दिनाकरन ने राज्यपाल के अभिभाषण को बताया 'सोने का पानी चढ़ा टिन', TVK सरकार पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
एएमएमके के महासचिव टीटीवी. दिनाकरन ने 18 जून 2026 को तमिलनाडु की टीवीके (TVK) के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए विधानसभा में पेश किए गए राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के नीतिगत अभिभाषण को 'सोने का पानी चढ़ा टिन' — यानी ऊपर से चमकदार, भीतर से खोखला — करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाषण राज्य के वास्तविक मुद्दों को संबोधित करने में पूरी तरह विफल रहा और शासन की एक भ्रामक तस्वीर पेश करता है।
मुख्य घटनाक्रम
दिनाकरन ने एक्स (X) पर एक पोस्ट के ज़रिए यह आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा तैयार इस अभिभाषण में राज्य की स्वायत्तता, महिलाओं के कल्याण एवं सुरक्षा, सामाजिक न्याय, समान अवसर और समावेशी शासन जैसे उच्च आदर्शों का दावा किया गया — लेकिन ज़मीनी हकीकत से इसका कोई मेल नहीं है। उन्होंने यह भी नोट किया कि भाषण की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री सी.एन. अन्नादुरई के उद्धरण — 'लोग ही देश के असली मालिक हैं' — से की गई, जबकि आलोचकों के अनुसार सरकार ने अन्ना की व्यापक विरासत को चुनिंदा रूप से अपनाया है।
पुरानी माँगें, नया भाषण — कोई बदलाव नहीं
दिनाकरन ने तर्क दिया कि अभिभाषण में शामिल कई माँगें — मद्रास उच्च न्यायालय में तमिल को कार्यवाही की भाषा बनाना, चेन्नई में सर्वोच्च न्यायालय की पीठ स्थापित करना, शिक्षा को समवर्ती सूची से राज्य सूची में स्थानांतरित करना, मछुआरों की समस्याओं का स्थायी समाधान और नदियों को जोड़ना — पहले के राज्यपाल भाषणों से बिना किसी ठोस कार्ययोजना के महज़ कॉपी की गई हैं। उनका कहना है कि यह पुनरावृत्ति सरकार की इरादे की कमी को उजागर करती है।
जल विवाद और गठबंधन की चुप्पी पर सवाल
कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना और मुल्लापेरियार में नए बांध के लिए केरल की बार-बार की माँगों पर सरकार की कथित चुप्पी को लेकर भी दिनाकरन ने तीखी आलोचना की। उनके अनुसार यह मौन सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल कांग्रेस के प्रभाव का परिणाम है, जो तमिलनाडु के किसानों और जल अधिकारों के हितों को प्रभावित करता है।
महिला सुरक्षा और चुनावी वादों पर सवाल
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए दिनाकरन ने राज्य में हत्या, डकैती और महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराध की हालिया घटनाओं का हवाला दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, मुफ्त एलपीजी सिलेंडर और अन्य प्रमुख चुनावी वादे इस अभिभाषण में सिरे से गायब हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से अपील की कि वे सी.एन. अन्नादुरई और एम.जी. रामचंद्रन की शासन विरासत का अनुसरण करें।
आगे क्या
दिनाकरन की इस आलोचना ने तमिलनाडु की राजनीति में विपक्षी स्वर को और तेज़ कर दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार पर अपने चुनावी वादों को पूरा करने का दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि एएमएमके पहले भी टीवीके सरकार की नीतियों पर सवाल उठाती रही है, और यह ताज़ा हमला उस सिलसिले की एक और कड़ी है।