तेलंगाना में कुंभ मेले की तर्ज पर भव्य 'गोदावरी पुष्करालु' का आयोजन

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तेलंगाना में कुंभ मेले की तर्ज पर भव्य 'गोदावरी पुष्करालु' का आयोजन

सारांश

तेलंगाना सरकार ने 'गोदावरी पुष्करालु' को कुंभ मेले के समान भव्य तरीके से आयोजित करने की योजना बनाई है। इस आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी की उम्मीद है।

Key Takeaways

  • गोदावरी पुष्करालु का आयोजन कुंभ मेले की तर्ज पर होगा।
  • इसमें लगभग आठ करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
  • 96 महत्वपूर्ण स्थानों की पहचान की गई है।
  • विभिन्न बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
  • प्रशासन ने उच्च गुणवत्ता की व्यवस्थाओं पर जोर दिया है।

हैदराबाद, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राज्य मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने मंगलवार को बताया कि तेलंगाना सरकार 'गोदावरी पुष्करालु' का आयोजन कुंभ मेले की तर्ज पर भव्य व्यवस्थाओं के साथ करेगी, जो तेलंगाना की सांस्कृतिक पहचान और भावना को दर्शाएगी।

डॉ. बीआर अंबेडकर तेलंगाना सचिवालय में आयोजित 'गोदावरी पुष्करालु-2027' पर कैबिनेट उप-समिति की पहली बैठक में, अधिकारियों को स्थायी अवसंरचना निर्माण कार्यों को शुरू करने का निर्देश दिया गया।

समिति ने पुष्करम के कार्यक्रम, विभागीय तैयारियों और भविष्य के कार्यों की रूपरेखा की समीक्षा की।

वैदिक विद्वानों के अनुसार, आदि पुष्करम 26 जून से 7 जुलाई 2027 तक और अंत्य पुष्करम 13 जुलाई से 24 जुलाई 2028 तक आयोजित किए जाएंगे।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मंत्रियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली 'जनता की सरकार' ने सरस्वती पुष्करालु और सम्मक्का-सरलम्मा जतारा का सफल आयोजन किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि गोदावरी पुष्करालु का आयोजन और भी बड़े पैमाने पर और कुशलता से किया जाएगा।

पुष्करम में लगभग आठ करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। इसके लिए, गोदावरी नदी के किनारे स्थित महत्वपूर्ण मंदिरों को जोड़ने वाले 96 स्थानों की पहचान की गई है।

पिछले पुष्करमों के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए, सरकार स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप घाटों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए राज्य और जिला स्तर पर अलग-अलग योजनाएं तैयार कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) इस महीने के अंत तक पूरी हो जाएंगी। पहले चरण में, नौ अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों को 'टियर-1' क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है, जहां युद्धस्तर पर कार्य शुरू किया जाएगा। बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए, सरकार विभागवार नोडल अधिकारियों के साथ-साथ पुष्करमों के लिए एक विशेष अधिकारी की नियुक्ति करेगी।

अधिकारियों ने बताया कि घाटों पर यातायात प्रबंधन, आपातकालीन पहुंच मार्गों, उन्नत चिकित्सा सुविधाओं और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि व्यवस्थाओं में कोई समझौता नहीं किया जाएगा और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की कमी से बचने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे और सावधानीपूर्वक योजना सुनिश्चित करें।

Point of View

सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
NationPress
10/03/2026

Frequently Asked Questions

गोदावरी पुष्करालु कब आयोजित होगा?
गोदावरी पुष्करालु का आयोजन 26 जून से 7 जुलाई 2027 और 13 जुलाई से 24 जुलाई 2028 तक होगा।
इस आयोजन में कितने श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है?
इस आयोजन में लगभग आठ करोड़ श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
सरकार ने इस आयोजन के लिए कौन से विशेष प्रबंध किए हैं?
सरकार घाटों, सड़कों और बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए अलग-अलग योजनाएं तैयार कर रही है।
कौन से स्थान इस कार्यक्रम में शामिल होंगे?
गोदावरी नदी के किनारे स्थित महत्वपूर्ण मंदिरों को जोड़ने वाले 96 स्थानों की पहचान की गई है।
पुष्करम के आयोजन का उद्देश्य क्या है?
पुष्करम का आयोजन तेलंगाना की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक भावनाओं को प्रकट करने के लिए किया जा रहा है।
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