उत्तर प्रदेश एटीएस ने पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर साजिश करने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़
सारांश
Key Takeaways
- गिरोह ने देश में आतंक फैलाने की साजिश रची थी।
- चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
- गिरोह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़ा था।
- गिरोह ने महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी की थी।
- एटीएस ने समय रहते कार्रवाई की।
लखनऊ, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश एटीएस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर भारत में आतंक और दहशत फैलाने की योजना बना रहा था। इस गिरोह का मुख्य लक्ष्य देश के महत्वपूर्ण संस्थानों, रेलवे संपत्तियों और राजनीतिक व्यक्तियों को निशाना बनाकर नुकसान पहुंचाना था।
एटीएस ने इस मामले में मेरठ के निवासी सरगना शाकिब के अलावा विकास गहलावत, लोकेश और अरबाब को गिरफ्तार किया है। जांच में यह सामने आया है कि यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था। शाकिब, जो पेशे से नाई है, इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए न केवल पाकिस्तान बल्कि अफगानिस्तान के कुछ संदिग्ध नंबरों और कट्टरपंथी समूहों से भी जुड़ा था।
गिरोह के सदस्य गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ जैसे विभिन्न शहरों में महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी करते थे। वे प्रतिष्ठित संस्थानों, वाहनों और रेलवे सिग्नल बॉक्स की जानकारी जुटाकर अपने हैंडलर्स को भेजते थे। इसके बाद इन स्थानों को निशाना बनाने की साजिश तैयार की जाती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कुछ जगहों पर आगजनी की छोटी घटनाओं को अंजाम दिया और उनके वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे। इसके बदले में उन्हें क्यूआर कोड के जरिए पैसे मिलते थे।
यह गिरोह रेलवे सिग्नल बॉक्स को नष्ट करने, गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों में आग लगाने और राजनीतिक व्यक्तियों को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहा था। उनका उद्देश्य देश में भय का माहौल पैदा करना और आर्थिक क्षति पहुंचाना था।
एटीएस को सूचना मिलने पर टीम ने लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास कार्रवाई की और आरोपियों को योजना को अंजाम देने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से ज्वलनशील पदार्थ से भरा एक केन, सात स्मार्टफोन और 24 पंफलेट बरामद किए गए।
फिलहाल, एटीएस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि इस साजिश से जुड़े अन्य लोगों और विदेशी कनेक्शन का पता लगाया जा सके।