अमित शाह ने हैदराबाद के भाग्यलक्ष्मी मंदिर में की पूजा, BJP की 'महा पदयात्रा' का किया नेतृत्व
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2 नवंबर 2026 को हैदराबाद पहुँचते ही सबसे पहले ऐतिहासिक चारमीनार के निकट स्थित भाग्यलक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रव्यापी अभियान 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता दूर करो' के तहत आयोजित 'महा पदयात्रा' का नेतृत्व किया।
मंदिर दर्शन और स्वागत
शाह के साथ मंदिर दर्शन में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव उपस्थित रहे। इससे पहले बेगमपेट हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जहाँ केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी, बंदी संजय कुमार, रामचंद्र राव तथा BJP सांसदों और वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने उन्हें अगवानी की।
महा पदयात्रा: मार्ग और उद्देश्य
यह पदयात्रा बशीरबाग स्थित बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से आरंभ होकर मोअज्जम जाही बाजार तक निकाली गई। BJP ने इसे इंडिया ब्लॉक द्वारा चलाए जा रहे एसआईआर-विरोधी अभियान के प्रतिकार के रूप में आयोजित किया। पार्टी नेताओं ने आम जनता से लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के लिए इस मार्च में शामिल होने की अपील की।
गृह मंत्री ने मोअज्जम जाही मार्केट में नुक्कड़ सभा को भी संबोधित किया। रिपोर्टों के अनुसार उनसे यह अपेक्षा थी कि वे रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया ब्लॉक की रैली में BJP पर किए गए हमलों का जवाब देंगे।
रामचंद्र राव का एक्स पोस्ट
तेलंगाना BJP अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्होंने भाग्यलक्ष्मी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की, ताकि देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही शक्तियों से लड़ने का संबल मिल सके।
कांग्रेस और रेवंत रेड्डी पर BJP का हमला
राव ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, 'तेलंगाना कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगा क्योंकि कांग्रेस ने हमारे देश को अराजकता में धकेलने की कोशिश की है।' उन्होंने यह भी कहा, 'हमारा देश राहुल गांधी की दंगा भड़काने वाली राजनीति से नहीं बल्कि संविधान और जनता के जनादेश से चलेगा।'
BJP नेता ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की रविवार की दिल्ली रैली में भागीदारी की आलोचना करते हुए कहा कि जहाँ तेलंगाना गंभीर जल संकट से जूझ रहा है, वहाँ मुख्यमंत्री और उनका प्रशासन निष्क्रिय बना हुआ है। उन्होंने कहा, 'सीएम रेवंत रेड्डी का पूरा ध्यान रामलीला मैदान रैली को सफल बनाने पर था, लेकिन वह पूरी तरह विफल रही।'
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब BJP और इंडिया ब्लॉक के बीच एसआईआर मुद्दे पर सियासी टकराव तेज हो रहा है। गौरतलब है कि तेलंगाना में 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद से BJP अपनी पैठ मज़बूत करने में जुटी है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के अभियान और अधिक आक्रामक होने की संभावना है।