इमरान खान के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर की मांग: किरीट सोमैया ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने अभिनेता इमरान खान के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी करने की माँग करते हुए 13 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्रालय और ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन को पत्र लिखा है। सोमैया का कहना है कि 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए प्रदर्शन से जुड़ी एफआईआर की जाँच पूरी होने तक इमरान खान को देश छोड़ने से रोका जाए।
क्या है पूरा मामला
10 अक्टूबर 2026 को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर एक प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन में अभिनेता इमरान खान, उनकी पार्टनर लेखा वॉशिंगटन और उनकी कजिन जायन मैरी खान भी शामिल थीं। आयोजकों ने इस प्रदर्शन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली थी, जिसके चलते मुंबई पुलिस ने मौके पर 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया — जिनमें इमरान खान भी थे।
बाद में हिरासत में लिए गए सभी लोगों को छोड़ दिया गया। इस घटना के संबंध में मुंबई के गावदेवी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें इमरान खान का नाम भी शामिल है।
सोमैया के पत्र में मुख्य दलीलें
किरीट सोमैया ने गृह मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन को लिखे पत्र में दावा किया कि इमरान खान अमेरिका के नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड है। उनका तर्क है कि यदि जाँच पूरी होने से पहले इमरान देश छोड़ देते हैं, तो बयान दर्ज करने और आगे की कानूनी प्रक्रिया में गंभीर बाधा आ सकती है।
सोमैया ने पत्र में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की संबंधित धाराओं का हवाला देते हुए कहा कि इस कानून के तहत केंद्र सरकार कुछ परिस्थितियों में किसी विदेशी नागरिक के भारत छोड़ने पर रोक लगाने का आदेश दे सकती है। उन्होंने ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन से अनुरोध किया है कि यदि इमरान देश छोड़ने की कोशिश करें तो इसकी सूचना तत्काल गावदेवी पुलिस स्टेशन को दी जाए।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग वाला यह प्रदर्शन व्यापक राजनीतिक संदर्भ में हो रहा है। कथित तौर पर यह आयोजन विपक्षी दलों और नागरिक समाज समूहों से जुड़े व्यक्तियों ने किया था। ऐसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील प्रदर्शनों में किसी अभिनेता की भागीदारी और उसके बाद की कानूनी कार्रवाई ने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में सार्वजनिक प्रदर्शनों में अनुमति और पूर्व सूचना संबंधी नियमों के पालन को लेकर बहस तेज हो रही है। आलोचकों का कहना है कि LOC जैसी माँगें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर असर डाल सकती हैं, जबकि सोमैया का तर्क है कि यह केवल जाँच की अखंडता बनाए रखने के लिए है।
आगे क्या होगा
अब यह देखना होगा कि गृह मंत्रालय और ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन सोमैया की इस माँग पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। गावदेवी पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर की जाँच का दायरा और उसकी गति आने वाले दिनों में इस मामले की दिशा तय करेगी। इमरान खान या उनके प्रतिनिधियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।