2 नवंबर 2026
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तमिलनाडु GST कलेक्शन पर अन्नामलाई का हमला, TVK सरकार की वित्तीय नीतियों पर उठाए गंभीर सवाल

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तमिलनाडु GST कलेक्शन पर अन्नामलाई का हमला, TVK सरकार की वित्तीय नीतियों पर उठाए गंभीर सवाल

सारांश

भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने तमिलनाडु के GST आंकड़ों को लेकर TVK सरकार को घेरा — 6 महीनों की गिरावट के बाद अक्टूबर में भी वृद्धि 10% से कम रही। मैन्युफैक्चरिंग GVA में डेढ़ दशक से ठहराव और पूंजीगत व्यय में सुस्ती को लेकर उन्होंने राज्य की आर्थिक दिशा पर गंभीर सवाल खड़े किए।

मुख्य बातें

अन्नामलाई ने 2 नवंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट करके TVK सरकार के GST कलेक्शन पर सवाल उठाए।
पिछले 6 महीनों की गिरावट के बाद अक्टूबर 2026 में GST वृद्धि सिंगल डिजिट यानी 10% से कम रही।
तमिलनाडु में देश की 15.43% फैक्ट्रियाँ हैं, लेकिन राष्ट्रीय मैन्युफैक्चरिंग GVA में हिस्सेदारी केवल 10.26% है।
डेढ़ दशक पहले मैन्युफैक्चरिंग GVA हिस्सेदारी 10.3% थी — तब से कोई खास सुधार नहीं।
अन्नामलाई ने कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और हरियाणा से तुलना करते हुए कहा कि समान आर्थिक आकार के ये राज्य मजबूत GST ग्रोथ दिखा रहे हैं।
उन्होंने पूंजीगत व्यय की विभागीय निगरानी बढ़ाने और चक्रीय अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने का सुझाव दिया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तमिलनाडु इकाई के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने 2 नवंबर 2026 को राज्य के जीएसटी (GST) कलेक्शन आंकड़ों को लेकर TVK सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि पिछले 6 महीनों के राजस्व आंकड़े राज्य की अर्थव्यवस्था और सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

GST आंकड़ों पर क्या बोले अन्नामलाई

अन्नामलाई ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अक्टूबर 2026 में जीएसटी राजस्व में बढ़ोतरी ज़रूर देखी गई, लेकिन यह वृद्धि 10 प्रतिशत से कम यानी सिंगल डिजिट में रही। उनके अनुसार, कई महीनों की गिरावट के बाद यह मामूली सुधार काफी चिंताजनक है।

उन्होंने इस पर विशेष ज़ोर दिया कि यह स्थिति तब है जब तमिलनाडु में त्योहारी सीजन सक्रिय था, स्कूलों में लंबी छुट्टियाँ थीं, पर्यटन में उछाल था और आर्थिक गतिविधियाँ तेज थीं। ऐसे अनुकूल माहौल में भी राजस्व वृद्धि सिंगल डिजिट में रहना, उनके अनुसार, चिंताजनक संकेत है।

अन्य राज्यों से तुलना

अन्नामलाई ने कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों की आर्थिक गतिविधियाँ तमिलनाडु के समकक्ष हैं, फिर भी ये राज्य लगातार मजबूत GST ग्रोथ दर्ज कर रहे हैं। उन्होंने सरकार को यह भी सुझाव दिया कि पोस्ट-सेटलमेंट राजस्व की बढ़त को तर्क के रूप में न पेश किया जाए, क्योंकि IGST सेटलमेंट की प्रक्रिया कोई नई बात नहीं है और तुलना पिछले साल व इस साल के आंकड़ों के बीच की जा रही है।

पूंजीगत व्यय पर चिंता

BJP नेता ने TVK सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत व्यय) की विभागीय निगरानी से शुरुआत की जाए। उनके अनुसार, आम धारणा यह है कि पिछले 6 महीनों में राज्य के कई विभागों में पूंजीगत व्यय धीमा पड़ गया है, जिससे सरकारी खर्च से बनने वाली चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) बाधित हो रही है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की स्थिति

अन्नामलाई ने मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के आंकड़े भी पेश किए। उनके अनुसार, तमिलनाडु देश में कुल फैक्ट्रियों की संख्या के मामले में पहले स्थान पर है और देश की 15.43 प्रतिशत फैक्ट्रियाँ यहाँ हैं। हालाँकि, ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) के आधार पर राज्य का योगदान केवल 10.26 प्रतिशत है, जो इसे राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर रखता है।

उन्होंने यह भी बताया कि डेढ़ दशक पहले राष्ट्रीय मैन्युफैक्चरिंग GVA में तमिलनाडु की हिस्सेदारी 10.3 प्रतिशत थी और तब से इसमें कोई खास बदलाव नहीं आया है। इस बीच जो राज्य कभी तमिलनाडु से पीछे थे, वे अब इस अंतर को तेज़ी से कम कर रहे हैं — यह प्रतिस्पर्धात्मक पिछड़ेपन का स्पष्ट संकेत है।

योजना आयोग की रिपोर्टों पर टिप्पणी

अन्नामलाई ने अंत में कहा कि राज्य योजना आयोग द्वारा तैयार की गई क्षेत्रीय असंतुलन की रिपोर्टें अपने आप समस्याओं का समाधान नहीं करतीं — ये केवल यथास्थिति का दर्पण हैं। उनके अनुसार, इन रिपोर्टों को नीतिगत कार्रवाई में बदलने की ज़रूरत है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे जोर पकड़ रही हैं और राज्य की आर्थिक सेहत एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनती दिख रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि प्रतिस्पर्धी राज्य आगे निकल रहे हैं। त्योहारी सीजन और पर्यटन-उछाल के बावजूद GST वृद्धि का सिंगल डिजिट में रहना, पूंजीगत व्यय की सुस्ती की आशंका को और पुख्ता करता है। हालाँकि TVK सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक खंडन नहीं आया है, इसलिए यह आँकड़े एकपक्षीय परिप्रेक्ष्य में हैं और स्वतंत्र सत्यापन ज़रूरी है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है, वह यह है कि यदि पूंजीगत व्यय वाकई धीमा हुआ है, तो इसका असर सिर्फ GST तक सीमित नहीं रहेगा — यह रोज़गार, आपूर्ति श्रृंखला और स्थानीय उद्योगों पर भी पड़ेगा।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

के. अन्नामलाई ने तमिलनाडु GST कलेक्शन पर क्या आरोप लगाए हैं?
अन्नामलाई ने कहा है कि पिछले 6 महीनों में तमिलनाडु का GST राजस्व कमज़ोर रहा है और अक्टूबर 2026 में आई बढ़ोतरी भी 10% से कम यानी सिंगल डिजिट में है। उन्होंने यह बात एक्स पर पोस्ट करते हुए TVK सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।
तमिलनाडु के मैन्युफैक्चरिंग GVA में क्या समस्या है?
अन्नामलाई के अनुसार, तमिलनाडु में देश की 15.43% फैक्ट्रियाँ हैं, फिर भी राष्ट्रीय मैन्युफैक्चरिंग GVA में राज्य की हिस्सेदारी केवल 10.26% है। डेढ़ दशक पहले यह आंकड़ा 10.3% था — यानी लंबे समय से कोई वास्तविक सुधार नहीं हुआ, जबकि अन्य राज्य अंतर कम कर रहे हैं।
अन्नामलाई ने TVK सरकार को क्या सुझाव दिए हैं?
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार सभी विभागों में पूंजीगत व्यय की निगरानी बढ़ाए ताकि सरकारी खर्च से बनने वाली चक्रीय अर्थव्यवस्था पुनर्जीवित हो सके। उनके अनुसार, पूंजीगत व्यय में सुस्ती ही GST राजस्व की कमज़ोरी की एक बड़ी वजह हो सकती है।
अन्य राज्यों की तुलना में तमिलनाडु का GST प्रदर्शन कैसा है?
अन्नामलाई के दावे के अनुसार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और हरियाणा — जिनकी आर्थिक गतिविधियाँ तमिलनाडु के समकक्ष हैं — लगातार मजबूत GST ग्रोथ दर्ज कर रहे हैं। इसके मुकाबले तमिलनाडु का प्रदर्शन कमज़ोर बताया जा रहा है।
TVK सरकार ने अन्नामलाई के आरोपों पर क्या कहा?
अब तक TVK सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अन्नामलाई की यह टिप्पणी एक्स पर पोस्ट के रूप में आई है और सरकारी खंडन की प्रतीक्षा है।
राष्ट्र प्रेस
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