अमित शाह के यूपी दौरे पर BJP प्रवक्ता आरपी सिंह बोले — योगी सरकार फिर बनेगी, कांग्रेस पर अराजकता का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने 28 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर प्रदेश दौरे, 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा और मौलाना अरशद मदनी के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि अगले विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता एक बार फिर BJP को समर्थन देगी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दोबारा कुर्सी पर बैठाएगी। सिंह के अनुसार, शाह का यह दौरा आगामी चुनावी तैयारियों की दृष्टि से रणनीतिक महत्व रखता है।
अमित शाह के यूपी दौरे का राजनीतिक संदर्भ
आरपी सिंह ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह BJP के प्रमुख रणनीतिकार हैं और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए उनके दौरों का सिलसिला शुरू हो गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रदेश की जनता भाजपा को अपना आशीर्वाद देगी। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है।
'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे। यह पदयात्रा नई दिल्ली के लाल किले से शुरू होकर MCD टाउन हॉल तक जाएगी। सिंह ने इसे जनता के बीच पार्टी की विचारधारा को पहुँचाने का माध्यम बताया।
कांग्रेस पर अराजकता फैलाने का आरोप
आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से देश में अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है और एक 'गैर-मुद्दे' को जानबूझकर विवाद का रूप दिया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग का हवाला देते हुए कहा कि आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट किया है कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। विशेष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दल इस मामले को राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने के औजार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।
मौलाना मदनी के बयान और मुस्लिम कल्याण पर BJP का रुख
मौलाना अरशद मदनी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आरपी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मुस्लिम समुदाय को भी समान रूप से मिल रहा है। उन्होंने आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का उल्लेख किया।
सिंह के अनुसार, इन योजनाओं के लाभार्थियों में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी लगभग 30 से 34 प्रतिशत है, जबकि देश की कुल जनसंख्या में उनकी हिस्सेदारी करीब 14 से 15 प्रतिशत बताई जाती है। इस आधार पर उन्होंने तर्क दिया कि सरकारी योजनाओं में किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि अदालत किसी मामले में कोई आदेश देती है, तो सभी पक्षों को उसका पालन करना होगा।
क्या होगा आगे
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले वर्ष होने हैं और BJP नेतृत्व का बढ़ता हुआ सक्रियता स्तर इसी तैयारी का हिस्सा प्रतीत होता है। 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा और शाह के नियमित दौरे मिलकर पार्टी की चुनाव-पूर्व रणनीति की रूपरेखा तय कर रहे हैं। विपक्ष की प्रतिक्रिया और जमीनी समीकरण आने वाले महीनों में और स्पष्ट होंगे।