शास्त्री को पुष्पांजलि अर्पित की, सुक्खू सरकार पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने 2 अक्टूबर 2026 को शिमला के ऐतिहासिक रिज पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसी अवसर पर उन्होंने स्वच्छता अभियान में भी भाग लिया और राज्य की कांग्रेस सरकार पर कर्मचारियों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।
श्रद्धांजलि और आदर्शों का स्मरण
पुष्पांजलि के बाद मीडिया से बात करते हुए ठाकुर ने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, त्याग और सत्याग्रह के आदर्श आज भी देशवासियों को प्रेरणा देते हैं। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री को सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और दृढ़ नेतृत्व का प्रतीक बताया।
ठाकुर ने कहा कि शास्त्री का प्रसिद्ध नारा 'जय जवान, जय किसान' देश के सैनिकों और किसानों के प्रति सम्मान की भावना को जीवंत रखता है। गांधी जयंती के उपलक्ष्य में उन्होंने स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया और सफाईकर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए राज्य सरकार से उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया।
दिल्ली दौरे पर केंद्रीय मंत्रियों से चर्चा
हालिया दिल्ली दौरे के बारे में पूछे जाने पर ठाकुर ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों के साथ हिमाचल प्रदेश की विकास परियोजनाओं, चल रही योजनाओं और पार्टी संगठन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री राज्य को लगातार समर्थन दे रहे हैं।
यह दौरा ऐसे समय में हुआ जब हिमाचल में कई सरकारी कर्मचारी संगठन अपनी माँगों को लेकर आंदोलनरत हैं और राज्य सरकार पर दबाव बना हुआ है।
सुक्खू सरकार पर तीखा हमला
ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कर्मचारी-हितैषी होने का दावा करने के बावजूद सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को विरोध प्रदर्शन के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा है। उन्होंने कहा कि जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (JBT) शिक्षक कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के पास उनकी शिकायतें सुनने का समय नहीं है।
ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने गांधी जयंती के अवसर पर 'मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना' शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन इसे लागू नहीं कर पाए। इस पर सुक्खू सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पार्टी नेतृत्व और आंतरिक कलह पर दावे
ठाकुर ने दावा किया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी मुख्यमंत्री को गंभीरता से नहीं ले रहे और केंद्रीय नेतृत्व के पास समय की कमी के कारण कई कार्यक्रम और योजनाएँ बार-बार स्थगित की जा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का ध्यान विकास कार्यों की बजाय अपने करीबी सहयोगियों तक सीमित है।
गौरतलब है कि इन्हीं आरोपों के बीच कांग्रेस के कई मंत्री अपनी शिकायतें पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष रखने के लिए दिल्ली जाते रहे हैं — जो हिमाचल कांग्रेस के भीतर जारी तनाव की ओर इशारा करता है। आने वाले दिनों में इन राजनीतिक समीकरणों का असर राज्य की नीति और बजट प्राथमिकताओं पर पड़ सकता है।