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रामलीला मैदान रैली 'फ्लॉप शो' रही: तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव का दावा

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रामलीला मैदान रैली 'फ्लॉप शो' रही: तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव का दावा

सारांश

तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव ने रामलीला मैदान की 'इंडिया' गठबंधन रैली को 'फ्लॉप शो' करार दिया — 10 लाख की भीड़ का दावा हवाई साबित हुआ, कुर्सियाँ खाली रहीं। साथ ही 1 नवंबर को — 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी पर — रैली आयोजित करने के फैसले पर भी कांग्रेस को घेरा।

मुख्य बातें

तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव ने 2 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान की 'इंडिया' गठबंधन रैली को 'फ्लॉप शो' बताया।
विपक्ष ने 10 लाख लोगों के आने का दावा किया था; राव के अनुसार कई कुर्सियाँ और मैदान का बड़ा हिस्सा खाली रहा।
'चलो दिल्ली' मार्च का नेतृत्व राहुल गांधी ने किया; ममता बनर्जी , तेजस्वी यादव , अखिलेश यादव समेत 23 दलों के नेता शामिल रहे।
रैली का मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियाँ थीं।
राव ने 1 नवंबर — 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी — को रैली की तारीख चुनने पर कांग्रेस की आलोचना की।

तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष रामचंद्र राव ने 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 23 दलों के 'इंडिया' गठबंधन की रैली को 'फ्लॉप शो' करार दिया। राव ने दावा किया कि विपक्ष उतनी भीड़ नहीं जुटा पाया, जितनी उसने पहले उम्मीद जताई थी, और मैदान का बड़ा हिस्सा खाली पड़ा रहा।

रैली पर BJP का आकलन

राव ने कहा, 'दिल्ली में 23 दलों की यह रैली पूरी तरह फ्लॉप रही। राहुल गांधी और अन्य नेताओं ने दावा किया था कि 10 लाख लोग आएंगे, लेकिन हमने देखा कि कई कुर्सियाँ खाली थीं और मैदान का आधा हिस्सा भी खाली पड़ा था।' उन्होंने आगे कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि जनता उन लोगों के साथ नहीं है 'जो देश से झूठ बोल रहे हैं'।

गौरतलब है कि रैली की भीड़ को लेकर किए गए ये दावे BJP की ओर से हैं और इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। विपक्षी दलों ने रैली को सफल बताया है।

रैली का उद्देश्य और मार्ग

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में यह 'चलो दिल्ली' मार्च मिंटो रोड-कनॉट प्लेस से शुरू होकर रामलीला मैदान पर समाप्त हुआ। रैली का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन था। राहुल गांधी के अलावा ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं ने वहाँ उपस्थित लोगों को संबोधित किया।

BJP का पलटवार और 1984 का सवाल

यह घटनाक्रम तब सामने आया जब नई दिल्ली में BJP और 'इंडिया' गठबंधन ने एक-दूसरे के खिलाफ मार्च निकाले। BJP ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर अपना मार्च आयोजित किया और कांग्रेस के नेतृत्व वाली 'चलो दिल्ली' रैली के समय पर सवाल उठाए।

राव ने कटाक्ष करते हुए पूछा कि जब 1 नवंबर का दिन 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी के रूप में शोक का दिन माना जाता है, तो कांग्रेस ने इसी तारीख को रैली क्यों चुनी। उन्होंने यह भी कहा कि दीपावली नज़दीक होने से व्यापारियों को भी असुविधा हुई।

चुनाव आयोग पर विवाद

राव ने आरोप लगाया कि 'इंडिया' गठबंधन के पास मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है और यह विरोध 'सिर्फ जुबानी दावों' पर आधारित है। विपक्ष ने जवाबी तर्क में मतदाता सूचियों में अनियमितताओं के कथित दस्तावेज़ी प्रमाण पेश करने का दावा किया है, हालाँकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है।

आगे की राजनीतिक तस्वीर

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और दोनों पक्ष जन-समर्थन का प्रदर्शन करने में जुटे हैं। भीड़ के आकलन पर परस्पर विरोधी दावों के बीच यह सवाल बना हुआ है कि रामलीला मैदान की रैली विपक्षी एकता का कितना सटीक पैमाना बन पाई।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस एकजुटता में है जो 23 विविध दलों को एक मंच पर टिकाए रखे। दूसरी ओर, BJP का 1984 की बरसी वाला तर्क चतुर है — वह रैली के संदेश को उसकी तारीख से काटने की कोशिश है। मुख्यधारा की कवरेज भीड़ के दावों में उलझ गई, जबकि असली सवाल यह है कि चुनाव आयोग की साख पर इस टकराव का दीर्घकालिक असर क्या होगा।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामलीला मैदान में 'इंडिया' गठबंधन की रैली क्यों आयोजित की गई?
'इंडिया' गठबंधन ने यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में आयोजित की। 'चलो दिल्ली' मार्च मिंटो रोड-कनॉट प्लेस से शुरू होकर रामलीला मैदान पर खत्म हुआ।
तेलंगाना BJP अध्यक्ष रामचंद्र राव ने रैली को 'फ्लॉप' क्यों बताया?
राव ने दावा किया कि विपक्ष ने 10 लाख लोगों के आने की उम्मीद जताई थी, लेकिन कई कुर्सियाँ खाली रहीं और मैदान का आधा हिस्सा भी नहीं भरा। यह दावा BJP की ओर से है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
BJP ने रैली की तारीख 1 नवंबर पर आपत्ति क्यों जताई?
BJP ने आरोप लगाया कि 1 नवंबर 1984 के सिख-विरोधी दंगों की बरसी है और इस शोक-दिवस पर कांग्रेस का रैली आयोजित करना संवेदनहीनता है। राव ने कहा कि दीपावली की नजदीकी से व्यापारियों को भी असुविधा हुई।
रैली में कौन-कौन से विपक्षी नेता शामिल हुए?
राहुल गांधी, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और अखिलेश यादव समेत 'इंडिया' गठबंधन के 23 दलों के नेताओं ने रामलीला मैदान में उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग का आधार क्या है?
'इंडिया' गठबंधन ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के दस्तावेज़ी प्रमाण पेश करने का दावा किया है। BJP के राव ने इसे 'सिर्फ जुबानी दावा' बताया, जबकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है।
राष्ट्र प्रेस
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