तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने 'गोदावरी पुष्करम' के लिए घाटों के विकास का निर्देश दिया
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री ने घाटों के विकास के लिए निर्देश दिए।
- बसारा से भद्राचलम तक गोदावरी नदी बेसिन का विकास।
- पुष्करम की तैयारियों के लिए योजना बनाई गई।
- समन्वय के लिए 'वॉर रूम' स्थापित करने का आदेश।
- जरूरतमंद स्थानों की पहचान हेतु इंजीनियरों की समिति।
हैदराबाद, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार को अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अगले वर्ष आयोजित होने वाले 'गोदावरी पुष्करम' के लिए प्रमुख मंदिरों और पर्यटन स्थलों पर घाटों के विस्तार के उपाय करें।
मुख्यमंत्री ने बसारा से भद्राचलम तक फैले गोदावरी नदी बेसिन में स्थित प्रमुख मंदिरों तथा पुष्कर घाटों के विकास योजनाओं पर चर्चा करने के लिए एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में गोदावरी पुष्करम के लिए निर्धारित कार्यों पर चर्चा की गई जो जून 2027 तक पूरा किया जाना है।
अधिकारियों ने पुष्करम की तैयारियों के लिए तैयार की गई योजनाओं का पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई सुझाव दिए।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को उचित स्थानों की पहचान करने के लिए तकनीकी इंजीनियरों की एक समिति बनाने का निर्देश दिया।
उन्होंने इस समिति को स्थलीय दौरे करने और 15 से 20 दिनों के भीतर अधिकारियों की समिति को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंजीनियरों की समिति की रिपोर्ट की जांच करने के बाद अधिकारियों की समिति को उसे कैबिनेट उप-समिति को भेजना होगा।
उन्होंने यह भी सलाह दी कि योजनाओं को इस प्रकार तैयार किया जाए कि स्थायी और अस्थायी दोनों कार्यों को प्राथमिकता दी जा सके।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय की कमी को रोकने के लिए प्रजा भवन में एक समर्पित 'वॉर रूम' स्थापित करने का आदेश दिया।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सड़क अवसंरचना और विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क में कोई समस्या न आए, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।
बैठक के दौरान, अधिकारियों ने बसारा स्थित श्री ज्ञान सरस्वती मंदिर के विकास और विस्तार का मास्टर प्लान मुख्यमंत्री के समक्ष पेश किया।
मुख्यमंत्री ने मास्टर प्लान के संबंध में अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।