राजस्थान में भीषण लू: श्रीगंगानगर 46.5°C के साथ सबसे गर्म, अगले 4 दिन येलो अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
मौसम विभाग ने 21 मई को राजस्थान के आधे से अधिक जिलों में अगले चार दिनों तक भीषण लू जारी रहने की चेतावनी दी है और 'येलो अलर्ट' घोषित किया है। पिछले 24 घंटों में श्रीगंगानगर 46.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, भरतपुर और कोटा संभागों के अधिकांश शहर लू की चपेट में रहे। फिलहाल इन भीषण तापमानों से राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है।
मुख्य तापमान आँकड़े
झुंझुनू के पिलानी में 45.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के साथ वह राज्य का दूसरा सबसे गर्म स्थान रहा। फलोदी और बीकानेर में 44.8 डिग्री सेल्सियस, चूरू में 44.5 डिग्री सेल्सियस, कोटा और अलवर में 44.2 डिग्री सेल्सियस तथा चित्तौड़गढ़ में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
दूसरी ओर, सिरोही में अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और प्रतापगढ़ में 39.6 डिग्री सेल्सियस रहा — ये उन गिने-चुने जिलों में शामिल हैं जहाँ तापमान 40 डिग्री के निशान से नीचे रहा। सिरोही में न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो पिछले 24 घंटों में पूरे राज्य में सबसे कम था।
शहर-दर-शहर हाल
जयपुर में बुधवार को तापमान में मामूली गिरावट के बावजूद अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 31.1 डिग्री सेल्सियस रहा। अलवर लगातार तीसरे दिन भी 45 डिग्री सेल्सियस के करीब तापमान की चपेट में रहा। अजमेर में अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शेखावाटी क्षेत्र, जिसमें सीकर जिला भी शामिल है, पिछले छह दिनों से लगातार लू की चपेट में है। बुधवार को सीकर में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा। यह ऐसे समय में आया है जब गर्म हवाओं और बढ़ते तापमान ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य जनजीवन को बाधित कर दिया है और दोपहर के समय सड़कें सुनसान नज़र आ रही हैं।
राहत और बचाव के उपाय
जयपुर में आमेर रोड पर जोरावर सिंह गेट के पास जमीन की सतह का तापमान कम करने के लिए लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है। अलवर नगर निगम ने सड़कों पर पानी का छिड़काव किया और पैदल चलने वालों एवं यात्रियों को छाया देने के लिए कई स्थानों पर टेंट लगाए। कोटा में पशु आश्रयों में जानवरों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए सुबह और शाम पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
आगे का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के आधे से अधिक हिस्सों में अगले तीन से चार दिन लू की स्थिति बनी रहेगी और तत्काल कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। गौरतलब है कि यह लू का दौर मई के तीसरे सप्ताह में आया है, जब उत्तर-पश्चिम भारत में पारा सामान्यतः अपने वार्षिक चरम पर होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, श्रीगंगानगर और बीकानेर जैसे रेगिस्तानी क्षेत्रों में लू की तीव्रता आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है।