कालेश्वरम में सरस्वती अंत्य पुष्करलु शुरू: 12 दिन, 20-30 लाख श्रद्धालुओं का अनुमान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कालेश्वरम में सरस्वती अंत्य पुष्करलु शुरू: 12 दिन, 20-30 लाख श्रद्धालुओं का अनुमान

सारांश

तेलंगाना में पहली बार आयोजित हो रहा सरस्वती अंत्य पुष्करलु महोत्सव कालेश्वरम के दुर्लभ त्रिवेणी संगम पर 21 मई को शुरू हुआ। 12 दिनों तक चलने वाले इस पवित्र आयोजन में 20 से 30 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

सरस्वती अंत्य पुष्करलु का शुभारंभ 21 मई 2025 को कालेश्वरम , तेलंगाना में हुआ।
कांची मठ के पुजारी शंकर विजयेंद्र सरस्वती ने सुबह 5:43 बजे प्रथम पवित्र स्नान किया।
यह 12 दिवसीय उत्सव 1 जून 2025 तक चलेगा; 20 से 30 लाख श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान।
कालेश्वरम में गोदावरी, प्राणहिता और सरस्वती नदियों का दुर्लभ त्रिवेणी संगम — भारत में ऐसे केवल दो स्थान।
रेवंत रेड्डी ने भव्य आयोजन का आह्वान किया; जिला प्रशासन ने सुरक्षा, चिकित्सा और परिवहन की पूरी व्यवस्था की।

तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली जिले के कालेश्वरम में 21 मई 2025 को सरस्वती अंत्य पुष्करलु का भव्य शुभारंभ हुआ, जब कांची मठ के पुजारी शंकर विजयेंद्र सरस्वती ने प्रथम पवित्र स्नान किया। 21 मई से 1 जून तक चलने वाले इस 12 दिवसीय धार्मिक महोत्सव में अधिकारियों को 20 से 30 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि तेलंगाना में यह आयोजन पहली बार हो रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

सुबह 5:43 बजे हुए प्रथम पवित्र स्नान में तेलंगाना के बंदोबस्ती मंत्री कोंडा सुरेखा, सूचना प्रौद्योगिकी एवं उद्योग मंत्री दुडिल्ला श्रीधर बाबू और उनकी पत्नी सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। इसके अतिरिक्त, विधायक गंद्रा सत्यनारायण राव, मालरेड्डी रंगारेड्डी, बंदोबस्ती विभाग के आयुक्त हनुमंत राव, जिला कलेक्टर राहुल शर्मा और धार्मिक सलाहकार गोविंदा हरि ने भी इस पावन स्नान में भाग लिया।

कालेश्वरम का धार्मिक महत्व

मान्यता है कि सरस्वती नदी एक रहस्यमयी भूमिगत जलधारा है, जो कालेश्वरम में गोदावरी और प्राणहिता नदियों से संगम करती है। इस प्रकार यहाँ एक दुर्लभ त्रिवेणी संगम का निर्माण होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भारत में ऐसे केवल दो स्थान हैं — एक उत्तर प्रदेश का प्रयागराज और दूसरा यही कालेश्वरम। श्रद्धालुओं की आस्था है कि इस त्रिवेणी संगम में स्नान करने से पापों का नाश होता है और जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है।

सरकार की व्यवस्थाएँ और प्रशासन की तैयारी

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस उत्सव को पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाने का आह्वान किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यातायात प्रबंधन सुचारू रहे। तेज गर्मी के मद्देनज़र मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य सावधानियाँ बरतने की भी सलाह दी।

जिला कलेक्टर राहुल शर्मा ने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं ताकि इस शुभ अवसर पर श्रद्धालु आराम और सुरक्षा के साथ पुष्कर स्नान कर सकें। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा सेवाएँ और परिवहन की समुचित व्यवस्था की गई है।

आम श्रद्धालुओं पर असर

तेलंगाना सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कालेश्वरम पहुँच रहे हैं। यह आयोजन तेलंगाना में पहली बार हो रहा है, जो इसे ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष बनाता है। 1 जून 2025 तक चलने वाले इस महोत्सव में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस पैमाने पर पुष्करलु का आयोजन पहली बार हो रहा है — यह राज्य सरकार के लिए सांस्कृतिक कूटनीति का भी अवसर है। 20 से 30 लाख श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधन असली परीक्षा होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासनिक दावे ज़मीन पर कितने खरे उतरते हैं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सरस्वती अंत्य पुष्करलु क्या है और यह कहाँ मनाया जा रहा है?
सरस्वती अंत्य पुष्करलु एक हिंदू धार्मिक महोत्सव है जिसमें पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है। यह 21 मई से 1 जून 2025 तक तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली जिले के कालेश्वरम में आयोजित हो रहा है, जहाँ गोदावरी, प्राणहिता और सरस्वती नदियों का त्रिवेणी संगम है।
कालेश्वरम का त्रिवेणी संगम इतना खास क्यों माना जाता है?
कालेश्वरम में सरस्वती नदी (एक भूमिगत जलधारा), गोदावरी और प्राणहिता का संगम होता है। मान्यता है कि भारत में ऐसे केवल दो स्थान हैं जहाँ त्रिवेणी संगम बनता है — एक प्रयागराज और दूसरा कालेश्वरम। इस संगम में स्नान को पाप-नाशक और मोक्षदायक माना जाता है।
इस उत्सव में कितने श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है?
अधिकारियों के अनुसार 12 दिवसीय इस महोत्सव में लगभग 20 से 30 लाख श्रद्धालु शामिल होंगे। तेलंगाना के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए क्या व्यवस्थाएँ की हैं?
जिला कलेक्टर राहुल शर्मा के अनुसार सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, चिकित्सा सेवाएँ और परिवहन की पूरी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो और यातायात सुचारू रहे।
पुष्करलु उत्सव कब से कब तक चलेगा?
सरस्वती अंत्य पुष्करलु 21 मई 2025 से शुरू होकर 1 जून 2025 तक चलेगा। यह तेलंगाना में इस पैमाने पर पहली बार आयोजित हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले