राजस्थान में लू का कहर: अगले 2 दिन 16 जिलों में हीटवेव अलर्ट, बाड़मेर 44.1°C के साथ सबसे गर्म
सारांश
Key Takeaways
- IMD ने राजस्थान के 16 से अधिक जिलों में 25-26 अप्रैल तक भीषण लू का अलर्ट जारी किया है।
- बाड़मेर 44.1°C के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, कम से कम 24 शहरों में तापमान 40-44°C के बीच दर्ज हुआ।
- उत्तर-पश्चिमी जिलों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
- हनुमानगढ़ में रात का तापमान 31.2°C रहा — इस सीजन की सबसे गर्म रात।
- 27 अप्रैल के बाद पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से सीकर, चूरू, झुंझुनू, नागौर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश की संभावना।
- अलवर प्रशासन ने सड़कों पर पानी का छिड़काव कर तात्कालिक राहत देने की कोशिश की।
जयपुर, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजस्थान के 16 से अधिक जिलों में 25 और 26 अप्रैल को भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार इन दो दिनों में तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस और बढ़ सकता है, जिससे आम जनजीवन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि 27 अप्रैल के बाद एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव और राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है।
किन जिलों में जारी हुआ लू का अलर्ट?
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, करौली और बीकानेर समेत राज्य के कई जिलों के लिए हीटवेव अलर्ट सक्रिय है। राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटों में राज्य के कम से कम 24 शहरों में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। इस सीजन में बाड़मेर सबसे गर्म स्थान रहा, जहां पारा 44.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा। जयपुर में भी इस मौसम का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया।
बाड़मेर से लेकर हनुमानगढ़ तक — तापमान के नए रिकॉर्ड
अजमेर, टोंक, करौली, दौसा, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर, जालौर और पाली सहित कई शहरों में इस मौसम का अब तक का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया। हनुमानगढ़ में रात का न्यूनतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो इस सीजन की सबसे गर्म रात साबित हुई।
शुक्रवार को उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में चूरू, हनुमानगढ़, झुंझुनू और बीकानेर के ऊपर बादल छाए और शाम को धूल भरी हवाएं चलीं। हनुमानगढ़ के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई, लेकिन गर्मी से कोई खास राहत नहीं मिली।
प्रशासन की तैयारी और राहत उपाय
अलवर जिला प्रशासन ने बढ़ती गर्मी से निपटने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव करवाया, ताकि सतह का तापमान कम हो सके और नागरिकों को अस्थायी राहत मिल सके। स्वास्थ्य विभाग ने भी लू से बचाव के लिए जनता को दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की तात्कालिक राहत उपायों से अल्पकालिक सहायता तो मिलती है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के लिए हीट एक्शन प्लान और शहरी हरित आवरण में वृद्धि जरूरी है।
27 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ लाएगा राहत
IMD के अनुसार, 27 अप्रैल के बाद राज्य में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से लगभग 16 जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक के साथ आंधी और हल्की बारिश हो सकती है।
शनिवार को सीकर, चूरू, झुंझुनू और नागौर के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट पहले से जारी किया जा चुका है। यह मौसमी बदलाव राज्य में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी से बड़ी राहत दे सकता है।
राजस्थान में गर्मी का ऐतिहासिक संदर्भ और व्यापक चिंता
गौरतलब है कि राजस्थान प्रतिवर्ष अप्रैल-मई में देश के सर्वाधिक गर्म राज्यों में शामिल रहता है। IMD के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में राजस्थान में हीटवेव की घटनाओं की संख्या और तीव्रता दोनों में वृद्धि दर्ज की गई है, जो जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव का संकेत है।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि बढ़ती गर्मी केवल असुविधा नहीं, बल्कि किसानों, दिहाड़ी मजदूरों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए स्वास्थ्य आपातकाल बन सकती है। राज्य सरकार को हीट एक्शन प्लान को और प्रभावी बनाने की जरूरत है।
आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट की उम्मीद है, लेकिन मई के पहले सप्ताह में फिर से गर्मी लौटने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।