आंध्र प्रदेश में गोदावरी पुष्करालु 2027 की तैयारियों का आरंभ, मंत्री ने कार्यों की आधारशिला रखी
सारांश
Key Takeaways
- गोदावरी पुष्करालु 2027 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
- मंत्री अनम रामनारायण रेड्डी ने कार्यों की आधारशिला रखी।
- 10 करोड़ श्रद्धालुओं की उम्मीद है।
- 51.79 करोड़ रुपए की धनराशि मंदिरों के विकास के लिए स्वीकृत।
- यह आयोजन 26 जून से 7 जुलाई तक चलेगा।
अमरावती, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में रविवार को गोदावरी पुष्करालु 2027 की तैयारियों का औपचारिक आरंभ हुआ, जिसमें राज्य के बंदोबस्ती मंत्री अनम रामनारायण रेड्डी ने विभिन्न कार्यों की आधारशिला रखी।
उन्होंने बताया कि गोदावरी पुष्करालु 2027 के लिए कार्यों की आधिकारिक शुरुआत हो चुकी है।
मंत्री ने राजामहेंद्रवरम में पहले चरण के तहत 9.55 करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए भूमि पूजन और शिलान्यास समारोह में भाग लिया।
उनके साथ सांसद दग्गुबाती पुरंदेश्वरी, विधायक आदिरेड्डी श्रीनिवास, एमएलसी सोमू वीरराजू और अन्य प्रमुख लोग शामिल हुए।
इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि गोदावरी पुष्करालु की तैयारी को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों में मंदिरों के जीर्णोद्धार का कार्य पहले से चल रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी और कोनासीमा जिलों में 43 मंदिरों के विकास के लिए 51.79 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है।
मंत्री ने यह भी कहा कि पुष्करालु का आयोजन राज्य की प्रतिष्ठा का मामला है, इसलिए इसे त्रुटिहीन रूप से आयोजित करने की जिम्मेदारी सभी पर है।
उन्होंने बताया कि देश और विदेश से लगभग 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है और उनके ठहरने के लिए व्यापक बुनियादी ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, कोनासीमा, एलुरु और काकीनाडा जिलों में गोदावरी नदी के 212 किलोमीटर लंबे क्षेत्र में पवित्र स्नान की सुविधा के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से ये पुष्करालु सफलतापूर्वक आयोजित किए जाएंगे। यह उत्सव 26 जून से 7 जुलाई तक चलेगा।
रामनारायण रेड्डी ने कहा कि पुष्करालु के आयोजन के संबंध में अब तक तीन राज्य स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं। इनमें मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक, 12 मंत्रियों वाली उप-समिति की बैठक और मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रियों और सचिवों की उपस्थिति में हुई एक अन्य बैठक शामिल है।
उन्होंने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के अनुभव पर भरोसा जताया और कहा कि उनके नेतृत्व में तैयारियों की व्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है।
रामनारायण रेड्डी ने बताया कि राजामहेंद्रवरम शहर में 9.55 करोड़ रुपए की लागत से छह बंदोबस्ती संस्थानों के विकास कार्यों की शुरुआत करना एक महत्वपूर्ण पहल है।
मंत्री ने मंदिरों के पुनर्निर्माण की आधारशिला रखने को अपने लिए सौभाग्य समझा।
अधिकारियों को शेष कार्यों की पहचान करने, प्राथमिकता के आधार पर उन्हें निर्धारित करने, लागत अनुमान तैयार करने और प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
सांसद दग्गुबाती पुरंदेश्वरी ने कहा कि गोदावरी पुष्करालु पूरे देश में अत्यधिक आध्यात्मिक महत्व का एक भव्य त्योहार है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें तीर्थयात्रियों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निकट समन्वय में काम कर रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पुष्करालु को भव्य पैमाने पर आयोजित करने के लिए किए जा रहे उपाय विशेष रूप से मंदिरों के विकास और बुनियादी ढांचे के विस्तार के माध्यम से अत्यंत सराहनीय हैं।