एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026: डच दिग्गज बोवेलैंडर बोले — हॉकी को विश्वस्तरीय बनाने में भारत की भूमिका अतुलनीय
सारांश
मुख्य बातें
डच हॉकी के महान 'ड्रैग फ्लिकर' फ्लोरिस जेन बोवेलैंडर ने 2 नवंबर 2026 को जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में चल रहे एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत ने हॉकी को वैश्विक स्तर पर नई ऊँचाइयाँ दिलाने में ऐतिहासिक योगदान दिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के व्यक्तिगत निमंत्रण पर जालंधर पहुँचे इस डच दिग्गज ने भारतीय और विशेष रूप से पंजाब के हॉकी खिलाड़ियों के साथ अपने गहरे संबंध को भी सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया।
मुख्यमंत्री के निमंत्रण पर जताई खुशी
वर्ल्ड कप 1990 और ओलंपिक गेम्स 1996 के स्वर्ण पदक विजेता बोवेलैंडर ने कहा, 'मैं यह जानकर हैरान और गर्व भी महसूस कर रहा था कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुझे याद रखा और इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का हिस्सा बनने के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया।' उन्होंने कहा कि यह निमंत्रण हॉकी के प्रति मुख्यमंत्री के अपार प्रेम का प्रमाण है और इसी वजह से उन्होंने जालंधर आने का निर्णय लिया।
भारत को बताया विश्व हॉकी का पावरहाउस
अक्टूबर 1985 से अगस्त 1996 तक के अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में नीदरलैंड के लिए 241 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर 215 गोल दागने वाले बोवेलैंडर ने भारत और पाकिस्तान को ओलंपिक हॉकी आंदोलन को वैश्विक पहचान दिलाने का श्रेय दिया। 'फ्लॉप', 'फ्लॉपी' और 'बूम बूम बोवेलैंडर' जैसे उपनामों से मशहूर इस डच खिलाड़ी ने कहा कि एशियाई देशों, विशेष रूप से भारत और पाकिस्तान ने इस खेल को दुनियाभर में लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पंजाब के खिलाड़ियों से जुड़ी हैं यादें
बोवेलैंडर ने कहा कि भारतीय हॉकी से जुड़ी उनकी अधिकांश यादें पंजाब के खिलाड़ियों, विशेष रूप से सिख खिलाड़ियों, से जुड़ी हैं। उनका मत है कि पंजाब के बिना भारतीय हॉकी की कल्पना करना असंभव है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पंजाब सरकार राज्य में हॉकी के बुनियादी ढाँचे को नई गति देने में जुटी है।
युवा खिलाड़ियों के साथ ड्रैग-फ्लिक प्रशिक्षण सत्र
इस यात्रा के दौरान बोवेलैंडर ने पंजाब के 37 कोचों और सुरजीत हॉकी एकेडमी के उभरते खिलाड़ियों के साथ एक संयुक्त प्रशिक्षण सत्र में सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने स्वयं हॉकी स्टिक पकड़कर हिट लगाए और युवा खिलाड़ियों से ड्रैग फ्लिक भी करवाई, साथ ही अपने व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव के आधार पर महत्वपूर्ण तकनीकी सुझाव भी साझा किए। इस अवसर पर ओलंपिक पदक विजेता गुरजंट सिंह, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता जीवनजोत सिंह तेजा और हॉकी कोच अवतार सिंह भी उपस्थित रहे।
सम्मान और आगामी कार्यक्रम
पंजाब के खेल विभाग ने बोवेलैंडर को खेल में उनके शानदार योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया। पंजाब से मिले भरपूर प्यार और आत्मीयता से प्रभावित बोवेलैंडर ने 4 और 5 नवंबर 2026 को मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में टूर्नामेंट के महत्वपूर्ण मैचों में भी शामिल होने की प्रतिबद्धता जताई। भारतीय हॉकी के भविष्य को लेकर उनका उत्साह इस बात का संकेत है कि वैश्विक हॉकी बिरादरी में भारत की साख लगातार मजबूत हो रही है।